देशभक्ति की परिभाषा बताकर प्रियंका ने छेड़ी नई बहस, भाजपा ने सवालों की लगाई झड़ी



लखनऊ। गुजरात की कांग्रेस कार्यसमिति में पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सही वोट और जागरूकता को देशभक्ति की नई परिभाषा बताकर बहस खड़ी की तो अगले ही दिन भाजपा ने सवालों की झड़ी लगा दी। छह घटनाएं याद दिलाकर उनसे जवाब मांगे हैं। बुधवार को लखनऊ के भाजपा मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में स्वास्थ्य मंत्री और राज्य सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने प्रियंका से सवाल किए।



1. कांग्रेस कार्यसमिति में दिए प्रियंका गांधी के बयान का जिक्र करते हुए पूछा, आतंकी को "जी" पुकारना देशभक्ति की श्रेणी में है या नहीं? 2. 2016 में हुई सर्जिकल स्ट्राइक पर सेना से सबूत मांगना देशभक्ति है या नहीं? 3. पुलवामा के बाद हुई एयर स्ट्राइक के साक्ष्य मांगना देशभक्ति है या नहीं? 4. 26 नवंबर, 2008 के आतंकी हमले के बाद सेना को पाकिस्तान पर कार्रवाई की इजाजत न देना देशभक्ति है या नहीं? 5. भारत तेरे टुकड़े होंगे, इंशा अल्ला-इंशा अल्ला कहने वालों के समर्थन में खड़े होना देशभक्ति है या नहीं? 6. उच्च राजनीतिक पदों पर बैठे लोगों के परिवार के हाथों आमजन की गाढ़ी कमाई की लूट देशभक्ति की श्रेणी में है या नहीं? इंदिरा नेहरू नहीं तो प्रियंका गांधी क्यों लिखती हैं? सिद्धार्थ नाथ सिंह ने एक सवाल पर प्रियंका के नाम में गांधी जोड़े जाने पर ही सवाल खड़े कर दिए। तर्क दिया, जैसे इंदिरा ने नेहरू नहीं लिखा, सोनिया माइनो नहीं लिखतीं, वैसे ही प्रियंका को गांधी नहीं लिखना चाहिए। 1971 के युद्ध की याद दिलाईएयर स्ट्राइक पर साक्ष्य मांगे जाने पर उन्होंने 1971 के युद्ध की याद दिलाई। कहा, तब संसद में अटल जी ने इंदिरा गांधी की तारीफ की थी लेकिन, कांग्रेस यह शिष्टाचार भूल गई। 

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