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अंतिम चरण में पहुंचा लोकसभा चुनाव, 59 सीटों पर वोटिंग कल, रिजल्ट मोड में आए सियासी दल

आपको बता दें कि पिछले 24 घंटों में प्रचार वाला शोर भले ही न हो पर नेताओं की मुलाकातें जारी हैं। दरअसल, सातवें चरण का चुनाव प्रचार शुक्रवार शाम में ही समाप्त हो गया था। ऐसे में सियासी खेमों में समीकरण साधे जा रहे हैं। यह सब तब हो रहा है जब एक दिन बाद अभी 59 अहम सीटों पर मतदान होना बाकी है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सीट वाराणसी भी शामिल है।  आगे पढ़ें

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महाराष्ट्र में इस साल और भयावह हो सकता है जल संकट, 26 जलाशय सूखे

विभाग की वेबसाइट के मुताबिक औरंगाबाद डिवीजन में आने वाले जलाशयों में 18 मई तक जल भंडारण 0.43 प्रतिशत था जबकि पिछले साल इसी वक्त यह 23.44 प्रतिशत था। औरंगाबाद डिवीजन में औरंगाबाद, हिगोली, परभणी, बीड और ओस्मानाबाद जिले आते हैं। वेबसाइट के मुताबिक राज्य के 103 बड़े, मध्यम और छोटे आकार के जलाशयों में 11.84 फीसदी पानी बचा है जबकि पिछले साल इसी समय 23.73 प्रतिशत पानी था।  आगे पढ़ें

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चुनाव प्रचार खत्म होते ही पीएम मोदी पहुंचे केदारनाथ धाम, गुफा में करेंगे साधना

मोदी शनिवार को केदारनाथ जाएंगे और दर्शन करेंगे। वहीं रविवार को वे बद्रीनाथ में दर्शन करेंगे। केदारनाथ में मोदी एक खास गुफा में जाएंगे और कुछ समय गुजारेंगे। यह गुफा केदारनाथ मंदिर परिसर से डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर बनी है। इसकी ऊंचाई करीब 12,250 फीट है। रात को वे केदारनाथ में ही रुकेंगे। वह रविवार की दोपहर को वापस दिल्ली आएंगे। बता दें, केदारनाथ धाम के प्रति मोदी की गहरी आस्था है। 80 के दशक में उन्होंने डेढ़ माह तक यहां समय गुजारा था और साधना की थी। वे 2017 में भी यहां आए थे।  आगे पढ़ें

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आखिरी चरण के लिए मतदान कल, पीएम मोदी सहित कई दिग्गज मैदान में

चंडीगढ़ और सात राज्यों के लिए चुनाव प्रचार जहां आज खत्म हुआ, वहीं पश्चिम बंगाल में हिंसा की कई घटनाओं के मद्देनजर चुनाव आयोग ने गुरुवार को ही चुनाव प्रचार खत्म करने का आदेश दिया था। आखिरी चरण के लिए कुल 918 उम्मीदवार मैदान में हैं। चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की जिसमें प्रधानमंत्री मोदी भी मौजूद थे। हालांकि पत्रकारों के सवालों के जवाब अमित शाह ने ही दिए। बीजेपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के वक्त ही कांग्रेस मुख्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने मीडिया को संबोधित किया। हालांकि, वह पीएम पद के उम्मीदवार पर कुछ भी बोलने से बचते दिखे।  आगे पढ़ें

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नालंदा में जेडीयू उम्मीदवार को कड़ी चुनौती, क्या फिर चलेगा 'ब्रैंड नीतीश'?

बिहार के नालंदा में 'ब्रैंड नीतीश' सभी चुनावी फैक्टरों पर भारी पड़ता दिख रहा है। इसके अलावा मौजूदा जेडीयू सांसद कौशलेंद्र कुमार के खराब काम को लेकर जनता में दिख रहा असंतोष भी शामिल है। नालंदा में बिहार के सीएम नीतीश कुमार की पकड़ का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 2014 के आम चुनाव में जबरदस्त 'मोदी लहर' के बीच भी जेडीयू नालंदा सीट को जीतने में कामयाब रही थी। इसके अलावा पूर्णिया की सीट भी जेडीयू के खाते में गई थी। हालांकि, इस बार ऐसी चचार्एं हैं कि नालंदा में कौशलेंद्र को महागठबंधन के मजबूत उम्मीदवार से कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। आरजेडी के नेतृत्व वाले महागठबंधन के उम्मीदवार अशोक कुमार आजाद चंद्रवंशी, जीतन राम मांझी की पार्टी ऌअट से हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि अशोक कुमार जैसा मजबूत उम्मीदवार नालंदा में नीतीश के प्रभाव को खत्म कर सकता है क्योंकि उनके मौजूदा एमपी ने पिछले चुनाव में 10,000 वोटों से ही जीत दर्ज की थी।  आगे पढ़ें

