चुनाव आयोग के नोटिस पर योगी की सफाई, कहा- किसी को बुरा लगने से मैं आस्था नहीं छोड़ सकता



लखनऊ। विवादित बयानों के कारण चुनाव आयोग की नोटिस पर यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ अपनी सफाई भेज दी है। आयोग को दिए जवाब में योगी ने कहा है कि बजरंगबली में मेरी अटूट आस्था है और किसी को बुरा लगे या कोई अज्ञानतावश असुरक्षित महसूस करता है, इस डर से मैं इस आस्था को नहीं छोड़ सकता। योगी ने साथ ही कहा कि उन्होंने छद्म धर्मनिरपेक्षता को उजागर किया था। हर नागरिक को धर्म व आस्था की स्वतंत्रता है।   उल्लेखनीय है कि बीते गुरुवार को आयोग ने उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ और बीएसपी सुप्रीमो को उनके बयानों पर नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा था।


दोनों ही नेताओं के बयानों के सांप्रदायिक होने का आरोप है और इस पर आयोग ने संज्ञान लिया। आयोग ने आगे कार्रवाई करते हुए योगी के चुनाव प्रचार पर 72 घंटे और मायावती के चुनाव प्रचार पर 48 घंटे की रोक लगा दी।  योगी ने कहा कि उन्होंने कभी भी धर्म और जाति के नाम पर वोट नहीं मांगा था। धर्म और जाति के नाम पर अगर किसी ने वोट मांगा है तो वे विपक्ष के नेता हैं। योगी ने आगे लिखा कि एक राष्ट्रीय दल की नेत्री खुद को धर्म निरपेक्ष कहती हैं।


पर क्या मजहब के आधार पर मुसलमानों से वोट मांगना धर्म निरपेक्षता की श्रेणी में आएगा? देश के जिम्मेदार नागरिक होने के कारण मेरा फर्ज बनता है कि इसका लोगों के समक्ष पदार्फाश किया जाए। योगी ने सफाई में कहा कि उन्होंने हरे वायरस उपनाम का उपयोग संकीर्ण दर्जें की उस राजनीति के लिए किया जिसके तहत राजनैतिक दल मूल्यों को नजरंदाज कर धर्म विशेष को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करते हैं।  प्रचार में यह बोले थे योगी  योगी ने अपने बयान में कहा था, 'अगर कांग्रेस, एसपी, बीएसपी को अली पर विश्वास है तो हमें भी बजरंग बली पर विश्वास है।' योगी ने देवबंद में बीएसपी प्रमुख मायावती के उस भाषण की तरफ इशारा करते हुए यह टिप्पणी की थी जिसमें उन्होंने ने मुस्लिमों से एसपी-बीएसपी गठबंधन को वोट देने की अपील की थी। 

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