कक्कड़ ने याचिका में पेश किया संशोधन, कहा- आईटी कार्रवाई पर चुनाव आयोग भी ले चुका आपत्ति



इंदौर। मुख्यमंत्री कमलनाथ के ओएसडी प्रवीण कक्कड़ ने आयकर विभाग द्वारा की गई छापामार कार्रवाई के खिलाफ दायर याचिका में सोमवार को संशोधन प्रस्तुत कर दिया। उन्होंने 10 अप्रैल को चुनाव आयोग द्वारा भारत सरकार के राजस्व सचिव को लिखा वह पत्र कोर्ट में प्रस्तुत किया जिसमें आयोग ने कार्रवाई पर आपत्ति ली है। संशोधन में याचिका में एक्ट की धारा 132 के साथ 120 को भी शामिल करने की गुहार लगाई है। कोर्ट ने संशोधन आवेदन स्वीकार लिया है। डायरेक्टर इन्वेस्टिगेशन दिल्ली की टीम ने सात अप्रैल को तड़के तीन बजे कक्कड़ के स्कीम 74 स्थित निवास पर छापामार कार्रवाई की थी। हालांकि इसमें आयकर विभाग को बेहिसाब कमाई नहीं मिली।


विभाग की कार्रवाई को चुनौती देते हुए कक्कड़ ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। 11 अप्रैल को कक्कड़ की तरफ से सीनियर एडवोकेट और पूर्व मंत्री कपिल सिब्बल ने बहस में कोर्ट को बताया था कि वे याचिका में कुछ संशोधन प्रस्तुत करना चाहते हैं। सोमवार को कक्कड़ की तरफ से एडवोकेट सुमित नीमा और पीयूष पाराशर ने संशोधन प्रस्तुत कर दिया। एडवोकेट नीमा ने बताया कि याचिका कोर्ट में दायर होने के बाद चुनाव आयोग ने 10 अप्रैल को भारत सरकार के राजस्व सचिव को पत्र लिखकर कार्रवाई पर आपत्ति जताई थी कि चुनाव के समय इस तरह की कार्रवाई नहीं की जाना चाहिए।


आचार संहिता लागू होने के बाद आयोग की जानकारी के बगैर इस तरह की कार्रवाई की गई। पत्र में आयोग ने राजस्व सचिव से कहा है कि भविष्य में ऐसी कार्रवाई आयोग की अनुमति के बगैर नहीं की जाए। एडवोकेट नीमा ने बताया कि सोमवार को हमने आयोग के पत्र को याचिका में शामिल करने की गुहार लगाई थी। कोर्ट ने इसे स्वीकार लिया। इसके अलावा आयकर अधिनियम की धारा 120 को भी याचिका में शामिल करने की मांग भी कोर्ट ने स्वीकार ली है। याचिका में सोमवार को एडिशनल डायरेक्टर इन्वेस्टिगेशन और डिप्टी डायरेक्टर इन्वेस्टिगेशन को भी पक्षकार बनाया गया है। आयकर विभाग की तरफ से एडवोकेट रवि प्रकाश ने पैरवी की। उन्होंने याचिका पर जवाब देने के लिए सात दिन का समय मांगा। अब कोर्ट इस मामले में 9 मई को सुनवाई करेगी। 

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