परसाई सर्वोच्च चट्टान, उन्होंने ही व्यंग्य को बनाया पूर्ण विधा



बिलासपुर. बुधवार को व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई की जयंती पर पाठ का आयोजन किया गया। यह आयोजन राघवेन्द्र राव सभा भवन स्थित प्रेस क्लब में हुआ। कार्यक्रम में स्थानीय पत्रकार और बुद्धिजीवी मौजूद रहे। इस मौके पर युवा व्यंग्यकार व वरिष्ठ पत्रकार बरुण सखाजी के व्यंग्य उपन्यास ‘परलोक में सैटेलाइट’ के महत्वपूर्ण अंशों का पाठ किया गया। कार्यक्रम का संचालन विश्वेश ठाकरे ने किया। इसके अलावा वरिष्ठ पत्रकार नथमल शर्मा, बरुण सखाजी, द्वारिका प्रसाद ने स्वर्गीय हरिशंकर परसाई की रचनावली पर अपने-अपने विचार रखे।


परसाई बोले लड़कियां भागकर शादी करें अगले वक्ता साहित्यकार द्वारिका प्रसाद अग्रवाल ने परसाई की बिलासपुर यात्रा का संस्करण सुनाया। उन्होंने कहा कि परसाई सामाजिक कुरीतियों पर बेहद कठोरता से बोलते थे। जब वे बिलासपुर आए तो लड़कियों से कहा तुम भागकर शादी करना। इसके समर्थन में उन्होंने अपने मित्र का वाक्या भी सुनाया। अग्रवाल ने कहा परसाई सामाजिक कुरीतियों पर खुला प्रहार करते थे। परसाई सर्वोच्च चट्टाने कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार नथमल शर्मा ने कहा कि परसाई सर्वोच्च चोटी पर विराजमान हैं।


भोलाराम का जीव जैसे कालजयी व्यंग्य लिखने वाले परसाई ने साहित्य में व्यंग्य को एक पूर्ण विधा बना दिया। अच्छे पत्रकारों का हाल खराब वहीं परलोक में सैटेलाइट के अंश में बरुण सखाजी ने बताया कि यह किताब आदमी के आदमी होने की वकालत करती है। एक अच्छे पत्रकार की खराब स्थिति को दर्शाने वाले अंश के पाठ में सखाजी ने कहा परसाई को श्रद्धांजलि से ज्यादा अनुकर्णांजलि की आवश्यकता है। इस कार्यक्रम में बजरंग केडिया, तिलक राज सलूजा, विश्वेश ठाकरे, हरीश केडिया, ज्ञान अवस्थी, मोहन सोनी, डॉ.सतीश जायसवाल, अनूप पाठक, विवेक जोगलेकर, राजेश दुआ, रमन दुबे, राजेश अग्रवाल, शैलेंद्र पाठक सहित अन्य साहित्य प्रेमी व पत्रकार मौजूद रहे।

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