भाजपा को दोबारा सत्ता में आने से रोकने के लिए दिल्ली में आप से गठबंधन जरूरी: चाको



नई दिल्ली। 'आप' के साथ गठबंधन को लेकर कांग्रेस का सकारात्मक रुख दिख रहा है। पार्टी का मानना है कि 'आप' के साथ मिलकर लड़ने पर सातों सीटें जीती जा सकती हैं। कांग्रेस के दिल्ली प्रभारी पी. सी. चाको ने साफ-साफ कहा कि पार्टी के हित में गठबंधन जरूरी है। एकसाथ चुनाव में दोनों पार्टियां उतरती हैं, तो सातों सीट पर जीत मिल सकती है


चाको ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अगले दो से तीन दिन में इस पर फैसला हो जाएगा।  गठबंधन के लिए नए सिरे से सर्वे होने से शीला दीक्षित के नाराज होने की बात कही जा रही है। उन्हें मनाने की कोशिश की जा रही है। चाको ने कहा, 'दिल्ली कांग्रेस के पास गठबंधन को लेकर कोई अनुभव नहीं है, हम शीला दीक्षित को पार्टी के हित में मना लेंगे।


' सूत्रों का कहना है कि यह चुनाव पार्टी के लिए काफी अहम है। कांग्रेस को हर हाल में बीजेपी को सत्ता में दोबारा आने से रोकना है। ऐसे में पार्टी की सोच यह है कि बीजेपी को सातों सीट गिफ्ट में न मिलें। इसके लिए गठबंधन जरूरी है।  चाको ने कहा, 'एमसीडी चुनाव में हम दोनों पार्टियों को 50 पर्सेंट वोट मिले और बीजेपी को 35 पर्सेंट।


अगर दोनों मिलकर चुनाव लड़ते हैं, तो जीत निश्चित दिख रही है। कांग्रेस के हित में है कि त्रिकोणीय मुकाबला न हो। बड़े दुश्मन को हराना रणनीति है, इसलिए गठबंधन जरूरी है।' गठबंधन के बाद सीट शेयरिंग पर चाको का कहना है कि इसमें कोई मुश्किल नहीं है। बीजेपी को हराने के लिए कांग्रेस को गठबंधन करना चाहिए। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी 50-50% सीटों पर तैयार हैं।


उन्होंने यह भी साफ किया कि गठबंधन सिर्फ लोकसभा चुनाव के लिए होगा।  नए सिरे से बातचीत में चाको ने कई पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान जिला अध्यक्ष से बात की है। पांच में से चार पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने गठबंधन को जरूरी बताया है। चाको ने खुद सबसे फोन पर बात की है। उन्होंने कहा है कि लगभग सभी नेता और कार्यकर्ता अब गठबंधन के लिए तैयार हैं। गठबंधन को लेकर प्रदेश अध्यक्ष शीला दीक्षित अकेली पड़ती दिख रही हैं। शुक्रवार को इस मुद्दे पर लगातार उनसे बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने बात करने से इनकार कर दिया।  

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