मध्यप्रदेश

मंडला को मिलेगी आयुर्वेद-एक्सीलेंस कॉलेज की सौगात, सीएम ने 134 करोड़ के विकास कार्यों का कियालोकार्पण-शिलान्यास किया

मंडला। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मंडला के विकास में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जाएगी। जनजातीय बहुल मंडला में आयुर्वेद महाविद्यालय शुरू किया जाएगा। एलोपैथी चिकित्सा पद्धति वाले मेडिकल कॉलेज के साथ ही जिले को आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति का भी लाभ मिले। कोविड के समय आयुर्वेद का महत्व देखने को मिला था, तब आयुर्वेद के काढ़े ने नागरिकों को महामारी से बचाने का काम किया था। जल्द ही मंडला में एक्सीलेंस कॉलेज भी प्रारंभ किया जाएगा। इसकी शीघ्र शुरूआत होगी और आगामी सत्र से विद्यार्थी लाभान्वित होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज मंडला के रानी दुर्गावती महाविद्यालय परिसर में हुए राज्य स्तरीय कार्यक्रम से प्रदेश की 1.29 करोड़ लाड़ली बहनों को कुल 1576 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता राशि का अंतरण कर रहे थे। इसके साथ ही उन्होंने सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ ले रहे 56 लाख 61 हजार हितग्राहियों के खातों में 340 करोड़ रुपये की राशि का भी सिंगल क्लिक से अंतरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 134 करोड़ रुपये विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। इसके अलावा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 12 पेंशन योजनाओं के हितग्राहियों को भी प्रतीक स्वरूप लाभान्वित किया।

जनजातीय बहुल मंडला जिले को कई सौगातें
सीएम ने कहा कि यह भूमि वीरांगनाओं की भूमि है। रानी दुर्गावती ने अपने बलिदान से भारत का मान और सम्मान बढ़ाया। इसी तरह राष्ट्र के लिए जीवन का यहां रानी अवंती बाई ने भी बलिदान किया। नई शिक्षा नीति के माध्यम से ऐसी वीरांगनाओं के बलिदान से स्कूल, कॉलेजों के विद्यार्थियों को अवगत करवाने की पहल की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वीरांगनाओं के पराक्रम की जानकारी नई पीढ़ी के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचना चाहिए। आज रानी दुर्गावती की प्रतिमा का अनावरण यहां हुआ है। इसके पहले प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 5 अक्टूबर 2023 को रानी दुर्गावती की 500वीं जयंती पर उनके जीवन के विविध पहलुओं से परिचित करवाने वाले विशेष स्मारक के लिए जबलपुर में भूमिपूजन किया था। अब जन-जन को यह स्मारक रानी दुर्गावती के बलिदान के महत्व की जानकारी देने का महत्वपूर्ण केन्द्र बनेगा। इसकी लागत 100 करोड़ रूपए है।

जनजातीय बहुल क्षेत्र को प्राथमिकता देने जबलपुर केबिनेट में हुए निर्णय
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस क्षेत्र में श्रीअन्न का उत्पादन होता है। इसके उत्पादकों को लाभान्वित करने के लिए राज्य शासन ने किसानों को 10 रूपए प्रति किलो (एक हजार रूपए प्रति क्विंटल) अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया। कोदो-कुटकी के उत्पादन को प्रोत्साहन देने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने जनजातीय बहुल क्षेत्र को प्राथमिकता देने और रानी दुर्गावती जैसी वीरांगनाओं के सम्मान में जबलपुर में मंत्री-परिषद की बैठक में निर्णय लिये गये।

पीएम जनजातीय विकास के लिए है संकल्पबद्ध
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में सभी क्षेत्रों में विकास हो रहा है। उन्होंने जन-धन योजना जैसी अभिनव योजना और अन्य कई उपयोगी योजनाओं से नागरिकों को लाभान्वित करने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी रविवार 11 फरवरी को मध्यप्रदेश के झाबुआ में जनजातीय वर्ग के भाई-बहनों से रू-ब-रू होंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी जनजातीय विकास के लिए संकल्पबद्ध हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक समय था जब नर्मदा जल के समुचित उपयोग की कोई योजना नहीं थी। गत दो दशक में मध्यप्रदेश और गुजरात द्वारा पेयजल, सिंचाई के लिए नर्मदा जल के सही उपयोग ने नागरिकों की जिन्दगी बदलने का कार्य किया है।

भारतीय संस्कृति का महत्व प्रतिपादित करते हैं पर्व, शासन भी करेगा आयोजन
सीएम ने कहा कि राज्य शासन ने भारतीय संस्कृति का महत्व प्रतिपादित करने वाले पर्वों-त्यौहारों के आयोजन पर जोर दिया है। इस क्रम में गत माह मकर संक्रांति पर्व पर विशेष सप्ताह मनाया गया था। इस सप्ताह में कई प्राचीन खेल आयोजित हुए, जिनमें कबड्डी खो-खो, दौड़, पतंगबाजी आदि शामिल हैं। प्रत्येक पर्व से रिश्ता होना चाहिए। हमारे त्यौहारों को मनाने में आम-जन के साथ शासन की भागीदारी को सुनिश्चित किया जा रहा है।

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