भोपालमध्यप्रदेश

नाथ पर फिर भरोसा जताएगा आलाकमान, कांग्रेस मप्र में लोस चुनाव भी लड़ेगी उन्हीं के नेतृत्व में

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में जहां भाजपा को प्रचंड जीत मिली है। वहीं कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा है। 230 सीटों में भाजपा ने जहां पर 163 सीटों पर कब्जा जमाया है। वहीं कांग्रेस के खाते में सिर्फ 66 सीटें आई हैं। पार्टी की हार के बाद चौतरफा यह चर्चा जोरों पर चल रही है कि पीसीसी चीफ कमलनाथ हार की जिम्मेदारी लेते हुए अध्यक्ष पद छोड़ सकते हैं। इन चर्चाओं के बीच बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल लोकसभा चुनाव उन्हीं के नेतृत्व में लड़ा जाएगा।

बता दें कि मप्र में पार्टी की करारी हार पर कल शुक्रवार को दिल्ली कांग्रेस मुख्यालय में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने हार की समीक्षा करने बड़ी बैठक की थी। इस बैक में मप्र से पाीसीसी चीफ कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, गोविंद सिंह, कमलेश्वर पटेल, ओमकार सिंह मरकाम, मीनाक्षी नटराजन मौजूद थे। इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष बदलने को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई। जिसके बाद ये कयास लगाए जा रहे हैं कि विधानसभा की तरह की लोकसभा चुनाव भी कमलनाथ के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा। बैठक में यह जरूर तय हुआ है कि प्रदेश के नेताओं को अलग-अलग जिम्मेदारी देने के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाएंगे। इसके अलावा विधायक दल का नेता चुनने के लिए भी जल्द ही पर्यवेक्षक दिल्ली से भेजे जाएंगे।

चुनाव हारने वाले नेताओं ने दिए अलग-अलग तर्क
वहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी द्वारा हार पर समीक्षा करने दिल्ली में बुलाई गई बैठक में चुनाव हारने वाले सभी नेताओं ने अलग-अलग तर्क दिए। किसी ने टिकट वितरण में गड़बड़ी और संगठन कमजोर होने का हवाला दिया तो किसी ने एससी/एसटी वोट छिटकने के साथ एश्ट को हार का जिम्मेदार बताया। बतादें कि इस बैठक में सभी नेता अपनी-अपनी रिपोर्ट लेकर पहुंचे थे। इधर राजनीतिक गलियारों में कमलनाथ के नेतृत्व में ही मध्य प्रदेश में लोकसभा का चुनाव लड़ने को लेकर सियासत गरमाई हुई है।

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