मध्यप्रदेश

मप्र में कोरोना कहर: सात दिन में दोगुनी हुई संक्रमण की रफ्तार, जिलों में 20 से ज्यादा संक्रमित मिलने पर नहीं मनेगी होली

भोपाल। मध्यप्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर ने खौफ पैदा कर दिया है। लगातार मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। संक्रमण की रफ्तार पिछले 7 दिनों में दोगुनी हो गई है। प्रदेश में पिछले 24 घंटे में 1712 नए संक्रमित मिले हैं। इसको देखते हुए सरकार ने आने वाले रविवार से बैतूल, छिंदवाड़ा, रतलाम और खरगोन में संडे को लॉकडाउन का फैसला किया है। इंदौर, भोपाल और जबलपुर में पिछले रविवार से ही इसे लागू किया जा चुका है। अब प्रदेश के 7 शहरों में शनिवार रात 10 बजे से सोमवार सुबह 6 बजे तक 32 घंटे का लॉकडाउन रहेगा।

मध्य प्रदेश के खरगोन और बैतूल जैसे छोटे जिलों में 50 के ऊपर केस मिले हैं। वहीं, राजधानी भोपाल और जबलपुर में कोरोना केस एक सप्ताह में 100% से ज्यादा बढ़ चुके हैं। एक्टिव केस भी 10 हजार के पार पहुंच गए हैं। इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, विदिशा, उज्जैन, सागर, खरगौन, बैतूल, छिंदवाड़ा, बुरहानपुर और बड़वानी जिलों में 20 से ज्यादा केस हैं।

मप्र में कोरोना की नई गाइड लाइन जारी
कैबिनेट मीटिंग के बाद चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने बताया कि भोपाल, इंदौर और जबलपुर के अलावा बैतूल, छिंदवाड़ा, रतलाम और खरगोन में अगले रविवार से लॉकडाउन रहेगा। वहीं कुछ नई पाबंदियां भी लगाई गई हैं..

  • रेस्टोरेंट में बैठकर खाने पर पाबंदी रहेगी। हालांकि, टेक-अवे और होम डिलीवरी चालू रहेगी।
  • जिन जिलों में 20 से ज्यादा केस मिले हैं, वहां होली और शब-ए-बरात में सार्वजनिक कार्यक्रमों पर रोक रहेगी।
  • ऐसे सभी जिलों में स्विमिंग पूल, क्लब और सिनेमा हॉल बंद रहेंगे।
  • शादी समारोह में 50 और शवयात्रा में 20 से ज्यादा लोग शामिल नहीं हो सकेंगे।
  • नाइट कर्फ्यू का समय 10 बजे की जगह 8 बजे करने पर क्राइसिस मैनजमेंट कमेटी फैसला लेगी।

शिवराज ने दिए थे लॉकडाउन के संकेत
कोरोना से बिगड़ते हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ज्यादा शहरों में लॉकडाउन के संकेत दिए थे। उन्होंने कहा, ‘जिस तरह से कोरोना केस लगातार बढ़ रहे हैं, इसे गंभीरता से लेने की जरूरत है। ऐसे में संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए सख्त कदम उठाने पड़ेंगे।’ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार सुबह कोरोना पर समीक्षा बैठक की थी। इसके बाद शाम को हुई हाई-लेवल मीटिंग में लॉकडाउन पर फैसला लिया गया।

सबसे ज्यादा केस इंदौर में, भोपाल दूसरे नंबर पर
स्वास्थ्य विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इंदौर में 477 नए संक्रमित मिले हैं, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा हैं। इससे पहले, पिछले साल 9 दिसंबर में 495 केस सामने आए थे। इसी तरह, भोपाल में 385 पॉजिटिव मिले हैं। यह 4 महीने 3 दिन बाद एक दिन में मिले मरीजों का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इससे पहले 20 नवंबर को भोपाल में 378 केस मिले थे। जबलपुर में भी कोरोना की रफ्तार बढ़ रही है। यहां एक दिन में 143 नए संक्रमित मिले हैं।




खरगोन, बैतूल जैसे शहरों में तेजी से फैल रहा संक्रमण
भोपाल, इंदौर और जबलपुर के बाद अब छोटे शहरों में भी कोरोना संक्रमण तेजी से फैलना शुरू हो गया है। खरगोन और बैतूल में महाराष्ट्र से आवागमन ज्यादा होता है। यही वजह है कि दोनों शहरों में पॉजिटिव केस की संख्या बढ़ना शुरू हो गई है। पिछले 24 घंटे में खरगोन में 63 और बैतूल में 55 नए संक्रमित मिले हैं।

जहां संक्रमण ज्यादा, वहां सख्ती भी ज्यादा होगी
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, जिन इलाकों में ज्यादा संक्रमण फैल रहा है, वहां ज्यादा सख्ती बरती जाएगी। फिलहाल माइक्रो कंटेटमेंट बनाए जा रहे हैं, यानी जिस घर में संक्रमित पाया जाता है, उस घर को कंटेनमेंट घोषित किया जा रहा है, लेकिन जिस तरह से केस बढ़ते जा रहा हैं, सरकार फिर से कंटेनमेंट जोन बनाने की तैयारी कर रही है।

यह भी पढ़ें: कोरोना पर शिवराज सरकार उच्चस्तरीय बैठक: भोपाल-इंदौर समेत अब 7 शहरों में लॉकडाउन

कक्षा 8वीं तक के स्कूल 1 अप्रैल से खुलने की संभावना नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन गंभीरता से करने की जरूरी है। मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि जिस तरह से कोरोना केस बढ़ते जा रहे हैं, संक्रमण की चेन बन रही है, इसको तोड़ने के लिए लॉकडाउन बढ़ाने के संकेत मुख्यमंत्री दे रहे हैं। अभी तक प्रदेश के 3 शहरों भोपाल, इंदौर और जबलपुर में हर रविवार को लॉकडाउन का फैसला लिया गया है, लेकिन होली समेत दूसरे त्योहारों को ध्यान में रखते हुए सरकार आगे फैसला लेगी। इस बीच, 8वीं तक के स्कूल 1 अप्रैल से खुलने की कोई संभावना नहीं है।

बनने लगी संक्रमण की चेन, 1 से 3 लोगों में फैल रही महामारी
प्रदेश में एक व्यक्ति से 3 लोगों में कोरोना संक्रमण फैल रहा है। प्रशासन ने पिछले 2 महीने में चेन तोड़ने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने वालों को ट्रेस नहीं किया जा रहा है। टेस्ट रिपोर्ट आने में भी 3 से 4 दिन लग रहे हैं।

दूसरी लहर ज्यादा खतरनाक, कोरोना गाइडलाइन के सख्ती से पालन पर जोर
कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमण तेजी से फैल रहा है, इसे ध्यान में रखते हुए केंद्र ने राज्य सरकार को कोविड गाइडलाइन का सख्ती से पालन कराने को कहा है। गृह मंत्रालय ने नए निर्देशों में कहा है कि मरीज की पॉजिटिव रिपोर्ट आने के तत्काल बाद उसे इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए लोगों को तुरंत आइसोलेशन में भेजा जाए। इसके अलावा टेस्ट, ट्रैक और ट्रीट प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

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