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पत्रकार हत्या में मामले में राम रहीम को उम्रकैद, अब मरते दम तक रहेगा जेल में

सीबीआई कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा है कि गुरमीत की पहली सजा पूरी होने के बाद दूसरी सजा की शुरूआत होगी। इसका सीधा मतलब है कि जिस वक्त गुरमीत की इस मामले में सजा की शुरूआत होगी उस वक्त गुरमीत की उम्र लगभग 70 साल की होगी। ऐसे में गुरमीत को अब आगे की जिंदगी जेल में ही बिताना होगी।  आगे पढ़ें

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पत्रकार हत्याकांड के दोषी राम रहीम को आज सीबीआई कोर्ट सुनाएगी सजा, पुलिस हुई अलर्ट

सजा सुनाए जाने के मद्देनजर पुलिस एक बार फिर से अलर्ट हो गई है। पुलिस महानिदेशक बीएस संधू के निदेर्शों के बाद रोहतक व अंबाला में जेलों की सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है। जिस समय राम रहीम व अन्य अपराधियों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सजा सुनाई जाएगी उस समय अन्य कैदियों को उनकी बैरकों में बंद रखा जाएगा।  आगे पढ़ें

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जबलपुर में गन कैरेज फैक्ट्री पर सीबीआई का छापा, तोप के कलपुर्जों में बड़ी गड़बड़ी का आरोप

सीबीआई की टीम फिर जबलपुर पहुंची। उसने जीसीएफ पर दबिश देते हुए कलपुर्जों की खरीद से जुड़े कई अहम दस्तावेज और उपकरण सीज कर दिए। टीम ने धनुष तोप में की गई बेयरिंग की खरीदी प्रक्रिया से जुड़े जूनियर वर्क्स मैनेजर एस सी खपुआ के दफ्तर और घर पर भी छापा मारा। यहां से कम्प्यूटर जब्त किया और उनके बयान भी दर्ज किए। धनुष तोपों में चीनी कलपुर्जे का मामला सामने आने के बाद सीबीआई ने दिल्ली की सिद्ध सेल्स सिंडीकेट कंपनी सहित अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। ये दूसरा मौका है जब सीबीआई की टीम इस केस की जांच के लिए जबलपुर पहुंची है।  आगे पढ़ें

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सीबीआई केस: राकेश अस्थाना की याचिका पर आज आएगा फैसला

न्यायमूर्ति नजमी वजीरी ने अलग-अलग याचिकाओं पर 20 दिसंबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था। राकेश अस्थाना ने अपनी याचिका में कहा था कि तत्कालीन सीबीआइ निदेशक आलोक वर्मा ने उन पर जो केस दर्ज किया, उसमें कानूनी प्रक्रिया नहीं अपनाई गई, जबकि वर्मा ने इसके जवाब में हाई कोर्ट में कहा था कि सही प्रक्रिया के तहत केस दर्ज किया गया था।  आगे पढ़ें

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अखिलेश यादव ने एक ही दिन में जारी किए थे 13 खनन परियोजनाओं के पट्टे, अब सीबीआई बढ़ाएगी मुश्किलें

केंद्रीय जांच एजेंसी ने कहा कि कुछ वक्त के लिए खनन मंत्री रहे अखिलेश यादव ने ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया का उल्लंघन करते हुए एक ही दिन में 13 पट्टे जारी कर दिए थे, जबकि उन्होंने कुल 14 लीज को ही मंजूरी दी थी। उन्होंने 17 फरवरी, 2013 को 13 पट्टे जारी किए थे।  आगे पढ़ें

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मिशेल गया सीबीआई कस्टडी में, अब एक-दूसरे पर हमला कर रहीं भाजपा और कांग्रेस