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साध्वी प्रज्ञा पर मोदी का सख्त संदेश, पार्टी भले ही माफ कर दे लेकिन वह मन से माफ नहीं कर पाएंगे

दरअसल नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस से जिस विरासत को अपने पाले में लेने की कोशिश की थी वह महात्मा गांधी और सरदार पटेल की रही है। पीएम मोदी ने हर मौके पर महात्मा गांधी को अपनी तमाम योजनाओं से जोड़ा। अपनी महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छ भारत अभियान की शुरूआत भी गांधी जयंती के मौके पर की गई थी। वैश्विक स्तर पर नए सिरे से गांधी का नाम स्थापित करने का दावा किया। पिछले दिनों यूएन की ओर से गांधी जयंती पर एक साथ 100 से अधिक देशों के कलाकारों ने गांधी को श्रद्धांजलि दी थी। इसे मोदी सरकार ने अपनी बड़ा सफलता बताया था। इस साल मोदी सरकार पूरे विश्व में गांधी की 150वीं जयंती भी मना रही है।  आगे पढ़ें

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पश्चिम बंगाल में चरम पर सांप्रदायिक ध्रुवीकरण, भगवानों के भी बदल रहे नाम

चुनावों के दौरान कई जगहों पर बीजेपी नेताओं ने कुछ स्थानीय पुजारियों की मदद से बोनबीबी की बोनदेबी के नाम से पूजा की और उनके बारे में बयान दिए। जंगल की देवी कही जाने वाली बोनबीबी को बोनदेबी बताना पूरी तरह से उनकी अंतसार्मुदायिक छवि के विपरीत है। हिंदू ही नहीं बल्कि मुसलमानों की भी समान रूप से बोनबीबी में आस्था मानी जाती रही है।  आगे पढ़ें

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बसपा सुप्रीमों ने पीएम पद के लिए ठोकी ताल, पीएम मोदी को बताया अनफिट

मायावती ने एक बयान में कहा है कि 'जहां तक विकास का सवाल है, बहुजन समाज पार्टी ने यूपी में बदलाव कर दिखाया है। यूपी में हुए विकास कार्यों के आधार पर यह माना जा सकता है कि देश और लोगों के विकास के लिए बसपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेंद्र मोदी से ज्यादा फिट हैं।'  आगे पढ़ें

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हनी ट्रैप केस: जवान को पकड़ा तो सेना के अफसरों को लगा अपहरण हुआ

छावनी में जासूसी के आरोप में पकड़े गए बिहार रेजिमेंट के नायक अविनाश कुमार को जांच एजेंसियों के अधिकारियों ने बिना किसी पूर्व सूचना के पकड़ा था। इसके बारे में कोई जानकारी न तो स्थानीय सैन्य अधिकारियों और न ही पुलिस अधिकारियों को थी। ऐसे में सेना से जुड़े लोग उसके अपहरण की शिकायत लिखवाने थाने पहुंचे थे। जब पुलिस ने विभाग के उच्चाधिकारियों से संपर्क किया तो पता चला कि उसे जांच एजेंसियां ले गई हैं। महू टीआई अभय नेमा ने बताया कि 15 मई को केंद्रीय जांच एजेंसी और एटीएस भोपाल की एक टीम महू पहुंची और सेना के रिहायशी क्वार्टर के बाहर गाड़ी में अविनाश का इंतजार करने लगी। जैसे ही अविनाश बाहर आया, अधिकारी उसे ले गए। फिर उनके पास अविनाश के अपहरण की शिकायत आई, जिसके बाद जांच की गई।  आगे पढ़ें

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पहली बार भारतीय सेना ने किया माउंट मकालू फतह

8,485 मीटर ऊंची इस माउंट मकालू चोटी के लिए पहले इंडियन आर्मी पर्वतारोहण अभियान को 26 मार्च को इंडियन आर्मी के डीजी मिलिट्री ट्रेनिंग ने झंडा दिखाकर रवाना किया। इंडियन आर्मी ने 8,000 मीटर से ऊंची सभी चुनौतीपूर्ण चोटियों को चढ़ने के मकसद से इस अभियान को शुरू किया। माउंट मकालू को सबसे खतरनाक चोटियों में से एक माना जाता है और मौसम की मार और कपकपाने वाली ठंड की वजह से इसे फतह करना चुनौतीपूर्ण माना जाता है। यह चोटी पर्वतारोहियों की तकनीकी सूझबूझ, मानसिक और शारीरिक साहस और संकल्प की परीक्षा लेती है। इंडियन आर्मी की टीम को इस अभियान के लिए 6 महीनों का कड़ा प्रशिक्षण दिया गया था।  आगे पढ़ें

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