होम अनुच्छेद 370
the-taunt-of-modi-said-people-who-do-the-right-thi

मोदी का तंज, कहा- सही बात करने वाले लोग ही ऐसे लोगों से नफरत करने लग गए हैं, जो सही राह पर चलते हैं

नागरिकता संशोधन कानून और अनुच्छेद 370 हटाए जाने के फैसलों की आलोचना करने वालों पर शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तंज किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि आजकल सही बात करने वाले लोग ही ऐसे लोगों से नफरत करने लग गए हैं, जो सही राह पर चलते हैं। मोदी ने ग्लोबल बिजनेस समिट में कहा कि जो लोग दुनियाभर को शरणार्थियों के अधिकारों के लिए ज्ञान की बातें बताते हैं, वही शरणार्थियों के लिए बने सीएए का विरोध करते हैं।  आगे पढ़ें

governments-reply-in-rajya-sabha-73-percent-soldie

राज्यसभा में सरकार का जवाब- अनुच्छेद 370 हटने के बाद घाटी में 73 प्रतिशत सैनिक कम हुए शहीद

केंद्र सरकार ने कहा कि अनुच्छेद 370 निष्प्रभावी होने के बाद कश्मीर में शहीद होने वाले सैनिकों की संख्या घटी है। यह जानकारी केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जी. किशन रेड्डी ने बुधवार को राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में दी। उन्होंने कहा- पिछले 173 दिनों में इसमें 73% की कमी आई है। 2019 में 13 फरवरी से 4 अगस्त के बीच सुरक्षा बल के 82 जवान शहीद हुए थे। वहीं, 5 अगस्त 2019 से 24 जनवरी 2020 तक सुरक्षाबल के 22 जवान शहीद हुए।  आगे पढ़ें

petitions-filed-against-caa-will-be-heard-today-be

सीएए के खिलाफ दायर याचिकाओं पर आज होगी सुनवाई, 3 जजों की बेंच कानून की संवैधानिकता जांचेगी

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ दाखिल 144 याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई होगी। चीफ जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस एस अब्दुल नजीर और जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच इस कानून के समर्थन और विरोध में दाखिल सभी याचिकाओं पर सुनवाई करेगी और कानून की संवैधानिक वैधता को जांचेगी। इसके अलावा, बेंच केंद्र की उस याचिका की भी सुनवाई करेगी, जिसमें उसने इस मामले में हाईकोर्ट में लंबित याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग की थी। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाए जाने संबंधी दायर याचिकाओं पर भी सुनवाई करेगा।  आगे पढ़ें

modi-government-will-send-36-ministers-to-kashmir-

अनुच्छेद 370 हटने के बाद पहली बार स्थिति का जायजा लेने 36 मंत्रियों को कश्मीर भेजेगी मोदी सरकार

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद पहली बार स्थिति का जायजा लेने और लोगों से संपर्क बढ़ाने के लिए मोदी सरकार अपने 36 मंत्रियों को इस हफ्ते घाटी भेज रही है। मंत्रियों का एक हफ्ते का दौरा 18 जनवरी से शुरू होगा। कश्मीर घाटी में सिर्फ पांच मंत्री जी किशन रेड्डी, रविशंकर प्रसाद, श्रीपद नाइक, निरंजन ज्योति और रमेश पोखरियाल लोगों को संबोधित करेंगे, वहीं शेष मंत्री जम्मू के विभिन्न जिलों का दौरा करेंगे। पिछले साल 5 अगस्त को विशेष दर्जा खत्म करने के बाद से सरकार कश्मीर में स्थिति सामान्य करने में जुटी है। 15 जनवरी से ही यहां आंशिक रूप से इंटरनेट और ब्रॉडबैंड सेवा बहाल की गई थी।  आगे पढ़ें

us-mp-supports-the-removal-of-article-370-said-wil

अनुच्छेद 370 हटाने का अमेरिकी सांसद ने किया समर्थन, कहा- आर्थिक विकास और भ्रष्टचार से लड़ने में मिलेगी मदद

अमेरिका के एक सांसद ने कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के भारत सरकार के फैसले को सही ठहराया है। संसद के निचले सदन (हाउस आॅफ रिप्रेजेंटेटिव्स) में सांसद जो विल्सन ने कहा कि मोदी सरकार ने कश्मीर से विशेष दर्जे को हटाने का फैसला वहां आर्थिक विकास बढ़ाने, भ्रष्टाचार से लड़ने और लैंगिक-जातीय-धार्मिक भेदभाव खत्म करने के लिए किया। केंद्र सरकार ने 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद-370 और धारा 35ए को निरस्त करने और उसे दो केन्द्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने का फैसला किया था।  आगे पढ़ें

digvijay-ke-samane-congress-ki-samajh-ka-saval

दिग्विजय के सामने कांग्रेस की समझ का सवाल

कांग्रेस को लगातार चुनाव हारने के बाद अब कम से कम यह तो समझ में आ गया है कि केवल प्रो अल्पसंख्यक राजनीति उसकी सत्ता में वापसी नहीं करा सकती। कांग्रेस में इस राजनीति को परवान चढ़ाने का काम दिग्विजय सिंह ने उन दिनों में बहुत किया है जब वे शायद राहुल गांधी को राजनीति की बारहखड़ी सिखाने की कोशिश कर रहे थे। आखिर सोनिया गांधी भी तो बाटला हाउस एनकाउंटर मामले में आजमगढ़ तक व्हाया दिग्विजय सिंह ही पहुंची थीं। खेर, अब दिग्विजय सिंह वापस मध्यप्रदेश की जमीन पर हैं। लेकिन वे अपनी लाइन पर ही आगे बढ़ते हैं। और कांग्रेस में ऐसा होना कोई बड़ी बात नहीं है। अब दिग्विजय सिंह सोनिया गांधी की शीर्ष मंडली में शामिल नहीं है, इसलिए कांग्रेस शायद उनके बयान पर खुद को अलग करने जैसा कदम भी नहीं उठाती। एक समय में कांग्रेस प्रवक्ताओं को यह जहमत भी उठानी पड़ती थी। read more  आगे पढ़ें

