खेलताज़ा ख़बरविदेश

एशियन गेम्स:फ्रीस्टाइल कुश्ती के पुरुष वर्ग में दीपक पुनिया को मिला कांस्य,बजरंग पुनिया की हार पर बृजभूषण सिंह की प्रतिक्रिया…

राउज एवेन्यू कोर्ट में पेशी के दौरान पहुंचे बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि बजरंग पुनिया का मेडल क्यों नहीं आया। इस पर जब दुनिया बोल रही है तो मैं क्या बोलूं। 65 किलो वेट कैटेगरी में तो गोल्ड मेडल आना चाहिए था, क्योंकि कुश्ती भारत सरकार और राज्य सरकारें कुश्ती को बहुत प्रमोट कर रही है।

नई दिल्ली : फ्रीस्टाइल कुश्ती के पुरुषों के 86 किलोग्राम वर्ग में दीपक पुनिया के लिए सबसे अच्छा अंत नहीं रहा क्योंकि वह तकनीकी श्रेष्ठता के कारण ईरान के हसन यजदानी से 10-0 से हार गए और उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। शुरुआत से ही ईरानी ने उनसे बेहतर प्रदर्शन किया और दूसरे दौर में मुकाबला समाप्त होने के कुछ ही सेकंड बाद उन्हें कोई मौका नहीं मिला। इसके साथ ही भारत ने अब एशियन गेम्स 2023 में अपना 105वां पदक जीत लिया है।

बजरंग पुनिया को मिली हार

वहीं एशियन गेम्स में पहलवान बजरंग पुनिया को भी करारी हार का सामना करना पड़ा। जिसके बाद भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि इस वर्ग में भारत को गोल्ड मेडल जीतना चाहिए था।पहलवान बजरंग पूनिया को ईरान के खिलाड़ी रहमान से 8-1 की शिकस्त झेलनी पड़ी, जिसके बाद उन्हें सोशल मीडिया पर बुरी तरह से ट्रोल किया जा रहा है। भारतीय कुश्ती महासंघ के निवर्तमान अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ धरना प्रदर्शन करने वाले बजरंग पूनिया को बिना ट्रायल एशियन गेम्स में एंट्री मिली थी। अब उनकी हार के बाद भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह का बयान सामने आया है।

गोल्ड मेडल आना चाहिए था_बृजभूषण

दरअसल राउज एवेन्यू कोर्ट में पेशी के दौरान पहुंचे बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि बजरंग पुनिया का मेडल क्यों नहीं आया। इस पर जब दुनिया बोल रही है तो मैं क्या बोलूं। 65 किलो वेट कैटेगरी में तो गोल्ड मेडल आना चाहिए था, क्योंकि कुश्ती भारत सरकार और राज्य सरकारें कुश्ती को बहुत प्रमोट कर रही है। हर एक पहलवान पर काफी पैसा खर्च किया जा रहा है।इस वर्ग में एक भी मेडल न आना दुख की बात है। उन्होंने कहा कि कुश्ती में एक खिलाड़ी बहुत दिनों तक नहीं खेल पाता। पहले ऐसा होता था, लेकिन आज कुश्ती की लोकप्रियता के चलते कुश्ती की हर वेट कैटेगरी में दो-तीन स्टार पहलवान हैं। वहीं इन पहलवानों के सरकार की सहायता के साथ बहुत सम्मान भी मिलता है। साथ ही इस खेल पर और कोई देश इतना पैसा खर्च नहीं करता है। गौरतलब है कि बृजभूषण शरण सिंह पर नाबालिग महिला पहलवान ने यौन शोषण का आरोप लगाया था, जिसके बाद भारतीय कुश्ती महासंघ को भंग कर दिया गया था। हालांकि मामला फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है।

Web Khabar

वेब खबर

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button