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लोकसभा चुनाव 2019: मोदी ने किए 142 रैलियां और 4 रोड शो, राहुल ने 128 रैलियों को किया संबोधित

बात अगर क्षेत्रीय पार्टियों की करें तो उनका फोकस मुख्य तौर पर संबंधित गृह राज्यों पर रहा। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ उन कुछ मौजूदा मुख्यमंत्रियों में शुमार रहे, जिन्होंने अपने राज्य से बाहर भी प्रमुखता से प्रचार किया। 2 प्रमुख राष्ट्रीय पार्टियों- बीजेपी और कांग्रेस खासकर इनके नेताओं नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी की रैलियों से दोनों दलों की प्राथमिकताओं के बारे में आइडिया लगता है। इसमें पिछले चुनाव की तुलना में इस बार अलग रणनीति की भी झलक मिलती है।  आगे पढ़ें

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चुनाव प्रचार के आखिरी दिन मोदी और ममता ने झोंकी ताकत, सभाओं और रोड शो के जरिए मतदाताओं को लुभाने की कोशिश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम ममता बनर्जी की आक्रामक रैलियों के बाद बंगाल में लोकसभा चुनाव के सातवें और आखिरी चरण के लिए चुनाव प्रचार थम गया। प्रचार के आखिरी दिन पीएम मोदी ने जहां राज्य में दो रैलियों को संबोधित किया, वहीं ममता बनर्जी ने कई सभाएं और एक रोडशो के जरिए मतदाताओं को साधने की कोशिश की। बता दें कि चुनाव आयोग ने बुधवार को राज्य में एक दिन पहले ही चुनाव प्रचार खत्म करने का फैसला किया था।  आगे पढ़ें

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गुना लोकसभा सीट: सिंधिया के आसान नहीं होगा 2019 का चुनाव

गुना-शिवपुरी संसदीय सीट पर सिंधिया परिवार या समर्थकों का कब्जा रहा है। फिर चाहे भाजपा हो या कांग्रेस, जीत सिंधिया परिवार ने ही दर्ज कराई है। लेकिन 2019 का चुनाव कांग्रेस के लिए आसान नहीं है। क्योंकि, इस चुनाव में कांग्रेस से ज्योतिरादित्य सिंधिया मैदान में है, तो भाजपा ने कांग्रेस छोड़कर आए डॉ. केपी यादव को उम्मीदवार बनाया है। यूं तो गुना-शिवपुरी संसदीय सीट पर भाजपा पिछले पांच साल से नजरें जमाए हुए थी। इसके लिए बूथ लेवल तक मेहनत की गई, तो चुनाव में दमदार उम्मीदवार मैदान में उतारने का दावा भी पार्टी करती रही थी। यही वजह थी कि कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम सामने आने के बाद भी भाजपा ने प्रत्याशी घोषित करने में लंबा इंतजार कराया, जिससे माना जा रहा था कि कोई दमदार उम्मीदवार ही उतारा जाएगा।  आगे पढ़ें

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आजमगढ़ सीट पर चुनाव हुआ दिलचस्प, जीते-हारे कोई, दबदबा रहेगा कायम

2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी के लहर के बीच भी मुलायम सिंह यहां से विजयी हुए थे। इस बार उन्होंने सीट बेटे को दे दी। इस सीट पर सपा और बसपा के बीच अदला-बदली होती रही है। हालांकि 2009 में भाजपा के रमाकांत यादव विजयी हुए थे। वैसे रमाकांत की राजनीति दिलचस्प रही है। 1996 और 1999 में वे सपा के टिकट पर सांसद चुने गए थे। 2004 में बसपा में शामिल हो गए और टिकट मिलने पर फिर जीत दर्ज की। 2009 में भाजपा में शामिल हो गए और फिर जीते। अब चुनाव से ऐन पहले ये कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। कुल मिलाकर आजमगढ़ सीट पर अब तक 18 बार चुनाव हुए हैं। केवल तीन बार ही गैरयादव या गैरमुस्लिम प्रत्याशी जीत सका है।  आगे पढ़ें

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भाजपा प्रत्याशियों को जिताने संघ ने दर्जन सीटों पर झोंकी ताकत, विस चुनाव से लिया सबक

संघ ने अपने आनुषांगिक संगठनों के भरोसेमंद पदाधिकारियों को भी निगरानी और फीडबैक के लिए चुनाव मैदान में भेजा है। भाजपा एवं संघ से जुड़े सूत्रों का दावा है कि मौजूदा चुनावों में जिस तरह आरएसएस और हिंदुत्व के मुद्दे पर निशाना साधा जा रहा है उसकी प्रतिक्रियास्वरूप यह तैयारी की गई है। संघ ने इसे आर-पार की लड़ाई के रूप में लिया है। यही वजह है कि संघ ने सभी सीटों पर मतदान का प्रतिशत बढ़ाने के लिए विशेष मुहिम शुरू की है। इस मुद्दे पर प्रतिनिधि सभा में संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने खासतौर पर निर्देश दिए थे। संघ का सोच और आकलन है कि मतदान प्रतिशत बढ़ने से लोकतंत्र मजबूत होगा और परोक्ष रूप से इसका सीधा फायदा भाजपा प्रत्याशी को ही मिलेगा।  आगे पढ़ें

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उज्जैन लोकसभा सीट: कांग्रेस में गुटबाजी हावी तो भाजपा को सता रहा भितरघात का डर

