जानिये कौन है वो आतंकी, जिसने कश्मीर में आरएसएस नेता की ली थी जान



जम्मू। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नेता चंद्रकांत शर्मा और उनके निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) की हत्या के एक सप्ताह बाद पुलिस ने आखिरकार इस घटना को अंजाम देने वाले आतंकवादी की पहचान करने में सफलता हासिल की तथा रविवार को हत्यारे (आतंकी) की फोटो जारी की।   पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरएसएस नेता और उनके पीएसओ की किश्तवाड़ में नौ अप्रैल को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसमें शामिल बंदूकधारी आतंकवादी की पहचान जाहिद हुसैन के तौर पर की गई है। गोलीबारी के बाद भागने के लिए इस्तेमाल में लाया गया वाहन एक दिन पहले ही खरीदा गया था।


   सूत्रों ने बताया कि जाहिद के दो भाई आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन से जुड़े हुए थे जिन्होंने सुरक्षा बलों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। जाहिद कश्मीर घाटी में सक्रिय हिजबुल कमांडर ओसामा का निकट सहयोगी है।  सूत्रों के मुताबिक गत छह अप्रैल को हिजबुल में शामिल होने के तुरंत बाद ही उसे ‘किलर टीम (हत्यारा दल)’ में शामिल कर लिया गया तथा उसे किश्तवार में लक्षित हत्याकांड को अंजाम देने का जिम्मा सौंपा गया।  दरअसल, हिजबुल ने लक्षित हत्याकांड को अंजाम देने के लिए ‘हत्यारे दल’ का गठन किया है जिसमें 16 से 25 उम्र के किशारों एवं युवकों को भर्ती किया जाता है।&


  पुलवामा हमले में संलिप्त आरोपी गिरफ्तार इधर, राष्ट्रीय जांच एजेंसी(एनआईए) ने वर्ष 2017 में  दक्षिणी कश्मीर में पुलवामा जिले के सीआरपीएफ ग्राउंड सेंटर के समीप हमले  में संलिप्तता के आरोप में आतंकवादी सगठन जैश-ए-मोहम्मद को मदद पहुंचाने  वाले एक व्यक्ति को रविवार को गिरफ्तार कर लिया। एनआईए के एक अधिकारी ने बताया कि पुलवामा जिले में रतनीपोरा निवासी इरशाद  अहमद रेशी को गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले इसी मामले में चार लोगों को  गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि रेशी जैश-ए-मोहम्मद कमांडर नूर मोहम्मद उर्फ नूर त्राली  का करीबी सहयोगी था। नूर दिसम्बर 2017 में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में  मारा गया था। सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर पर हमला नूर के मारे जाने के विरोध में  बदले के रूप में किया गया था। 

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