राज्यसभा में पारित हुआ सामान्य वर्ग के लिए आरक्षण बिल, बिल के समर्थन में 165 विरोध में पड़े सात मत



नई दिल्ली। लोकसभा चुनावों से पहले मोदी सरकार ने अपने मास्टरस्ट्रोक के तहत आर्थिक तौर पर कमजोर सामान्य वर्ग को सरकारी नौकरियों और शिक्षा  में 10 फीसदी आरक्षण देने का फैसला किया है। लोकसभा के बाद यह बिल राज्यसभा से भी पास हो गया। राज्यसभा में लगभग 10 घंटे तक चली बहस के बाद हुई वोटिंग में बिल के पक्ष में 165, जबकि विरोध में सिर्फ 7 वोट पड़े।  इससे पहले बिल को सिलेक्ट कमिटी के पास भेजने के लिए कनिमोझी ने प्रस्ताव रखा था।


हालांकि वोटिंग के दौरान इसके पक्ष में 18 और खिलाफ में 155 वोट पड़े। इसके साथ ही बिल को सिलेक्ट कमिटी में भेजने की मांग खारिज हो गई।   उधर, विधेयक पास होने के बाद बीजेपी चीफ  अमित शाह ने ट्वीट कर इसका समर्थन करने वाले सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया।   मंत्री  रविशंकर प्रसाद ने कहा, 'उपसभापति जी क्रिकेट में छक्का स्लॉग ओवर में ही लगता है।


जब मैच क्लोज होता है तो छक्का लगता है और अगर आपको (विपक्ष) परेशानी है तो यह पहला छक्का नहीं है, और भी छक्के आने वाले हैं।'  चर्चा के दौरान कांग्रेस सदस्य कपिल सिब्बल ने कहा कि अगर 8 लाख रुपए कमाने वाला गरीब है तो सरकार को 8 लाख तक की कमाई पर इनकम टैक्स भी माफ कर देना चाहिए। इस पर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राज्य चाहें तो 8 लाख रुपए की सीमा को घटा-बढ़ा सकते हैं। यह आरक्षण राज्य सरकारों की नौकरियों और कॉलेजों पर भी लागू होगा।  मोदी ने कहा- सामाजिक न्याय की जीत हुई नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर सवर्ण आरक्षण बिल पास होने की बधाई दी। उन्होंने कहा- यह बिल संसद के दोनों सदनों में पास होना सामाजिक न्याय की जीत है।

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