इस बार विधानसभा चुनाव में आठ में से पांच विधानसभा सीटों पर कांग्रेस को फतह मिली है। इसके साथ ही कांग्रेस में गुट भी बढ़ गए हैं और ये गुटबाजी अब लोकसभा चुनाव में खुलकर सामने आ रही है। कांग्रेस को जिन सीटों पर हार मिली थी उनपर अपने ही हार की वजह बने थे। कांग्रेस से बागी हो कर चुनाव लड़े और नतीजों पर इसका सीधा असर पड़ा। विधानसभा चुनाव से सीख लेते हुए कांग्रेस ने बागी नेताओं को मनाने की कोशिश की है। खुद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने नाराज नेताओं से बात कर उन्हें पार्टी के लिए काम करने को कहा है। हालांकि इन नेताओं की अभी अधिकृत वापसी नहीं हुई है।  आगे पढ़ें

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सतना लोकसभा सीट: चुनावी माहौल चरम पर, प्रमुखता से उठा रोजगार का मुद्दा

1984 में कांग्रेस ने यहां से अजीज कुरैशी को मैदान में उतारा। 1989 में बीजेपी के सुखेंद्र सिंह यहां के सांसद बने। 1991 के चुनाव में कांग्रेस के दिग्गज नेता अर्जुन सिंह ने जीत हासिल की। 1996 में यहां से बसपा के सुखलाल कुशवाहा यहां से जीतने में सफल रहे। 1998, 99 में भाजपा के रामानंद सिंह यहां से सांसद चुने गए। 2004, 2009 में गणेश सिंह को जीत मिली थी। सतना लोकसभा सीट पर 6 बार बीजेपी को, 4 बार कांग्रेस को, 1 बार बसपा को और 1 बार भारतीय जनसंघ को जीत मिल चुकी है।  आगे पढ़ें

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प्रियंका के वोटकटवा बयान पर पीएम ने कसा तंज, कहा- लोग मुझे गिराने में कई बार गिर चुके हैं

उत्तर प्रदेश के लोगों ने जिस तरह ठान लिया है कि विकास के आगे उन्हें कुछ भी मंजूर नहीं है। इन महामिलावटी लोगों को समझ ही नहीं आ रहा है कि अब बचा हुआ चुनाव बचाने के लिए कौन सा खेल खेला जाए। अब ये साफ हो चुका है कि समाजवादी पार्टी ने गठबंधन के बहाने बहन मायावती का तो फायदा उठा लिया, लेकिन अब बहनजी को समझ आ गया है कि सपा और कांग्रेस ने बहुत बड़ा खेल खेला है। अब बहनजी खुले आम कांग्रेस और नामदार की आलोचना करती है। समाजवादी पार्टी ने मायावती को अंधेरे में रखा। सपा ने गठबंधन के बहाने बसपा पार्टी के साथ भी धोखा किया है।  आगे पढ़ें

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बैतूल में गडकरी ने बोला हमला, कहा- आजादी के बाद कांग्रेस द्वारा बनाई गई नीति से उपेक्षित हुआ विकास

उन्होंने कहा कि पं.जवाहरलाल नेहरू के बाद से सोनिया एवं मनमोहन सिंह तक जब कांग्रेस गरीबी दूर नहीं कर सकी तो राहुल गांधी अब क्या गरीबी दूर करेंगे। उन्होंने कहा कि हमें प्राकृतिक संसाधनों का पूरा उपयोग करना चाहिए, ताकि हम दूसरे देशों पर निर्भर न रहें। इसके लिए हमें अपने ही देश में सड़क, बांध तथा नहरों से खेती को उन्नात करना होगा, ताकि हमारा किसान समृद्ध हो सके। उन्होंने कहा कि हम देश की तस्वीर बदलना चाहते हैं, ताकि हिन्दुस्तान पूरे विश्व में नंबर एक की आर्थिक ताकत बन कर खड़ा हो सके। इसके लिए यह आवश्यक है कि हमें मजबूर नहीं मजबूत प्रधानमंत्री मिले।  आगे पढ़ें

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राहुल गांधी ने बोला मोदी सरकार पर हमला, कहा- अंबानी की जेब से निकालेंगे पैसा महिलाओं के खाते में पहुंचाएंगे

देश में जो भी 12 हजार रुपए महीने से कम कमाता हैं, उसके खाते में हमारी सरकार यह पैसा डालेगी। ये कांग्रेस का गरीबी पर सर्जिकल स्ट्राइक है। राहुल गांधी ने कहा कि मोदी जी कहते हैं पैसा कहा से आएगा। मैं कहता हूं मोदी जी पैसा अनिल अंबानी की जेब से निकालूंगा। यह पैसा परिवार की महिलाओं के खाते में पहुंचेगा। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा की सरकार ने देश का सबसे ज्यादा नुकसान किया। देश के युवाओं की बेरोजगारी के लिए कुछ नहीं किया। पिछले 5 सालों में देश की जनता ने बहुत सहा। मोदी जी ने कहा था कि मैं पेट्रोल का दाम कर दूंगा। पूरी दुनिया में पेट्रोल का दाम बहुत कम है, केवल भारत में ही पेट्रोल का दाम बढ़ता जा रहा है। किसान के खेत के सामने या घर के सामने चौकीदार देखा है आपने। अनिल अंबानी के घर के सामने चौकीदार देखा है आपने, उनके चौकीदार मोदी जी है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ने गरीबों का पैसा छीना है। हमारी सरकार आई तो बुंदेलखंड के युवाओं को नौकरी मिलेगी।  आगे पढ़ें

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