होम अमित शाह
jammu-kashmir-reservation-amendment-bill-to-be-pre

गृहमंत्री का जिम्मा संभाल रहे शाह संसद में आज पेश करेंगे जम्मू कश्मीर आरक्षण संशोधन विधेयक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल में गृहमंत्री का जिम्मा संभाल रहे अमित शाह आज लोकसभा में जम्मू कश्मीर आरक्षण संशोधन विधेयक पेश करेंगे। ये उनका लोकसभा में पहला बिल होगा। एनडीए की दूसरी बार सरकार बनने के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह सरकार में नई भूमिका में नजर आ रहे हैं। ऐसे में उनके इस बिल पर सबकी निगाहें भी जमी हुई है। यह बिल पूर्व में विधेयक के तौर पर लागू हो चुका है, ऐसे में अमित शाह सदन में इस बिल के महत्व के बारे में भी बोलेंगे।  आगे पढ़ें

rahul-bhajpa-bhadki-trapped-by-tweeting-photos-usi

डाग स्क्वायड की योग करते फोटो ट्वीट कर फंसे राहुल, भााजपा भड़की, कहा- सेना का कर रहे अपमान

भाजपा ने यह कहते हुए राहुल गांधी पर निशाना साधा कि उनके लिए जिंदगी सिर्फ मजाक है क्योंकि वह अपने पालतू कुत्ते की तस्वीरें पोस्ट करते रहते हैं। वहीं पार्टी प्रवक्ता नलिन कोहली ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नया भारत है और राहुल गांधी के ट्वीट से उनके नेतृत्व में नई कांग्रेस उजागर होती है। वहीं भाजपा सांसद परेश रावल ने ट्वीट किया, 'हां राहुल जी, यह नया भारत है जहां कुत्ते भी आपसे ज्यादा होशियार हैं।' इसी तरह बेंगलुरु दक्षिण सीट से भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्य ने लिखा, 'राहुल गांधी ने अभी भी सबक नहीं सीखा है। एक ही बार में उन्होंने हमारी सेना, वीर जवानों, अद्भुत डॉग यूनिट, योग की परंपरा और हमारे देश का अपमान कर दिया। मुझे सभी युवा कांग्रेस कार्यकतार्ओं (अगर बचे हैं) के लिए वास्तव में अफसोस होता है क्योंकि उन्हें ऐसे व्यक्ति को अपना नेता मानना पड़ता है।'  आगे पढ़ें

jp-nadda-appointed-bjp-executive-chairman-fixed-na

जेपी नड्डा बनाए गए भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष, संसदीय बोर्ड की बैठक में तय हुआ नाम

यह बैठक नव निर्वाचित सांसदों के शपथ ग्रहण के बाद हुई। इस बैठक में पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, सुषमा स्वराज, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और थावर चंद गहलोत समेत अन्य नेता मौजूद थे। 2014 लोक चुनाव के दौरान अमित शाह को उत्तर प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया गया था। इसके बाद उन्हें राजनाथ सिंह की जगह पार्टी का अध्यक्ष बनाया गया था। जेपी नड्डा को इस साल लोकसभा चुनाव में को यूपी का प्रभारी नियुक्त किया गया था।  आगे पढ़ें

shahs-call-to-state-bjp-leaders-delhi-may-decide-i

प्रदेश भाजपा नेताओं को शाह ने बुलाया दिल्ली, संगठन चुनाव के संदर्भ में तय हो सकती है रणनीति

