इंदौर सीट पर कांग्रेस जीतू पटवारी पर लगा सकती है दांव, तेजी से चल रहा नाम



इंदौर। कांग्रेस की ओर से इंदौर लोकसभा सीट से उम्मीदवार के तौर पर जीतू पटवारी को टिकट मिलने के आसार बन रहे हैं। सोमवार को पटवारी का नाम तेजी से कांग्रेस के गलियारों में चला। कांग्रेस के कई नेताओं के पास भी खबर पहुंची कि पटवारी का नाम तय हो गया है। पटवारी के करीबियों ने भी चुनावी तैयारी शुरू करते हुए अपनी ओर से ऐलान भी कर दिया कि मंगलवार-बुधवार को टिकट की घोषणा भी हो जाएगी। मंत्री बनने के बाद राऊ विधानसभा से निकलकर पटवारी ने शहर की अन्य विधानसभाओं में कदम बढ़ा दिए थे।


भाजपा का गढ़ मानी जाने वाली दो नंंबर विधानसभा में मिल मजदूरों के बीच कार्यक्रम आयोजित करने से लेकर घोषणाएं और भोजन के आयोजन तक को पटवारी की लोकसभा की तैयारी से जोड़ा गया था। चुनाव की घोषणा के बाद पटवारी की पत्नी रेणुका का नाम टिकट के दावेदार के तौर पर पहले आगे बढ़ाया गया।पटवारी ने मौजूदा सांसद सुमित्रा महाजन के चाबी वाले बयान को आड़े हाथों लिया था और कहा था कि जब बुजुर्ग चाबियां नहीं देते तो नाती-पोते उनसे चाबियां छीन लेते हैं। बाद में महाजन ने चुनाव मैदान से कदम पीछे हटाने का ऐलान किया तो पटवारी सीधे तौर पर दावेदार के तौर सामने आए।


ज्योतिरादित्य सिंधिया के गुना से टिकट लेने के बाद पटवारी की राह और आसान होती दिखी। बीते तीन दिनों में पटवारी का नाम तेजी से चला। पटवारी ने दावेदारी को खारिज नहीं किया बल्कि अपने करीबियों के जरिए इंदौर के बेटे के ही इंदौर से चुनाव लड़ने की बात कहकर अपनी दावेदारी को और बल दे दिया। सोमवार सुबह पटवारी के घर पर कांग्रेस की बैठक हुई। कांग्रेस के हलकों में भले ही पटवारी का टिकट तय होने की चर्चा चल पड़ी है, फिर भी उनका विधायक होना ही लोकसभा की राह में सबसे बड़ी अड़चन माना जा रहा है। कांग्रेस ने प्रदेश में अब तक किसी भी विधायक को लोकसभा का टिकट नहीं दिया है। यदि पटवारी लोकसभा लड़े और जीते तो ऐसी स्थिति में उन्हें विधायक और सांसद में से कोई एक पद छोड़ना होगा। वर्षों बाद यदि कांग्रेस को इंदौर लोकसभा सीट मिलती है तो वह भी छोड़ना आसान नहीं होगा। लिहाजा उन्हें टिकट देने का निर्णय भी कांग्रेस के लिए मुश्किल होगा। 

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