मध्यप्रदेश: शराब दुकानों के ठेके नए सिरे से देने का रास्ता, चुनाव आयोग ने आबकारी नीति को दी मंजूरी



भोपाल। मध्यप्रदेश में शराब दुकानों के ठेके नए सिरे से देने का रास्ता अब साफ हो गया है। चुनाव आयोग ने राज्य की आबकारी नीति 2019-20 को लागू करने की मंजूरी दे दी है। इसमें यह शर्त जरूर लगाई गई है कि यदि कोई प्रथा पहले से चली आ रही है तो उसका पालन किया जाए। चुनाव आयोग से मंजूरी मिलने के बाद वाणिज्यिक कर विभाग आज-कल में नीति राजपत्र में प्रकाशित करके प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा। इस बार सरकार ने शराब दुकानों के लाइसेंस नवीनीकरण के लिए बीस फीसदी अधिक फीस तय की है।


वहीं, देसी शराब की दुकान से यदि अधिक राजस्व नहीं मिलता है तो फिर इन पर विदेशी शराब बेचने की अनुमति भी दी जा सकती है। प्रदेश में एक अप्रैल से शराब दुकानों के लाइसेंस का नवीनीकरण होना है। इसके लिए वाणिज्यिक कर विभाग ने 12 मार्च को प्रस्ताव भेजकर आबकारी नीति को मंजूूरी देने की मांग चुनाव आयोग से की थी। आयोग ने वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार करने को लेकर सवाल भी पूछा था। विभाग का जवाब गुरुवार को चुनाव आयोग भेजा गया। जिससे संतुष्ट होते हुए आयोग ने शुक्रवार को दोपहर बाद आबकारी नीति 2019-20 को स्वीकृति दे दी।


विभाग के प्रमुख सचिव मनु श्रीवास्तव ने बताया कि शनिवार या रविवार को नीति राजपत्र में प्रकाशित कर दी जाएगी। इसके साथ ही नई नीति के हिसाब से लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। उधर, जिलों में आॅनलाइन आवेदन बुलाने की तैयारी हो गई है। देसी और विदेशी शराब की दुकानों के वार्षिक मूल्य 2018-19 में इस बार बीस फीसदी की वृद्धि कर लाइसेंस का नवीनीकरण किया जाएगा। नवीनीकरण, आरक्षित मूल्य से जो राजस्व मिलना प्रस्तावित है, उसका 70 प्रतिशत या उससे अधिक राशि का आवेदन प्राप्त होने पर ही किया जाएगा। यदि नवीनीकरण के लिए बीस फीसदी वृद्धि देने कोई तैयार नहीं होता है तो फिर आवेदन बुलाकर लॉटरी निकाली जाएगी। इसमें भी यदि कुछ दुकानें बच जाती हैं और 70 प्रतिशत राजस्व का आंकड़ा पार नहीं होता है तो जिले की सभी दुकानों की नई सिरे से नीलामी की जाएगी। 

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