भारतीय जनता पार्टी के संगठन चुनाव अपने निर्धारित समयसीमा से लगभग एक साल पीछे चल रहे हैं। 2018 में भाजपा संगठन का मौजूदा कार्यकाल खत्म हो चुका है, लेकिन मप्र के विधानसभा चुनाव और फिर लोकसभा चुनाव होने के कारण संगठन चुनाव को टाल दिया गया था। पार्टी सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह द्वारा गुरुवार को दिल्ली में बुलाई गई बैठक में संगठन चुनाव की प्रक्रिया और रणनीति पर चर्चा हो सकती है। संगठन के प्रथम चरण में साधारण सदस्य बनाए जाएंगे, फिर सक्रिय सदस्यता के लिए अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद संगठन के चुनाव पहले मंडल, फिर जिला स्तर पर होंगे। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव होगा।  आगे पढ़ें

loha-aur-garam-hona-abhi-baki-hai

लोहा और गरम होना अभी बाकी है

राज्य में दो साल बाद विधानसभा चुनाव हैं। यह घड़ी जिस अनुपात में नजदीक आ रही है, उसी तेजी से ममता बनर्जी की बौखलाहट उबल-उबलकर सामने आती दिखती है। उनका असली चरित्र रेशा-रेशा उधड़कर प्रकट हो रहा है। न्यूज चैनल्स पर दिखाये जा रहे उनके तमाम हालिया वीडियो इस बात की तस्दीक करते हैं कि उनके भीतर अपने निजी स्वार्थ के लिए तानाशाही रवैया अपनाने के पूरे गुण मौजूद हैं। जय श्रीराम के उद्घोष को गाली बताकर वह धर्म निरपेक्षता के नाम पर अपने भयावह इरादों का सार्वजनिक प्रदर्शन कर चुकी हैं। हालिया चुनाव के बाद से इस राज्य में अब तक मची हिंसा से साफ है कि सिंगूर के नाम पर जनता के पक्ष में आक्रामक तेवर अपनाने वाली बनर्जी का अब एकसूत्रीय एजेंडा किसी भी तरह अपनी हुकूमत कायम रखना और सियासी ताकत को बढ़ाना है। फिर भाजपा के पश्चिम बंगाल में बढ़े जनाधार के बीच विधानसभा चुनाव की गरमाहट का ममता के पहले से ही प्रतिशोध के लिए सुलग रहे दिमाग पर असर होना अवश्यंभावी है। तो क्यों कर ऐसी सरकार को अस्थिर करने का जतन किया जाए, जो अपनी सुप्रीमो के विक्षिप्त व्यवहार के बोझ तले पहले ही टूटकर गिरने की कगार पर आ गयी है? आखिर तृणमूल में लोग ममता से छिटक ही रहे हैं, भाजपा को उन्हें और छिटकने का मौका देना चाहिए।  आगे पढ़ें

modi-said-with-the-top-bureaucrats-we-got-majority

शीर्ष नौकरशाहों से बोले मोदी, कहा- हमें विकास के लिए मिला बहुमत, हर मंत्रालय के लिए 5 साल का प्लान तैयार हो

मोदी ने कहा, भारत का उद्देश्य पांच लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य प्राप्त करना है, जिसके लिए एक रोडमैप तैयार करना होगा। जनता ने हमें दोबारा बहुमत दिया है, इसका पूरा श्रेय उन प्रशासनिक अधिकारियों को जाता है जिन्होंने ईमानदारी के साथ बीते पांच साल में सरकार के विभिन्न लक्ष्यों को पूरा किया है। इस बार केंद्र सरकार गरीबी उन्मूलन तथा पानी से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देगी।  आगे पढ़ें

amit-shah-summoned-leaders-of-all-states-to-delhi-

अमित शाह ने सभी राज्यों के नेताओं को दिल्ली किया तलब, पार्टी संगठन चुनावों को लेकर हो सकती है चर्चा

