सिद्धू को भारी पड़ा मुस्लिमों से एकजुट होकर वोट करने की अपील, चुनाव आयोग ने लगाया 72 घंटे का बैन



नई दिल्ली। कांग्रेस के स्टार प्रचारक और पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के चुनाव प्रचार करने, इंटरव्यू देने या किसी भी तरह की चुनावी गतिविधि करने पर 72 घंटों का बैन लगा दिया गया है। यह बैन 23 अप्रैल सुबह 10 बजे से प्रभावी माना जाएगा। चुनाव आयोग ने सिद्धू पर यह बैन उनके द्वारा कटिहार और पूर्णिया की रैली में मुस्लिमों से एकजुट होकर वोट करने की अपील के बाद लगाया है


  बता दें कि 16 अप्रैल को बिहार के कटिहार की बारसोई और बराड़ी विधानसभा में कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में एक सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता सिद्धू ने मुस्लिम समुदाय से एकजुट होकर कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था, 'मैं अपने मुस्लिम भाइयों को एक ही बात कहने आया हूं कि आप यहां अल्पसंख्यक बनकर भी बहुसंख्यक हो और 62 फीसदी हो।


ये आपको बांट रहे हैं। ये बीजेपी वाले आपके वोट को बांटने का प्रयास करेंगे, मैं कहता हूं अगर आप इकट्ठे आ गए तो तारिक साहब को दुनिया की कोई ताकत नहीं हरा सकती। अगर आप एकजुट हो गए तो फिर मोदी सुलट जाएगा....छक्का लग जाएगा....मैं जब जवान था तो मैं भी खूब छक्का मारता था...ऐसा छक्का मारो कि मोदी को यहां बाउंड्री से पार होना पड़े।


'  इसके अलावा पूर्णिया की एक जनसभा में भी उन्होंने मुस्लिमों को बंटने का डर दिखाते हुए एकजुट होकर वोट करने की अपील की थी। चुनाव आयोग ने उनके इन बयानों का संज्ञान लेकर उन्हें एक नोटिस जारी किया था। इन बयानों की जानकारी के बाद केंद्रीय चुनाव आयोग ने कटिहार के रिटर्निंग आॅफिसर से सिद्धू के भाषण की सीडी मांगी थी। कटिहार जिले में सिद्धू के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया था।


  बड़बोले नेताओं पर चुनाव आयोग ने दिखाई है सख्ती  सोमवार को सिद्धू के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए चुनाव आयोग ने उन पर 72 घंटे का बैन लगा दिया। यह बैन 23 अप्रैल सुबह 10 बजे से प्रभावी होगा। इस दौरान वह कोई जनसभा, रैली, भाषण, इंटरव्यू आदि नहीं दे पाएंगे। बता दें कि नेताओं के बड़बोले बयानों पर चुनाव आयोग ने काफी सख्ती दिखाई है। सिद्धू से पहले योगी आदित्यनाथ, आजम खान, मेनका गांधी, मायावाती जैसे नेताओं पर भी 48-72 घंटों तक का बैन लग चुका है। 

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