चुनावी शंखनाद से पहले नाथ सरकार का मास्टर स्टोक, राज्यपाल ने दी 27 फीसदी आरक्षण को मंजूरी



भोपाल। लोकसभा चुनाव का शंखनाद होने से पहले कमलनाथ सरकार ने मास्टर स्टोक लगा दिया। अध्यादेश के जरिए प्रदेश के सबसे बड़े मतदाता वर्ग अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को 27 फीसदी आरक्षण का लाभ देने का निर्णय कर लिया। शुक्रवार को तेजी के साथ अध्यादेश की फाइल दौड़ी और देर शाम राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अध्यादेश को मंजूरी दे दी


राजभवन और सामान्य प्रशासन विभाग ने इसकी पुष्टि की है। उधर, विधि एवं विधायी विभाग ने राजपत्र में ओबीसी आरक्षण बढ़ाए जाने की अधिसूचना जारी करने की कवायद शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बुधवार को सागर में ओबीसी को सरकारी नौकरियों में 27 फीसदी आरक्षण देने की घोषणा की थी।


घोषणा के साथ ही मुख्य सचिव सुधिरंजन मोहंती ने इस पर काम शुरू कर दिया था। गुरुवार देर शाम मंत्रालय में उन्होंने सामान्य प्रशासन और विधि एवं विधायी विभाग के अधिकारियों की बैठक बुलाकर अध्यादेश लाने की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए।


शुक्रवार को विधि एवं विधायी विभाग ने अध्यादेश के मसौदे का कानूनी तौर पर परीक्षण करके सामान्य प्रशासन विभाग को लौटाया। विभाग ने मुख्यमंत्री कमलनाथ की अनुमति के साथ इसे राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की मंजूरी के लिए भेजा, जहां से देर शाम अनुमोदन मिल गया।


सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि विधि एवं विधायी विभाग राजपत्र में ओबीसी आरक्षण बढ़ाए जाने अध्यादेश लाए जाने की सूचना का प्रकाशन करने की औपचारिकता जल्द ही करेगा। इसके साथ ही नई आरक्षण व्यवस्था प्रदेश में लागू हो जाएगी। मानूसन सत्र में आएगा विधेयक सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि विधानसभा के मानसून सत्र में ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण देने के प्रावधान को लेकर संशोधन विधेयक लाया जाएगा। इसके जरिए ' मध्यप्रदेश लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षण) अधिनियम 1994" में संशोधन किया जाएगा। 

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