अमित शाह का तीन साल का कार्यकाल इस साल की शुरूआत में ही खत्म हो गया था, लेकिन लोकसभा चुनाव के मद्देनजर उन्हें 6 महीने का कार्यकाल विस्तार दे दिया गया था। अमित शाह के गृह मंत्री बनने के बाद से कई दिग्गज नेताओं का मानना है कि वह पद छोड़ देंगे। हालांकि बीजेपी की ओर से अब तक इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।  आगे पढ़ें

kati-nak-se-bilabilati-mamata

कटी नाक से बिलबिलाती ममता

ममता शायद इस भाव से भरी गयी हैं कि पश्चिम बंगाल उनकी निजी जागीर है। वहां का वोटर उनकी भेंड़ है, जिसे केवल वह ही हांक सकती हैं। इसी मूर्खतापूर्ण सोच से वशीभूत होकर वह तानाशाह जैसा आचरण करने पर आमादा हैं। अब उन्हें कौन समझाये कि ऐसा दंभ पालने पर तो देश की जनता ने ममता से कई गुना शक्तिशाली एवं लोकप्रिय इंदिरा गांधी तक को नहीं बख्शा था, तो फिर बनर्जी की हैसियत ही क्या है! यदि उनका आचरण यही रहा तो राज्य के विधानसभा चुनाव में वहां की जनता ही बनर्जी को इस कटु सत्य का अहसास करा देगी। यानी मामला नाक कटने वाला हो सकता है। तो अब यह विचार हो कि यह नाक क्यों कट सकती है। घुसपैठियों को प्रश्रय देकर वोट बैंक बनाने के लिए! लोकतंत्र की मर्यादाओं के साथ व्यभिचार के लिए! देश के संघीय ढांचे को तहसनहस करने की कोशिश के लिए! सत्ता कायम रखने के लिए हिंसक हथकंडे अपनाने की खुली छूट देने के लिए! यदि इनका जवाब हां है तो फिर मामला बेहद गंभीर हो गया। क्योंकि इनसे मिलते-जुलते हालात से त्रस्त होकर ही तो पश्चिम बंगाल की जनता ने वामपंथी शासन को उखाड़ फेंककर ममता की सरकार बनाने का रास्ता साफ किया था। बेचारी इस राज्य की जनता आसमान से गिरकर खजूर पर अटक गयी है।  आगे पढ़ें

now-shiv-sena-demands-amit-shahs-post-as-deputy-sp

अब शिवसेना ने अमित शाह से मांगा लोकसभा में डिप्टी स्पीकर का पद

यूनियन मिनिस्ट्री के आवंटन के बाबत राउत ने कहा, 'बीजेपी को लोकसभा में अपने बल पर बहुमत मिलने से हमें बहुत खुशी हुई है लेकिन सहयोगी दलों की ताकत का भी सम्मान किया जाना भी जरूरी है। इसलिए उद्धव जी की तरफ से उन्हें कहा गया है कि लोकसभा में 18 और राज्यसभा में तीन सदस्यों वाली शिवसेना के लिए सिर्फ एक मंत्री पद संसद में उनकी पार्टी की क्षमता से हिसाब से वाजिब नहीं है। इसलिए शिवसेना को केंद्रीय मंत्रिमंडल में ज्यादा तार्किक और यथोचित प्रतिनिधित्व दिया जाना चाहिए और यह काम मंत्रिमंडल में जल्द विस्तार करके किया जा सकता है।'  आगे पढ़ें

girirajs-class-got-to-be-replaced-by-shah-question

गिरीराज की क्लास लगानी पड़ गई शाह को....सवाल गठबंधन के रिश्तों का है..

बता दें कि गिरिराज के इस तंज पर जेडीयू के वरिष्ठ नेता और भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी ने कहा, 'उनकी इतनी हैसियत ही नहीं है कि वह हमारे नेता नीतीश कुमार को कोई नसीहत दें।' उन्होंने कहा, 'यह वही गिरिराज सिंह हैं, जो चुनाव के वक्त नीतीशजी को 10 बार फोन करते थे और अपने पक्ष में चुनाव प्रचार के लिए आग्रह किया करते थे।' चौधरी ने कहा कि आज वह जो 4.5 लाख वोट से जीतकर संसद पहुंचे है और मंत्री बने हैं वह नीतीश कुमार की ही देन है।  आगे पढ़ें

Previous 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 Next 

प्रमुख खबरें

राज्य

राजनीति