इस शख्स के दिमाग के आर-पार हुई रॉड, फिर भी डॉक्टरों ने बचा ली जान



बालाघाट। कल्पना कीजिए उस शख्स की जिसके दिमाग के एक हिस्से से दूसरे तक एक बड़ी रॉड आर-पार हो जाए। ऐसे में उसका बचना नामुमकिन लग सकता है, लेकिन किसी चमत्कार की तरह महाराष्ट्र के डाक्टरों ने इसे मुमकिन कर दिखाया।  मामला मध्यप्रदेश के बालाघाट का है। यहां मजदूरी का काम करने वाला 21 वर्षीय संजय बाहे घटना वाले दिन एक निर्माण स्थल पर कार्यरत था। अचानक उसका पैर फिसल गया। संजय नीचे गिरा और उसी समय लोहे की एक मोटी रॉड उसके दिमाग के दाहिनी ओर के अस्थायी क्षेत्र को चीरती हुई चली गयी।


रॉड उसके मस्तिष्क के बायें स्थित सामने वाले क्षेत्र को फाड़कर दूसरी ओर से बाहर आ गयी।  यह देख वहां चीख-पुकार मच गयी। संजय को तुरंत समीपवर्ती महाराष्ट्र के गोंदिया ले जाया गया। यहां बीजे अस्पताल में चिकित्सकों ने उसकी जांच की। मामला गंभीर था। संजय के बचने की कोई उम्मीद नहीं थी। लेकिन डॉक्टरों ने ऐहतियात बरतते हुए सबसे पहले उसके खून के बहाव को रोकने का जतन किया। यह काम होते ही संजय को  वहां के ही न्यूरॉन अस्पताल में सर्जरी के लिए ले जाया गया।&


  इतना खुशकिस्मत रहा संजय न्यूरॉन अस्पताल में डॉ. प्रमोद गिरी के नेतृत्व में न्यूरो सर्जन्स की एक टीम ने संजय का आॅपरेशन किया। करीब नब्बे मिनट चले आॅपरेशन के बाद रॉड बाहर निकाल ली गयी। डॉ. गिरी कहते हैं, ‘वह खुशकिस्मत था कि रॉड उसके दिमाग तक खून पहुंचाने वाली नसों से कुछ ही मिलीमीटर की दूरी से गुजर गयी। वरना उसका जिंदा बच पाना नामुमकिन था।’ उन्होंने कहा, ‘आॅपरेशन के समय बहुत बड़ा खतरा इस बात का था कि उस समय तक संजय लो ब्लड प्रेशर के चलते हायपोटेंशन में पहुंच गये थे। लेकिन हमने हिम्मत नहीं हारी और उसे ठीक कर दिया। संजय अब पूरी तरह ठीक हैं। हालांकि रॉड के दिमाग में जाने के चलते उन्हें मस्तिष्क ज्वर होने की आशंका है। इसलिए उन्हें लगातार निगरानी में रखा जा रहा है। 

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