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"आदमी आईना ही नहीं देखता अगर उसमें चेहरे की जगह मन दिखने लगता'

कला, संस्कृति और शिक्षा विमर्श के लिए प्रतिबद्ध मंच "सृजना' की ओर से शहर की वरिष्ठ रचनाकार बसंती पंवार रचित हिंदी व्यंग्य संग्रह "नाक का सवाल' और राजस्थानी काव्य संग्रह "जोवूं एक विसवास' का लोकार्पण रविवार को किया गया।  आगे पढ़ें

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सिलौही और डूंगरपुर में भी काव्य पाठ ने बांध दिया समा

सिलोही के लक्ष्मीनारायण चौक में शनिवार रात्रि कवि सम्मेलन हुआ। इसमें कवियों ने वीर रस, हास्य तथा देश की राजनीति पर व्यंग कर श्रोताओं को देर रात तक आनंदित किया।  आगे पढ़ें

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परसाई सर्वोच्च चट्टान, उन्होंने ही व्यंग्य को बनाया पूर्ण विधा

बुधवार को व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई की जयंती पर पाठ का आयोजन किया गया। यह आयोजन राघवेन्द्र राव सभा भवन स्थित प्रेस क्लब में हुआ।  आगे पढ़ें

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परसाई सर्वोच्च चट्टान, उन्होंने ही व्यंग्य को बनाया पूर्ण विधा

बुधवार को व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई की जयंती पर पाठ का आयोजन किया गया। यह आयोजन राघवेन्द्र राव सभा भवन स्थित प्रेस क्लब में हुआ।  आगे पढ़ें

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महाभारत 2019: डिजास्टर टूरिज्म की वजह से आपदा अब उत्सव बन रही है- कुमार विश्वास की व्यंग्य श्रृंखला

हाजी आज जब घर आए तो उनका पजामा नब्बे प्रतिशत गीला था। ऐसा लग रहा था कि जीवन की वैतरणी इन्हीं पजामों में पार करके आ रहे हैं।  आगे पढ़ें

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