अजब संयोग: 14 लोकसभा चुनावों में मालवा से जुड़ा प्रत्याशी आज तक नहीं जीता चुनाव



धार। धार-महू संसदीय क्षेत्र मालवा और निमाड़ दो संस्कृति में बंटा हुआ है। इसमें एक इंदौर जिले की तथा सात धार जिले की। कुल आठ विधानसभा में से चार मालवा में हैं तो चार निमाड़ से जुड़ी हैं। स्थानीय स्तर पर इसे घाट के नीचे व घाट के ऊपर के नाम से जाना जाता है। अब तक 14 बार लोकसभा चुनाव हुए हैं। इसमें हमेशा विजयी प्रत्याशी घाट के नीचे वाली यानी निमाड़ से जुड़ी विधानसभाओं से ही जीता है। अभी तक मालवा से जुड़ी चार विधानसभा से जुड़ा कोई भी प्रत्याशी सांसद नहीं बन पाया। इसे भी एक संयोग ही कहा जाएगा। धार लोकसभा अजजा वर्ग के लिए आरक्षित सीट है। आठ विधानसभाओं में धार, बदनावर व महू सामान्य सीट है। वहीं सरदारपुर, मनावर, गंधवानी, कुक्षी व धरमपुरी अजजा वर्ग के लिए आरक्षित है। वर्तमान में आठ में से 6 पर कांग्रेस व 2 पर भाजपा का कब्जा है। वहीं 2014 में यहां से लोकसभा चुनाव भाजपा प्रतयाशी जीता है। घाट के ऊपर के क्षेत्र को मालवा कहा जाता है। इसमें चार विधानसभा धार, बदनावर, महू व सरदारपुर आती हैं।


इसमें से तीन सीट सामान्य व एक आरक्षित। वहीं घाट के नीचे जिसे निमाड़ कहा जाता है वहां मनावर, धरमपुरी, गंधवानी व कुक्षी, सभी सीट आदिवासी बाहुल्य है। अजजा वर्ग के लिए आरक्षित भी हैं। ऐसे में अधिकांश चुनावों में घाट के ऊपर के मतदाता की पसंद भाजपा रहती है तो घाट के नीचे के मतदाताओं की पसंद कांग्रेस। अभी तक तीसरे दल की दाल धार लोकसभा क्षेत्र में नहीं गल पाई है। इस बार जय आदिवासी युवा संगठन (जयस) मैदान में उतरता है तो चुनाव त्रिकोणीय हो सकते हैं। इस बार लोकसभा चुनाव में जयस भी अपनी दावेदारी कर रहा है। वर्तमान में मनावर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर जयस के प्रत्याशी चुनाव जीत चुके हैं। यदि लोकसभा में समझौता नहीं हुआ और जयस मैदान में उतरता है तो मामला त्रिकोणीय होने के साथ रोचक होगा। यहां गौर करने लायक बात यह है कि जयस का प्रभाव घाट के ऊपर के बजाय घाट के नीचे वाली चारों विधानसभा सीटों पर अधिक है। 1962 से 2014 के मध्य 14 लोकसभा चुनाव हुए हैं।


इसमें 7 बार कांग्रेस व 3 बार जनसंघ, 3 बार भाजपा व 1 बार भारतीय लोक दल। 1962 से 1971 में तीन बार जनसंघ, 1977 के समझौते में यहां से भारतीय लोक दल, 1980 से 1991 के मध्य चार चुनाव में कांग्रेस, 1996 में भाजपा, 1998 व 1999 में कांग्रेस, 2004 में भाजपा, 2009 में कांग्रेस व 2014 में भाजपा प्रत्याशी ने जीत हासिल की है। अभी तक 14 बार लोकसभा चुनाव हुए हैं। इसमें से जो भी प्रत्याशी चुनाव जीता है व घाट के नीचे वाली विधानसभा क्षेत्र का मूल निवासी रहा है। इसमें मनावर विधानसभा के निवासी सात बार जीते हैं। इसमें कांग्रेस के गजेंद्रसिंह राजूखेड़ी तीन बार, सूरजभानु सोलंकी दो बार व भाजपा के छतरसिंह दरबार दो बार जीते हैं। वहीं धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र से मूल निवासी रहे प्रत्याशी 6 बार चुनाव जीते थे। इसमें से चार बार भारतसिंह चौहान विजय हुए। जो तीन बार जनसंघ से व एक बार भारतीय लोक दल से उम्मीदवार थे। इसके अलावा एक बार फतेहभानुसिंह कांग्रेस व एक बार सावित्री ठाकुर भाजपा से विजय रहीं। कुक्षी विधानसभा के मूल निवासी प्रतापसिंह बघेल को भी कांग्रेस से विजयी मिली थी। 

loading...



प्रमुख खबरें

राज्य

राजनीति