मिशेल के भारत आने के बाद से ही बीजेपी और कांग्रेस एक दूसरे पर हमलावर नजर आ रही हैं। इस विवाद ने बुधवार को तब और तूल पकड़ लिया जब यूथ कांग्रेस के लीगल सेल के इंचार्ज ऐडवोकेट एल्जो जोसेफ मिशेल की तरफ से कोर्ट में पेश हुए। बीजेपी ने मामले को उछाला, तो कांग्रेस ने इसे जोसेफ का व्यक्तिगत फैसला बताते हुए उन्हें यूथ कांग्रेस से बाहर का रास्ता दिखा दिया। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि राफेल डील में हुए घोटाले से ध्यान हटाने के लिए मोदी सरकार मिशेल का इस्तेमाल कर रही है और उसने यूपीए द्वारा ब्लैकलिस्ट की गई अगुस्टा/फिनमेकेनिका को प्रमोट करते हुए उसे काम दिया है।  आगे पढ़ें

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सीबीआई की जंग में फंसे अजीत डोभाल, उनका फोन हुआ टैप!

सरकार को आशंका है कि कई संवेदनशील नंबरों को गैर-कानूनी ढंग से सर्विलांस पर रखा गया था। यहां तक कि सिम कार्ड के इस्तेमाल में गड़बड़ी और मोबाइल नंबरों की क्लोनिंग की आशंका भी है। इससे भी ज्यादा चौंका देने वाली बात यह है कि जिन नंबरों को सर्विलांस पर रखे जाने की खबर है, उनमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना भी शामिल हैं।  आगे पढ़ें

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सीबीआई विवाद: आलोक वर्मा के जवाब मीडिया में लीक से होने से चीफ जस्टिस नाराज, सुनवाई टली

सोमवार को सीबीआई डायरेक्टर वर्मा ने उन पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सीवीसी की रिपोर्ट पर अपना जवाब दाखिल किया था। वर्मा का जवाब मीडिया में लीक हो गया और इसे लेकर कुछ न्यूज रिपोर्ट्स भी सामने आ गईं। मंगलवार को सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने मामले के तथ्यों की जानकारी लीक होने पर नाराजगी जताई। बताया जा रहा है कि एक आॅनलाइन पोर्टल पर वर्मा के जवाब के आधार पर रिपोर्ट की गई थी जिसपर सर्वोच्च अदालत ने नाराजगी जताई।  आगे पढ़ें

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सीबीआई नाम उस संस्था का है...

मरहूम व्यंग्यकार शरद जोशी ने कई साल पहले कहा था, ओलंपिक नाम उस जगह का है, जहां जाकर भारतीय टीम हारती है। आज सीबीआई नाम उस संस्था का है, जो देश के किसी भी दल को केवल उस समय सुहाती है, जब वह सत्ता में हो। विपक्ष में आते ही उसे सीबीआई की जगह तोता दिखने लगता है। सालों-साल से यही होता चला आ रहा है। ऐसे हालात के बीच अफसरों के आपसी फसाद ने इस ब्यूरो की जो मट्टीपलीद की है, उससे उबरने में लम्बा समय लगना तय है। सीबीआई की स्वायत्तता की बात हर वो राजनीतिक दल करता है जो सत्ता से बाहर होता है।read more  आगे पढ़ें

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बस थोड़ा सा इंतजार कीजिए

एकता कपूर के पास गंभीर विषयों को समझने की अक्ल होती तो निश्चित ही इस घटनाक्रम पर वह, मोइन भी कभी बकरा था, जैसा धारावाहिक बना सकती थीं। खैर, न सुधरूंगा और न सुधरने दूंगा, जैसा धारावाहिक तो मध्यप्रदेश में फिर नये रूप में शुरू हो गया है। सूबे की सरकार न खुद सुधरेगी और न अपनी मशीनरी को ऐसा करने देगी। यूं भी भला सुधरना कौन चाहता है! सालों-साल पहले घुटने के बल बैठकर चुनाव आयोग का निशाना बनने वाले आज सरकार के कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं। बाकी घुटने वालों के लिए भी यह भविष्य की अच्छी आशा का संकेत बन गया। वह मुंगावली और कोलारस में सिस्टम के उकड़ू बैठाने पर आमादा हो गए।read more  आगे पढ़ें

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