after-removing-370-in-jammu-and-kashmir-hotel-bill

जम्मू-कश्मीर में 370 हटाने के बाद नजरबंद नेताओं के होटल का बिल 2.65 करोड़ आया

केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35-ए को 5 अगस्त को हटा दिया था। इसके बाद, राज्य में कानून-व्यवस्था के बिगड़ने की आशंका व्यक्त की गई थी। इसको देखते हुए राज्य के कई पूर्व मंत्रियों एवं विधायकों समेत विभिन्न दलों के 31 नेताओं को हिरासत में लेकर होटल में रखा गया था, जिसका पिछले तीन महीने का बिल सरकार के पास पहुंचा है जो कि 2.65 करोड़ रुपये है। आधिकारिक सूत्रों ने न्यूज एजेंसी को बताया- नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी और पीपुल्स कॉन्फ्रेंस समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के 31 नेताओं को भारतीय पर्यटन निगम के सेंटॉर होटल में पिछले तीन माह से रखा गया है। सरकार को जब इसका 2.5 करोड़ से ज्यादा का बिल मिला तो उसकी आलोचनाएं हुईं। अधिकारियों ने नेताओं को दूसरे स्थान पर भेजने की प्रक्रिया शुरू की।  आगे पढ़ें

atank-kee-rah-se-hate-pakistaan-varna-tabahi-tay

आतंक की राह से हटे पाकिस्तान वर्ना तबाही तय

केंद्र में मोदी सरकार के गठन के बाद से पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए तीन बार भारतीय सेना स्ट्राइक कर चुकी है। सितंबर 2016 में उरी में आर्मी हेड क्वार्टर में आतंकी हमले के बाद भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक कर कश्मीर में चल रहे शिविरों को निशाना बनाया गया था। पुलवामा में सीआरपीएफ के जवानों के काफिले पर हुए आतंकी हमले के बाद से पाकिस्तानी सीमा के पांच किलोमीटर घुसकर शक्तिशाली बम बरसा कर बालाकोट में चल रहे आतंकी अड्डों को ध्वस्त कर दिया था। वायु सेना की कार्रवाई से पाकिस्तान की सरकार और सेना इस तरह घबरा उठी कि उसने दुनिया भर में गुहार लगाना शुरू कर दिया ,लेकिन उन्हें कहीं भी सहानुभूति हासिल करने में सफलता नहीं मिली। इसके बाद उम्मीद की जा रही थी कि अब थका हारा पाकिस्तान अपने गिरेबान में झांकने की जरूरत महसूस करेगा, परंतु ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। सीमा पर उसकी नापाक हरकतों का जवाब देने के लिए भारतीय सेना ने इस बार तो तोपखाने का इस्तेमाल कर उसे हक्का-बक्का कर दिया। read more  आगे पढ़ें

after-returning-from-kashmir-eu-mps-said-this-is-i

कश्मीर से लौटने के बाद ईयू सांसदों ने कहा- यह भारत का आंतरिक मसला है, उसे दूसरा अफगानिस्तान नहीं बनने देना चाहते

अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद यूरोपियन यूनियन (ईयू) के 23 सांसदों का प्रतिनिधिमंडल कश्मीर के दो दिन के दौरे पर है। बुधवार को सांसदों ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि कश्मीर भारत का आंतरिक मसला है। हम यहां की राजनीति में उलझकर कश्मीर को दूसरा अफगानिस्तान नहीं बनने देना चाहते। डेलिगेशन के एक सांसद थिएरी मारियानी ने कहा कि हम आतंकवाद से पीड़ित रहे कश्मीर की स्थिति देखने आए हैं। मरियानी ने कहा, भारतीय मीडिया का एक वर्ग हमें नाजीवादी बता रहा है, लेकिन अगर हम ऐसे होते तो जनता हमें नहीं चुनती। इससे पहले एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा था कि ईयू के सांसदों को यूनियन ने नहीं भेजा है, ये लोग नाजीवादी हैं।  आगे पढ़ें

23-eu-mps-visit-kashmir-bjp-opposing-congress-said

ईयू के 23 सांसदों का कश्मीर दौरा: कांग्रेस के विरोध पर भाजपा ने कहा- हालात सामान्य होने के बाद हमने किसी को नहीं रोका

अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद यूरोपीय यूनियन (ईयू) के 23 सांसदों का प्रतिनिधिमंडल कश्मीर के दो दिवसीय दौरे पर है। मंगलवार को 27 सांसदों को कश्मीर जाना था, लेकिन 4 दिल्ली से वापस लौट गए। बताया जाता है कि इन चारों ने बिना सुरक्षा स्थानीय लोगों से मुलाकात की मांग की थी, जिसे सरकार ने नहीं माना। कांग्रेस और पीडीपी नेताओं ने दौरे का विरोध जताते हुए इसे भारतीय संसद और सांसदों के विशेष अधिकारों का हनन बताया। इस पर भाजपा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में हालात सामान्य होने के बाद हमने किसी को नहीं रोका। कांग्रेस और अन्य दल चाहें तो कश्मीर घूमकर आ सकते हैं।  आगे पढ़ें

Previous 1 2 3 4 5 6 7 8 Next 

प्रमुख खबरें

राज्य

राजनीति