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स्मृति शेष: पीएम पद के लिए मोदी के नाम सर्वसम्मति बनाने में जेटली का सबसे ज्यादा योगदान, शाह के भी रहे भरोसेमंद

2014 में लोकसभा चुनाव के पहले जब मोदी को भाजपा ने प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने पर विचार किया तो यह बहुत आसान काम नहीं था। कहा जाता है कि जेटली ही वो चेहरा थे जिन्होंने वरिष्ठ और कनिष्ठ नेताओं को मोदी के नाम पर राजी किया। इतना ही नहीं, 2002 के गुजरात दंगों के बाद मोदी की कानूनी दिक्कतें दूर करने की जिम्मेदारी भी जेटली ने ही संभाली। 2010 में सोहराबुद्धीन शेख मामले में जमानत मिलने के बाद कोर्ट ने अमित शाह के गुजरात प्रवेश पर जब रोक लगा दी, तो शाह सबसे पहले जेटली के घर गए और मदद मांगी। जेटली के कानूनी प्रयासों की वजह से बाद में कोर्ट ने यह रोक हटा ली थी।  आगे पढ़ें

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एम्स में भर्ती अरुण जेटली की हालत नाजुक, देर रात शाह-योगी सहित कई नेता हाल जानने पहुंचे अस्पताल

जेटली का सॉफ्ट टिश्यू कैंसर का इलाज चल रहा था। वे इस बीमारी के इलाज के लिए 13 जनवरी को न्यूयॉर्क चले गए थे और फरवरी में वापस लौटे थे। जेटली ने अमेरिका से इलाज कराकर लौटने के बाद ट्वीट किया था- घर आकर खुश हूं। इससे पहले जेटली ने अप्रैल 2018 में भी दफ्तर जाना बंद कर दिया था। इसके बाद उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था। यहां उनका गुर्दा प्रत्यारोपण हुआ था। इसके बाद वे अगस्त से वापस दफ्तर जाने लगे थे। हालांकि, मई 2019 में उन्होंने मोदी से कह दिया था कि नई सरकार में वे शामिल नहीं हो पाएंगे। इसके बाद मोदी उनसे मिलने घर पहुंचे थे।  आगे पढ़ें

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वित्तमंत्री जेटली के स्वास्थ्य से जुड़ी खबरों को सरकार ने बताया आधारहीन, मीडिया को दी यह सलाह

राज्यसभा सदस्य स्वप्नदास गुप्ता ने ट्वीट करके बताया कि उन्होंने रविवार दोपहर जेटली से मुलाकात की। उन्होंने जेटली के साथ अपनी तस्वीर साझा करते हुए लिखा, 'जेटली के स्वास्थ्य से जुड़े सवाल स्वाभाविक हैं। वह लंबे समय तक चली दवाओं के असर से बाहर आ रहे हैं। उन्हें स्वस्थ होने के लिए कुछ आराम की जरूरत है।' रविवार को रिजर्व बैंक गवर्नर शशिकांत दास ने भी जेटली से मुलाकात की।  आगे पढ़ें

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वित्तमंत्री ने मायावती पर बोला हमला, कहा-अयोग्य हैं सार्वजनिक जीवन के लिए

अरुण जेटली ने सोमवार को कहा कि मायावती 'अब तक के सबसे निचले स्तर' पर हैं और वे सार्वजनिक जीवन के योग्य नहीं है। जेटली ने ट्वीट किया कि 'मायावती प्रधानमंत्री बनने की चाहत रखती हैं, लेकिन उनका गर्वनेंस, नैतिकता और संवाद अब तक के सबसे निम्न स्तर पर पहुंच गया है। उनका हाल ही में पीएम मोदी को लेकर दिया गया बयान साबित कहता है कि वे राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन के लायक नहीं है।'  आगे पढ़ें

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डिफेंस डील में वित्तमंत्री ने राहुल को घेरा, कहा- यूपीए शासन में गांधी के पार्टनर को मिला कॉर्पियन पनडुब्बी का कॉन्ट्रैक्ट

अरुण जेटली ने इस कंपनी पर लायजनिंग के आरोप लगाते हुए कहा, 'बैक आॅप्स का अर्थ होता है, बैक आॅफिस आपरेशंस। इसकी कोई मैन्युफैक्चरिंग कंपनी नहीं है, लेकिन यह एक लायजनिंग कंपनी थी। इसका उद्देश्य था, प्रभाव से काम कराना। उलरिक मैकनाइट पहले राहुल के सोशल गैंग के सदस्य थे। गोवा के सीनियर नेता फिलेरियो के वह दामाद हैं। उनकी पत्नी पत्रकार थीं। जो भारतीय कंपनी है, उसमें एक श्री मट्टू शामिल हैं, जो पूर्व विंग कमांडर थे।'  आगे पढ़ें

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वित्तमंत्री ने राहुल पर साधा निशाना, कहा- कांग्रेस 1971 के एजेंडे पर लड़ रही चुनाव

