पाकिस्तान कप्तान बोले: पुलवामा हमले के बाद क्रिकेट को निशाना बनाना निराशा जनक



कराची। पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान से हर तरह के संबंध तोड़ने की मांग के बीच पड़ोसी देश की क्रिकेट टीम के कप्तान सरफराज अहमद का बयान आया है। सरफराज ने कहा है कि पुलवामा आतंकी हमले के बाद क्रिकेट को निशाना बनाना निराशाजनक है और वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान का मैच पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही होना चाहिए। भारत में इस मैच के बहिष्कार की उठ रही मांग के बीच सरफराज ने कहा कि पाकिस्तान कभी खेल को राजनीति से नहीं जोड़ता।


  पाकिस्तान के कप्तान ने खेलों को राजनीति से दूर रखने की अपील करते हुए कहा कि दोनों देशों के क्रिकेट प्रेमियों की दिलचस्पी को देखते हुए यह मैच खेला जाना चाहिए। सरफराज ने एक पाकिस्तानी वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘भारत और पाकिस्तान का मैच पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होना चाहिए क्योंकि लाखों लोग हैं जो इस मैच को देखना चाहते हैं। मेरा मानना है कि राजनीतिक हितों के लिए क्रिकेट का निशाना नहीं बनाना चाहिए।’  उन्होंने कहा, यह निराशाजनक है कि पुलवामा घटना के बाद क्रिकेट को निशाना बनाया जा रहा है।


मुझे याद नहीं है कि पाकिस्तान ने कभी खेलों के साथ राजनीति को जोड़ा हो। उन्होंने आगे कहा कि राजनीतिक फायदे के लिए क्रिकेट को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।  पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान से हर तरह के संबंध तोड़ने की मांग की जा रही है। इसमें क्रिकेट भी शामिल है। कई सीनियर खिलाड़ियों का कहना है कि भारत को 16 जून को पाक के साथ वर्ल्ड कप में होनेवाला मैच नहीं खेलना चाहिए। शुक्रवार को इसपर प्रशासकों की समिति (सीओए) की मीटिंग भी हुई थी।  उन्होंने फिलहाल गेंद सरकार के पाले में डाल दी है और कहा है कि आगे वही फैसला लें कि मैच खेलना है या नहीं। साथ ही सीओए ने आईसीसी समेत बाकी देशों को पत्र भी लिखा है। जिसमें ऐसे देश से संबंध तोड़ने को कहा गया है जो आतंक का गढ़ हो। 

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रत्नाकर त्रिपाठी

रत्नाकर त्रिपाठी की गिनती प्रदेश के उन वरिष्ठ पत्रकारों में होती है जिन्हें लेखनी का धनी माना जा सकता है। राष्ट्रीय सहारा, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर सहित कई अखबारों और ई टीवी तक अपनी विशिष्ट छाप छोड़ने वाले रत्नाकर प्रदेश के उन गिने चुने संपादकों में से एक है जिनकी अपनी विशिष्ट पहचान उनकी लेखनी से है।



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