सपा-बसपा के रिश्तों में बढ़ रहीं नजदीकियां, आज एक मंच पर होंगे माया-मुलायम



लखनऊ। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (एसपी) और बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के रिश्तों में लगातार नजदीकियां बढ़ती जा रही हैं। शुक्रवार को 24 साल बाद एकबार फिर वह नजारा देखने को मिल सकता है, जिसकी शायद किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी


सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार को मैनपुरी और आंवला में होने जा रही गठबंधन की रैली में बीएसपी चीफ मायावती और मुलायम सिंह यादव एकसाथ एक मंच पर आ सकते हैं।  आपको यह भी बता दें कि 1995 के गेस्ट हाउस कांड के बाद से एसपी और बीएसपी में जो राजनीतिक दुश्मनी हुई थी, वह यूपी की तीन लोकसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के दौरान ही खत्म हो गई थी।


इसके बावजूद इस बात की उम्मीद कम ही थी कि कभी मुलायम और मायावती एक मंच पर नजर आएंगे। कई बार मुलायम सिंह यादव से जब गठबंधन को लेकर सवाल पूछे गए तो उन्होंने भी सवालों को टाल दिया था।  गौरतलब है कि यूपी की आजमगढ़ से लोकसभा सांसद मुलाम सिंह यादव इसबार मैनपुरी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। उनके नामांकन के दौरान भी बीएसपी के नेता मौजूद रहे थे।


शुक्रवार को मैनपुरी में ही होने जा रही इस रैली में मुलायम और मायावती के अलावा एसपी के वर्तमान अध्यक्ष अखिलेश यादव और राष्टीय लोकदल अध्यक्ष और गठबंधन सहयोगी चौधरी अजित सिंह भी शामिल हो सकते हैं।  1992 में मुलायम सिंह यादव ने समाजवादी पार्टी बनाई और 1993 के विधानसभा चुनाव में दोनों पार्टियों ने मिलकर चुनाव लड़ा था।


इस गठबंधन को जीत मिली थी और मुलायम सिंह यादव सीएम बने थे। हालांकि, दो ही साल में दोनों पार्टियों के बीच रिश्ते खराब होने लगे। इसी बीच मुलायम सिंह को भनक लग गई कि मायावती बीजेपी के साथ जा सकती हैं। मायावती लखनऊ स्थित गेस्ट हाउस में विधायकों के साथ बैठक कर रहीं थीं। इतने में एसपी के कार्यकर्ता और विधायक वहां पहुंचे और बीएसपी के कार्यकतार्ओं के साथ मारपीट करने लगे। आरोप है कि मायावती पर भी हमला करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने खुद को एक कमरे में बंद करके खुद को बचा लिया। इस घटना के बाद मायावती ने समर्थन वापस लेने के ऐलान कर दिया। इसके बाद मायावती बीजेपी से समर्थन से सीएम बन गईं। 

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