सपा-बसपा आज करेंगे गठबंधन का औपचारिक ऐलान, प्लान बी पर कांग्रेस ने शुरू किया काम, 25 सीटों पर करेगी फोकस



नई दिल्ली। यूपी में बीएसपी और एसपी के गठबंधन को लेकर आज औपचारिक ऐलान हो सकता है। अभी तक जो संकेत मिल रहे हैं, उस हिसाब से गठबंधन में कांग्रेस को जगह नहीं मिलेगी, सिर्फ गांधी परिवार के परंपरागत गढ़ अमेठी और रायबरेली में गठबंधन अपना उम्मीदवार नहीं उतारेगा। इसे देखते हुए कांग्रेस ने प्लान बी पर काम शुरू कर दिया है। इसके तहत पार्टी उत्तर प्रदेश की 25 उन संसदीय सीटों पर फोकस करेगी, जहां उसके जीतने की अधिक संभावना है।  कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि कम अंतर से हारने वाली 25 सीटों पर जीतने की संभावना अच्छी है। इसलिए वह इन सीटों पर ध्यान देगी। यूपी में कांग्रेस के एक नेता ने कहा, '2009 के लोकसभा चुनाव में हमने यूपी में 21 सीटें जीती थीं। हम इसे ध्यान में रखकर आगे बढ़ रहे हैं।' उन्होंने कहा, 'ऐसे प्रत्याशी हैं, जिनके चुनाव जीतने की अच्छी संभावना है।


इनमें से कुछ ऐसी सीटें हैं, जो 2014 में हम हार गए थे, लेकिन 2014 में तो बीजेपी को छोड़कर सभी पार्टियों ने सीटें गंवाई थीं। हमारा ध्यान इन 25 निर्वाचन क्षेत्रों पर होना चाहिए और हम यहां से खड़े होने वाले प्रत्याशियों के पक्ष में पूरी ताकत झोंक देंगे।'  सूत्रों ने बताया कि बाकी सभी सीटों पर पार्टी बीएसपी-एसपी गठबंधन से दोस्ताना लड़ाई के लिए तैयार है। इस स्थिति में कांग्रेस बीएसपी और एसपी से सलाह-मशविरा कर कुछ ऐसे प्रत्याशी मैदान में उतार सकती है, जिससे चुनाव जीतने में इन दोनों पार्टियों को मदद मिले। इन सीटों पर कांग्रेस आक्रामक चुनाव प्रचार भी नहीं करेगी। नेता ने कहा, 'इस आइडिया से बीजेपी विरोधी वोट बैंक बंटेगा नहीं और अगर एसपी या बीएसपी के प्रत्याशी अच्छी स्थिति में हैं, तो उन्हें जीतना चाहिए।'  सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस, बीएसपी और एसपी से बात कर रही है।


कांग्रेस महासचिव और यूपी के प्रभारी गुलाब नबी आजाद दोनों पार्टियों के नेतृत्व के संपर्क में हैं। एक बार स्थिति स्पष्ट हो जाए तो कांग्रेस प्रेजिडेंट राहुल गांधी को इससे अवगत कराया जाएगा। आरएलडी को लेकर कांग्रेस को विचार करना होगा कि सिर्फ इन दोनों को चुनाव मैदान में उतरना है या बीएसपी-एसपी गठबंधन में शामिल होना है। हालांकि, आरएलडी गठबंधन का हिस्सा बनती दिख रही है, पेच सिर्फ सीटों को लेकर फंसा है।  यूपी में कांग्रेस नेता ने कहा, 'अगर वे साथ आते हैं तो यह अच्छा होगा और इससे हमारी अनुमानित सीटों की सूची मजबूत होगी।' उन्होंने कहा, 'आरएलडी पहले भी कांग्रेस के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ चुकी है और इसमें उसे कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। वे राजस्थान में गठबंधन और सरकार का हिस्सा हैं।' 2014 में कांग्रेस यूपी में गांधी परिवार के दबदबे वाली सिर्फ 2 सीटें अमेठी और रायबरेली में ही चुनाव जीत पाई थी। 2009 में कांग्रेस ने यूपी में 21 सीटें जीती थीं, जो पिछले 20 साल में उसकी सबसे बड़ी सफलता है। 2004 में कांग्रेस ने यूपी में 9 सीटें जीती थीं।  

loading...



प्रमुख खबरें

राज्य

राजनीति