विजयी विश्व तिरंगा प्यारा...श्याम लाल गुप्त



झंडा गीत विजयी विश्व तिरंगा प्यारा...हमारे राष्ट्रीय ध्वज का गौरव गान है। श्याम लाल गुप्त ने इसकी रचना की है। गुप्त जी की 10 अगस्त को पुण्यतिथि है। उनका निधन 1977 को हुअा था। राष्ट्र के तिरंगे को जन-जन में सम्मान दिलाने वाले गुप्त जी का जन्म 9 सितंबर 1896 को हुआ था। आजादी के सप्ताह और उनकी पुण्यतिथि पर हम गुप्त जी के झंडा गीत को याद कर रहे हैं।


विजयी विश्व तिरंगा प्यारा, झंडा ऊंचा रहे हमारा। सदा शक्ति बरसाने वाला, प्रेम सुधा सरसाने वाला, वीरों को हरषाने वाला, मातृभूमि का तन-मन सारा।। झंडा..... कांपे शत्रु देखकर मन में... स्वतंत्रता के भीषण रण में, लखकर बढ़े जोश क्षण-क्षण में, कांपे शत्रु देखकर मन में, मिट जाए भय संकट सारा।।


झंडा..... इस झंडे के नीचे निर्भय, लें स्वराज्य यह अविचल निश्चय, बोलें भारत माता की जय, स्वतंत्रता हो ध्येय हमारा।। झंडा..... देश-धर्म पर बलि-बलि जाओ आओ! प्यारे वीरो, आओ। देश-धर्म पर बलि-बलि जाओ, एक साथ सब मिलकर गाओ, प्यारा भारत देश हमारा।। झंडा..... इसकी शान न जाने पाए, चाहे जान भले ही जाए, विश्व-विजय करके दिखलाएं, तब होवे प्रण पूर्ण हमारा।। झंडा..... विजयी विश्व तिरंगा प्यारा, झंडा ऊंचा रहे हमारा।

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