जिस जांबाज पर सरकार ने केस दर्ज कराना चाहा, उसे राष्ट्रपति ने दिया शौर्य चक्र



नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अदम्य साहस और असाधारण वीरता का परिचय देने वाले सेनाओं के रणबांकुरों तथा कर्तव्य के प्रति समर्पित सैन्यकर्मियों को आज यहां वीरता तथा विशिष्ट सेवा पुरस्कारों से सम्मानित किया। इनमें  सेना के मेजर आदित्य कुमार भी शामिल हैं, जिनके खिलाफ जम्मू-कश्मीर सरकार ने मुकदमा कायम करने की सिफारिश की थी।  कोविंद ने गुरूवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह में इन सैन्यकर्मियों को इनके शौर्य तथा सेवाओं के लिए पुरस्कार प्रदान किये।


राष्ट्रीय राइफल्स के सिपाही ब्रह्मपाल सिंह तथा कांस्टेबल राजेन्द्र कुमार नैण, को मरणोपरांत कीर्ति चक्र और केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के हैड कांस्टेबल धनावड़े रविन्द्र  को मरणोपरांत शौर्य चक्र प्रदान किया गया। इनके परिजनों ने ये पुरस्कार ग्रहण किये। जाट रेजिमेंट के मेजर तुशार गाबा को भी कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया।  सेना के मेजर आदित्य कुमार को भी शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया।


मेजर आदित्य ने जम्मू कश्मीर में एक जेसीओ पर घातक तरीके से पत्थरबाजी कर रहे स्थानीय लोगों पर फायरिंग का आदेश दे कर जेसीओ की जान बचायी थी। जम्मू कश्मीर सरकार ने इसके लिए उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की सिफारिश की थी।  सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत को परम विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया।  शौर्य चक्र से सम्मानित किये जाने वालों में सीआरपीएफ के हैड कांस्ट्रेबल ए एस कृष्ण, कांस्टेबल के दिनेश राजा, कांस्टेबल पी कुमार, सेना के कैप्टन वी जे राजेश , कैप्टन क पी सिंह , गनर रंजीत सिंह, कैप्टन पी राजकुमार, नायब सुबेदार विजय कुमार यादव, मेजर पवन गौतम, इंजीनियर महेश एच एन, कैप्टन अभिनव चौधरी , लांस नायक अयूब अली, और मेजर अमित कुमार डिमरी शामिल हैं।

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