मध्यप्रदेश: विधानसभा में नहीं हुई चर्चा और पारित हो गया 22 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट



भोपाल। 15वीं विधानसभा का पहला सत्र अपनी तय अवधि से एक दिन पहले 10 जनवरी गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। इसमें बिना चर्चा 22 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का द्वितीय अनुपूरक बजट अनुमान, राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापन प्रस्ताव और मध्यप्रदेश माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक को पारित कर दिया गया। विधानसभा ने द्वितीय अनुपूरक बजट पर चर्चा के लिए दो घंटे समय तय किया था।


उपाध्यक्ष के निर्वाचन को लेकर सदन में चले हंगामे के कारण इस पर चर्चा ही नहीं हो सकी। वित्तमंत्री तरुण भनोत ने द्वितीय अनुपूरक को लेकर प्रस्ताव रखा। जब इस पर बोलने के लिए कोई आगे ही नहीं आया तो द्वितीय अनुपूरक बजट को मंजूरी देते हुए विनियोग विधेयक पारित कर दिया गया। इसी तरह वाणिज्यिक कर मंत्री बृजेंद्र सिंह राठौर ने मध्यप्रदेश माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक को रखा, जो चंद मिनटों में बिना बहस पारित हो गया।


इसी तरह राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापन प्रस्ताव पर चर्चा की शुरूआत कांग्रेस विधायक हिना कांवरे ने की और कहा कि कांग्रेस सरकार ने कर्जमाफी का साहसिक काम किया है। मुख्यमंत्री कमलनाथ जन नेता ही नहीं उद्योगपति भी हैं। इसका फायदा प्रदेश को मिलेगा। वहीं, घनश्याम सिंह ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने वचन पत्र पर पालन शुरू कर दिया है। इसके बाद संसदीय कार्यमंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल तक स्थगित करने का प्रस्ताव यह कहते हुए रखा कि शासकीय काम पूरा हो चुका है। ध्वनिमत से इसे पारित करते हुए सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। 

loading...



प्रमुख खबरें

राज्य

राजनीति