बैकफुट पर शीला दीक्षित, आप से गठबंधन के लिए राजी हुई कांग्रेस, जल्द होगी घोषणा



नई दिल्ली। दिल्ली के सियासी इतिहास में बड़े घटनाक्रम के तहत आम आदमी पार्टी से गठबंधन के लिए प्रदेश कांग्रेस राजी नजर आ रही है। यह गठबंधन केवल लोकसभा चुनाव के मद्देनजर होगा। इस आशय की औपचारिक घोषणा अगले कुछ ही दिनों में हो जाने की संभावना है। इसकी वजह दिल्ली की सातों सीटों पर भाजपा को हराने की रणनीति बताई जा रही है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित ने भी बैकफुट पर आते हुए अपने पुराने रूख में नरमी के स्पष्ट संकेत दे दिए हैं


इधर, आप ने भी कांग्रेस के बदले रूख को देशहित में बताया है। गठबंधन को लेकर आप और कांग्रेस के बीच लंबे समय से चल रही जद्दोजहद के बीच शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस प्रभारी व अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव पीसी चाको ने जागरण से बातचीत में कहा कि यह गठबंधन देशहित में जरूरी है। इसीलिए कांग्रेस देशभर में भाजपा विरोधी तमाम छोटी-बड़ी पार्टियों के साथ गठबंधन कर रही है।


दिल्ली की बात करें तो 2017 के नगर निगम चुनाव में कांग्रेस को 22 और आप को 28 फीसद मत मिले थे, जबकि भाजपा का मत फीसद 35 फीसद रहा था। ऐसे में अगर आप और कांग्रेस मिलकर चुनाव लड़ते हैं तो दोनों का मत फीसद 50 हो जाएगा। पार्टी के हित में भी यही है कि दिल्ली में त्रिकोणीय मुकाबले से बचा जाए। चाको ने भाजपा की तरफ इशारा करते हुए कहा कि बड़े दुश्मन को हराने के लिए भी यह गठबंधन जरूरी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की सात सीटों का बंटवारा भी मुश्किल नहीं है।


आप सीटों के आधे-आधे बंटवारे पर तैयार है। चाको के मुताबिक, आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल का चरित्र या व्यक्तित्व इस समय प्रासंगिक नहीं है, प्रदेश कांग्रेस के नेताओं और कार्यकतार्ओं की उनके और आप के प्रति नाराजगी भी स्वाभाविक एवं जायज है, लेकिन इस समय हर हाल में भाजपा को हराना एकमात्र लक्ष्य है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश कांग्रेस को गठबंधन का अनुभव नहीं है, लेकिन पार्टी का फैसला आते ही सभी शंकाएं और विरोध दूर हो जाएगा।


शीला जी को समझा लिया जाएगा और मना भी लिया जाएगा। वह पार्टी की वरिष्ठ नेता हैं और पार्टी की नीतियों एवं विचारधारा से भी भली भांति परिचित हैं। उन्होंने कहा कि उनकी शीला जी से बात हो गई है और उन्होंने पार्टी हाईकमान राहुल गांधी से भी इस विषय पर मिलने का समय मांगा हुआ है। क्या कहते हैं रणनीतिकार हम ये बात कहते आ रहे हैं और बुद्धिजीवियों व पार्टी समर्थकों का भी मानना है कि यदि आप और कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ते हैं तो कांग्रेस के उम्मीदवार आप का वोट काटेंगे। दोनों साथ आकर भाजपा को हरा सकते हैं। अब ये बात कांग्रेस नेताओं को भी समझ में आ रही है। -सौरभ भारद्वाज, प्रवक्ता, आप 

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