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शीत सत्र: विपक्ष के सवालों का सिंधिया ने ऐसे दिया जवाब, विमानन कंपनियों को भी नसीहत

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने संसद में विमान यात्रियों की संख्या, हवाई किराए और यात्रियों के हितों के लिए उठाए गए कदमों पर किए सवालों का जवाब दिया। कांग्रेस के के. सुरेश ने सदन में पूछा कि पश्चिम एशिया के देशों में काम करने वाले केरल के प्रवासी नागरिक छुट्टियों और त्योहारों के दौरान 10 गुना अधिक किराये का भुगतान करते हैं। इसे नियंत्रित करने के लिए सरकार क्या कर रही है? इस पर नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि सरकार ने विमानन कंपनियों से इन देशों के लिए उड़ान की संख्या बढ़ाने को कहा है। अगर ऐसा होता है तो निश्चित तौर पर किराये में बढ़ोतरी पर रोक लगेगी। सिंधिया ने बताया कि उड्डयन मंत्रालय ने हवाई किरायों को लेकर एयरलाइंस के साथ र्चा की है।। उन्हें सलाह दी गई है कि किराया तय करते समय वे यात्रियों के हितों को ध्यान में रखें। इस दौरान किराये को खुद नियंत्रित रखने की सलाह भी दी गई।

बसपा सांसद के सवाल का भी जवाब दिया
नागर विमानन मंत्री ने विमान किरायों में जारी वृद्धि को लेकर प्रश्नकाल के दौरान बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सांसद संगीता आजाद के एक पूरक सवाल के जवाब में सिंधिया ने कहा कि 2014 के बाद नौ साल में विमान यात्रियों की संख्या छह करोड़ से बढ़कर 14 करोड़ हो गई है, यह 2030 तक तीन गुना बढ़ोतरी के साथ 42 करोड़ पहुंच सकती है। सिंधिया ने कहा कि यात्रियों की संख्या में इस बढ़ोतरी के बीच उड़ान योजना कारगर साबित हो रही है। इस योजना के तहत 76 हवाई अड्डों से उड़ानें शुरू की गई हैं। आंकड़े बताते हैं कि काफी कम समय में एक करोड़ 30 लाख लोग ह्यउड़ानह्ण योजना के तहत हवाई यात्रा कर चुके हैं। पूर्ण रूप से नियंत्रित विमानन कंपनी शुरू करने की सरकार की योजना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सरकार ने देश को नए नागर विमानन युग में ले जाने के संकल्प के साथ एयर इंडिया का विनिवेश किया है। इसका फायदा देश के विमान यात्रियों को निश्चित ही मिलेगा।

जल्द ही यहां से शुरू होंगी उड़ानें
उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ और श्राबस्ती हवाईअड्डों सहित विभिन्न हवाई अड्डों की लाइसेंसिंग की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही यहां से उड़ानें शुरू हो जाएंगी। आईयूएमएल के सांसद ईटी बशीर मोहम्मद ने पूछा कि क्या सरकार छुट्टियों और त्योहारों के दौरान विमान किरायों में बेतरतीब बढ़ोतरी पर लगाम लगाने के लिए कुछ कर रही है? इस पर सिंधिया ने कहा कि हमें नागरिक उड्डयन क्षेत्र की स्थिति को समझना होगा। यह सीजनल सेक्टर है। यह सिर्फ भारत के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में होता है। इसकी एक वजह यह भी यह है कि जब सीजन नहीं होता तो विमानन कंपनियां घाटे में चलती हैं।

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