लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा-कांग्रेस की जोर आजमाइश शुरू, 29 सीटों के लिए कसरत हुई तेज



भोपाल। लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों ने जोर आजमाइश शुरू कर दी है। दावे तो दोनों पार्टियों के बड़े-बड़े हैं लेकिन हकीकत ये है कि दोनों ही पार्टियों के लिए 19 के अखाड़े में कई सीटें ऐसी हैं जहां मुश्किल हो सकती है। 19 के अखाड़े में मध्य प्रदेश की 29 सीटों के लिए सियासी पार्टियों की कसरत तेज हो गई है। 19 की तैयारी 18 के नतीजों को ध्यान में रखकर की जा रही है। विधान सभा चुनाव के नतीजों को आधार बनाएं तो बीजेपी के लिए 9 सीटें जबकि कांग्रेस के लिए एक दर्जन सीटों पर खतरा बरकरार है।


हालांकि बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही फिलहाल अपने पत्ते खोलने के लिए तैयार नहीं हैं। दोनों दल टिकट फाइनल करने से पहले जमीनी फीडबैक भी ले रही हैं। फीडबैक के मुताबिक... -कांग्रेस को 12 सीटों पर जीत तय लग रही है। -पार्टी को उम्मीद है कि 5 और सीटों पर मेहनत की जाए तो जीत की संभावना है। -कांग्रेस के लिए जिन सीटों पर हालात अनुकूल हैं उनमें ग्वालियर, भिंड, मुरैना, बैतूल, राजगढ़, धार, मंडला, शहडोल, छिंदवाड़ा, गुना, रतलाम, देवास शामिल हैं।


-जिन सीटों पर पार्टी के लिए मुश्किल है उनमें भोपाल, इंदौर, जबलपुर, विदिशा, बालाघाट, खरगौन, रीवा, सीधी, दमोह, सागर, टीकमगढ़, उज्जैन शामिल हैं। बीजेपी के फीडबैक के मुताबिक, उसे 20 सीटें अपने खाते में आती दिख रही हैं। जबकि 9 सीटें बीजेपी को जीतना मुश्किल लग रहा है। -जिन सीटों पर पार्टी को मुश्किल लग रही है उनमें छिंदवाड़ा, गुना-शिवपुरी, झाबुआ-रतलाम, धार, खरगौन, मंडला, देवास, बैतूल और राजगढ़ शामिल हैं। बीते लोकसभा चुनाव में मध्य प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों में से 27 सीटें बीजेपी के खाते में गई थीं जबकि 2 सीटों पर कांग्रेस को जीत मिली थी। उपचुनाव में एक और सीट कांग्रेस को मिली इस हिसाब से गणित 26 और 3 का हो गया। ऐसे में अब देखना ये है कि आखिर 19 के अखाड़े में बाजी कौन जीतता है और किसका गणित बिगड़ता है।  

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