अधिकारियों पर गाज के बाद भी नहीं सुधर रहे अफसर, क्षिप्रा नदी में डाल रहे डैम का पानी



भोपाल। उज्जैन में पिछले हफ़्ते शनि अमावस्या पर श्रद्धालुओं के कीचड़ में स्नान करने से नाराज सीएम कमलनाथ ने कमिश्नर और कलेक्टर को हटा दिया था। लेकिन अधिकारी फिर भी नहीं सुधरे हैं। उज्जैन में अब भी वही हाल है। क्षिप्रा और गंभीर का वही  पानी लिफ्ट करके दोबारा नदी में डाला जा रहा है।


शनि अमावस्या पर जब नर्मदा का  पानी क्षिप्रा नदी के त्रिवेणी घाट पर नहीं पहुंचा तो राज्य सरकार ने इसके लिए कमिश्नर और कलेक्टर को जिÞम्मेदार मानते हुए तत्काल हटा दिया था।लेकिन अब एनवीडीए के अधिकारियो की लापरवाही देखिए वो अपने उच्च अधिकारियों को अपना काम दिखाने के लिए क्या कर रहे हैं। त्रिवेणी घाट के पास क्षिप्रा नदी का पानी लिफ्ट करके फिर से शिप्रा नदी में डाला जा रहा है। इसके लिए 10 से अधिक बड़े मोटर पम्प और जनरेटर लगाए गए हैं।श


शिप्रा नदी में गंभीर नदी का पानी भी डाला जा रहा है, जबकि गंभीर डैम से शहर में वॉटर सप्लाई की जाती है। अब डैम का पानी नदी में डालने से डैम खाली होता जा रहा है। दरअसल इस मामले में एनवीडीए के किसी अधिकारी पर गाज नहीं गिरी थी। अब गुरुवार को एनवीडीए के उच्च अधिकारी यहां निरीक्षण के लिए आने वाले हैं। इसलिए उससे पहले अफसर आनन-फानन में ये उल्टा-सीधा काम करवा रहे हैं। इसकी वजह ये बतायी जा रही है कि मकर संक्रांति पर फिर क्षिप्रा में स्नान होगा इसलिए उसकी तैयारी की जा रही है। हालांकि मकर संक्रांति का नहान तो राम घाट पर होगा लेकिन पानी त्रिवेणी घाट में डाला जा रहा है। इसके लिए 10 से अधिक मोटर पम्प,दो बड़े  जनरेटर और 20 से अधिक कर्मचारी लगाए गए हैं। 

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