मेरे प्यार की कहानी



आज दिल हुआ है तनहा, इस कलम की जुबानी.. ले मैंने लिख दी तेरे नाम, मेरे प्यार की कहानी। तेरी यादों के इर्द गिर्द अक्सर मैं सिमट सा जाता हूं.. जिस पल कभी तेरी याद आ जाए मैं सिसक सा जाता हूँ।। दीदार हुआ था जब तेरा, इश्क़ को मैंने जाना था, तेरे चेहरे को भी मैंने चाँद का टुकड़ा माना था..।।


तुझे छूकर ये हवाएं, जो महक सी जाती थीं मेरे कानों में आकर , कोई प्रेम राग गा जाती थी.. याद तेरी दिलाकर मुझको , जब कहीं उड़ जाती थीं मत पूछ की फिर तेरी यादें, मुझे किस कदर तड़पाती थीं।। दर्द हुआ है जब जब तुझको आंख मेरी भी भर आती थी तू रोती थी जिस दफा तो, भूख मेरी मिट जाती थी।। इंकार किया था इजहार का मेरे, कहा सिर्फ दोस्त बनके रह जाना...।।


जैसे शाम हो कहती अपनी लाली से, महज रंग बनकर अब आ जाना... जैसे वन कहता हो कोयल से की, गीत कभी अब ना गाना... जैसे खुशबू उड़ गयी हो कही, कोई प्यारे वन के फूलों से... जैसे पक्षी छोड़ चले हो कोई, भरा सरोवर बूंदों से...।। जैसे भंवरा भूल गया हो अपनी, मधुर मधुर गुंजन का स्वर... अरे तू क्या जाने कितना गहरा है.. मेरा तेरा प्रेम प्रसंग।। मैं सच्चा प्यार निभाता हूं, सुन, ज़िन्दगी तेरे हिस्से जोड़ दूंगा.. जिस दिन रुकी तेरी साँसें तो, जा,मैं अपनी साँसें छोड़ दूंगा !!

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