जेटली ने कहा कि राहुल गांधी में अब हार की निराशा दिखने लगी है, क्योंकि राफेल जेट सौदे और कारोबारियों के कर्ज माफी की फर्जी कहानी हवा हो गई है। चुनाव के दौरान कोई इन बातों को नहीं पूछ रहा। उनकी हताशा तब दिखाई देने लगी जब उन्होंने अरविंद केजरीवाल का खेल समझे बगैर दिल्ली में आम आदमी पार्टी को चार लोकसभा सीट आॅफर कर दीं।  आगे पढ़ें

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जेटली का दावा: कहा- बेहद चौंकाने वाले होंगे पश्चिम बंगाल और ओडिशा के परिणाम

वहीं बीजेपी के मीडिया प्रभारी और राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी ने कहा कि गुरुवार को पश्चिम बंगाल की जिन 5 सीटों पर वोटिंग हुई, उनमें से 4 सीटें बीजेपी जीतेगी। साथ ही उन्होंने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस बीजेपी के पक्ष में बहती हवा को देख आवेश में आ गई और उसके कार्यकर्ता बीजेपी के कैडर्स के प्रति हिंसक हो गए। बलूनी ने आगे कहा, 'उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में जहां हम 2014 का इतिहास दोहरा रहे हैं वहीं पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर में भी काफी लोकप्रिय हो रहे हैं। आज की पोलिंग का रुझान बीजेपी की तरफ है और इसके परिणाम चुनावी पंडितों को भी चौंका देंगे।'  आगे पढ़ें

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फिस्कल डेफिसिट और टैक्स रेट में कटौती जारी रहेगी: जेटली

जेटली ने कहा कि देश की जीडीपी ग्रोथ 7-7.5% के बीच स्थिर रही है और डोमेस्टिक कंजम्पशन किसी भी तरह के ग्लोबल ट्रेंड में बढ़ेगी। उन्होंने कहा, 'ग्लोबल लेवल पर कोई बूम नहीं है और न ही कोई सपोर्ट है। फिर भी हम 7-7.5% की रेंज में ग्रोथ हासिल करते रहे हैं और हमारी ग्रोथ अब इस लेवल पर स्टेबल हो गई है। हमें अब आगे बढ़ने की जरूरत है।' फाइनैंस मिनिस्टर ने कहा कि पिछले पांच साल में सरकार ने टैक्स रेट नहीं बढ़ाए हैं फिर भी कुछ मामलों में टैक्स बेस डबल हो गया है और टैक्स कलेक्शन में खासी बढ़ोतरी हुई है। जेटली ने कहा, 'जीएसटी लागू होने के बाद पिछले 20 महीनों में सीमेंट (अफोर्डेबिलिटी के चलते) को छोड़कर बाकी सभी कंजम्पशन आइटम्स का टैक्स रेट 28% से घटकर 18% और 12% वाले स्लैब में आ गया है। सीमेंट का भी टैक्स रेट घटने में ज्यादा देर नहीं है।'  आगे पढ़ें

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सैम पित्रोदा के बयान पर हमलावर हुई भाजपा, जेटली बोले- आतंक के खिलाफ बैकफुट पर नहीं खेलेगा भारत

जेटली ने साफ कहा, 'भारत की सिक्यॉरिटी डॉक्ट्रिन अब बदल गई है। आतंकवाद की जहां से उत्पत्ति होती है, अब हम वहां हमला करते हैं। यह उन लोगों के बीच वैचारिक लड़ाई है जो हरसंभव कदमों का इस्तेमाल कर भारत की रक्षा करना चाहते हैं या जो बंधे हाथों से भारत के लिए लड़ना चाहते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के करीबी सलाहकार पित्रोदा के बयान पर निशाना साधते हुए जेटली ने कहा, 'अगर गुरु (टीचर) की ऐसी सोच है तो कोई भी यह कल्पना कर सकता है कि उनके स्टूडेंट कैसे होंगे।'  आगे पढ़ें

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जेटली ने गांधी परिवार पर बोला तीखा हमला, कहा- फरेंसिक आडिट से पता चल जाएगा पूंजी निर्माण

जेटली ने कहा, राजनीतिक और वाणिज्यिक सौदे कराने वाले और अपना काम निपटा कर रातों-रात निकल लेने वाले आपको मनपसंद सौदों का सुख देते हैं। इसमें बहुत कम निवेश में कुछ खास लोगों को छप्पर फाड़ मुनाफा मिलता है ताकि वे अपने लिए पूंजी बना सकें। आगामी लोकसभा चुनावों के लिए बीजेपी की प्रचार समिति के प्रमुख नियुक्त किए गए जेटली ने अपने ब्लॉग में लिखा, राजनीतिक इक्विटी (अंशपूंजी) से सद्भावना पैदा की जाती है। इससे आप फैसलों को प्रभावित कर पाते हैं।  आगे पढ़ें

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