नज़रिया

वर्ष 2023 का लेखा जोखा: अयोध्या सज-धज के तैयार, मेरे राम बिराजेंगे…

हरीश मिश्र

नव वर्ष ने दस्तक दे दी है। बीता हुआ वर्ष कहीं खुशी, कहीं गम, बहुत से सबक और कुछ टीस दे गया । जो बीता जैसा भी बीता, बीत गया । बीते वक्त का दिव्य लेखा जोखा जो हम सबने देखा है। बीते साल चांद पर तिरंगा लहराते और देश के प्रधान का इसरो वैज्ञानिकों को सैल्यूट करते देखा । अंतरिक्ष में भारत के वैज्ञानिक सामर्थ्य का दिव्य शंखनाद होते दुनिया ने देखा। उत्तराखंड में सुरंग हादसे में 41 मजदूरों को एक-एक सांस के लिए जिंदगी से लड़ते और सफल आपरेशन उपरांत ज़िंदगी की जंग जीतते देखा। भारत की अध्यक्षता में जी 20 शिखर सम्मेलन का सफल आयोजन हुआ । वॉशिंगटन पोस्ट में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा और भारत के बढ़ते दबदबे को विश्व ने देखा है।

सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 370 को हटाना विधि अनुरुप माना। अनुच्छेद 370 को निहित अस्थायी और संक्रमणकालीन प्रावधानों के साथ रखा था। आज़ादी के बाद नेहरू की प्रयोगशाला से निकले वायरस से फैला संक्रमण अब्दुल्ला की घाटी में आतंकवादियों की मेहबूबा बन भारत की एकता अखंडता के लिए नासूर बन गया था । उस वायरस का संक्रमण रोकने के लिए, मजबूत इरादों वाली मोदी सरकार को वैक्सीन का निर्माण कर, कठोर फैसला लेते हुए देखा जो वीरोचित और अभिनंदनीय है। सांसदों के नए सदन में पुनः अनुष्ठान के साथ राजदंड (सेंगोल) स्थापित होते देखा । उसी सदन में बाहुबली, उद्दंड भाजपा सांसद बृज भूषण सिंह पर लगे यौन आरोप पर राजदंड ( सेंगोल ) का उपयोग करने में कांपते हाथ, राजधर्म का पालन न करते दीनदयाल के वंशज का मौन आचरण देखा।

कानून की आंखों के सामने समाजवाद के मवाद पूर्व विधायक अतीक अहमद का अंत देखा। संवैधानिक रूप से यह न्यायालय परिसर में कानून व्यवस्था की हत्या थी। लेकिन अनीति पूर्ण कार्य करनेवाले दुष्ट को कोई योगी ही दंड से सन्मार्ग पर लाता है। जो अच्छी तरह से जानता है कि नर पशुओं को डंडे के बल पर ही सुधारा जा सकता है। राम चरित्र मानस से यह प्रेरणा मिलती है की अनैतिक तत्वों का समाज से उन्मूलन किया ही जाना चाहिए और योगी सरकार में अनैतिक तत्वों का उन्मूलन होते सारे देश ने देखा। सदन में नमो-नमो का सैलाब और शाह का प्रताप, दंगल और मंगल , प्रश्नकाल, राहुकाल और अधीर को रंज मनाते देखा। लोकसभा में राहुल गांधी की संसद की सदस्यता छिनते और बहाल होते देखी। बिधूड़ी द्वारा बेधड़क अलंकारों का प्रयोग करने पर भी सदन में पीठासीन की चुप्पी देखी। सासंद महुआ का पैसे लेकर सवाल पूछने पर निष्कासन और आप सांसद संजय सिंह को भ्रष्टाचार के आरोप में जेल जाते देखा। 141 सांसदों का निष्कासन और सदन के अंदर नमो, सदन के बाहर कल्याण को मिमिक्री करते देखा। मिमिक्री का फिल्मांकन करते बाल कलाकार को देखा।

विश्व जीडीपी रैंकिंग 2023 सूची के अनुसार, भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। कागज़ों पर निर्मल सुदृढ़ अर्थ व्यवस्था और असल में फटेहाल हिंदुस्तान देखा। कांग्रेस की कमान मल्लिकार्जुन खड़गे को मिली। लेकिन गांधी परिवार का कांग्रेस में दबदबा कायम रहा । गांधी परिवार द्वारा विरासत ऐसी मल्लिका को सौंपते देखा, जिसके हाथ का पंजा खड्ग उठाने में भी कांपता है। उदयनिधि, डी एम के सांसद सेंथिलकुमार और समाजवाद के स्वामी की जुबान से मवाद टपकते देखा। पंडोखर सरकार की भविष्यवाणी को असत्य होते देखा । संविधान ने अभिव्यक्ति की आज़ादी दी है‌‌। लेकिन इतनी भी आजादी नहीं दी कि कोई भी ऐरा-गेरा सनातन को गाली दे। अब सनातन को कोई गाली देगा तो उसको संरक्षण देने वाले गठबंधन की ठठरी तो दान देने वाले मतदान में बांधेंगे ही। इसीलिए पूरे साल बागेश्वर सरकार को सनातन का अपमान करने वालों की ठठरी बांधते देखा।

राजस्थान में गेहलोत का सर तन से जुदा हुआ …वसुंधरा को धरा पर और भजन लाल को नमो-नमो का भजन करते देखा‌। भूपेश को पाताल लोक में और विष्णु देव को शैय्या पर विराजमान होते देखा। कमलनाथ को अनाथ होते हुए… शिवराज को जमीन के दस फीट नीचे गड़ा और मोहन को महाकाल लोक में देखा। मणिपुर में द्रौपदी का चीर हरण और वीभत्स नरसंहार पर वीरोचित आचरण करने वाली सरकार की खामोशी देखी। विश्वकप फाइनल में भारत की हार और भीषण रेल दुर्घटना पर अश्विनी की आंखों में आंसू देखे । संसद पर हमला और भारत में जनसंख्या वृद्धि देखी‌। हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन देखा‌ । भारत को अस्थिर करने को कुछ पनौती देश के अंदर से कनाडा तक सक्रिय रहीं। जलता हुआ नूंह और ईडी, आयकर के छापे देखे।

कांग्रेस सांसद धीरज प्रसाद साहू की दीवारों से 351 करोड़ रुपये का तेल निकलता देखा। 2023 में बहुत कुछ देखा। लेकिन अब 2024 में वह देखेंगे जिसका पांच सौ साल से इंतजार था। श्री राम मंदिर स्थापना, तिथि जैसे-जैसे नजदीक आ रही है ,गांव-गांव, शहर-शहर मंगल गीत गाए जा रहे हैं। अंगना सजाए जा रहे हैं। मंगल कलश स्थापित किए गए हैं। दीनों पर दया करने वाले दीनदयाल, दशरथ नंदन, कौशल्या पुत्र, विश्वामित्र के शिष्य, अहिल्या का उद्धार करने वाले, हनुमान के राम जी अयोध्या में विराजेंगे।तब

घर घर में भगवा लाओ…
गीत मंगल के अब गाओ…
हर हिन्दू अपने मस्तक पर
केसरिया तिलक लगाओ…
झूमेगा ये ब्रह्माण्ड सारा…
ढोल नगाड़े बाजेंगे…
अयोध्या सज-धज कर तैयार…
मेरे राम बिराजेंगे…

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