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मध्यप्रदेश: पूर्व मंत्रियों ने खाली नहीं किया बंगला, नोटिस अवधि समाप्त, सरकार वसूलेगी दस गुना किराया

गृह विभाग के अफसर कई बार पूर्व मंत्रियों को बंगले खाली करने के लिए कह चुके हैं। एक फरवरी को विभाग ने संबंधित पूर्व मंत्रियों को बंगले खाली करने का 15 दिन का नोटिस भी दिया था। नोटिस में चेतावनी दी गई थी कि तय समय सीमा में बंगले खाली नहीं करने पर जुमार्ने के रूप में 10 गुना किराया वसूला जाएगा। नोटिस की अवधि शुक्रवार को पूरी हो गई है। संपदा संचालनालय के सूत्र बताते हैं कि किसी भी पूर्व मंत्री ने बंगला खाली नहीं किया है। उल्लेखनीय है कि इन बंगलों का नए मंत्रियों को आवंटन हो चुका है, लेकिन खाली नहीं होने के कारण वे शिफ्ट नहीं हो पा रहे हैं।  आगे पढ़ें

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आतंकी हमले में शहीद अश्विनी के परिजनों को एक करोड़ की सहायता देगी मप्र सरकार

शहीद सैनिक के माता-पिता और तीन भाई दिहाड़ी मजदूरी करके परिवार का खर्च चलाते हैं। वहीं अश्विनी काछी परिवार में सबसे छोटे थे। उन्होंने ग्रेजुएशन तक पढ़ाई करके देशसेवा करने का फैसला लिया। अश्विनी 2014-15 में सीआरपीएफ की 35वीं बटालियन में कांस्टेबल बने। उल्लेखनीय है कि इस गांव की आबादी 3000 के आसपास है और 50 से ज्यादा युवा सेना में सेवाएं दे रहे हैं।  आगे पढ़ें

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पुलवामा आतंकी हमला: गम और गुस्से में देश, मोदी के बयान में सर्जिकल स्ट्राइक 2.0 का इशारा?

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में गुरुवार को सीआरपीएफ के काफिले पर किए गए घातक आत्मघाती हमले में 37 जवानों की शहादत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हमले के बाद पीएम मोदी ने ट्वीट कर जवानों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि जवानों की शहादत बेकार नहीं जाएगी। तो क्या भारत इस हमले में शामिल आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के खिलाफ कार्रवाई करने के अलावा भी कुछ सोच रहा है? हालांकि पुलवामा हमले के तुरंत बाद विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर हमला भी बोल दिया।  आगे पढ़ें

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अधिकारों की लड़ाई में सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल को दिया झटका, केन्द्र के आधीन रहेगा ऐंटी करप्शन ब्यूरो

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की उस अधिसूचना को बरकरार रखा है कि दिल्ली सरकार का एसीबी भ्रष्टाचार के मामलों में उसके कर्मचारियों की जांच नहीं कर सकता है। ऐंटी-करप्शन ब्रांच केंद्र के अधीन रहेगी क्योंकि पुलिस केंद्र के पास है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केंद्र के पास जांच आयोग नियुक्त करने का अधिकार होगा। फैसले के तहत स्पेशल पब्लिक प्रॉसीक्यूटर की नियुक्ति का अधिकार दिल्ली सरकार के पास रहेगा। रेवेन्यू पर एलजी की सहमति लेनी होगी। इलेक्ट्रिसिटी मामले में डायरेक्टर की नियुक्ति सीएम के पास होगी।  आगे पढ़ें

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चुनाव से पहले आंध्र सरकार ने चला बड़ा सियासी दांव, अब हर साल किसानों को देगी 10000 की मदद

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई। उसमें 'अन्नदाता सुखीभव योजना' को मंजूरी दी गई। इसके तहत राज्य सरकार केंद्र की योजना में 4000 रुपये जोड़कर किसानों को देगी। वहीं, ऐसे किसान जिनके पास 5 एकड़ से ज्यादा जमीन है और जो केंद्र की योजना में नहीं आते, उन्हें हर साल राज्य सरकार की ओर से 10,000 रुपये दिए जाएंगे। इसमें बटाईधार किसानों को भी फायदा होगा। राज्य के कृषि मंत्री एक चंद्रमोहन रेड्डी के मुताबिक इस योजना से 54 लाख किसानों को फायदा होगा।  आगे पढ़ें

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राफेल डील: मोदी सरकार और कांग्रेस के दावों से अलग है कैग की रिपोर्ट

2007 में यूपीए ने 126 नए एयरक्राफ्ट का सौदा किया था जिनमें से 18 उड़ने की स्थिति में मिलने थे और बाकी 108 विमान एचएएल के सहयोग से बनाए जाने थे। हालांकि एनडीए सरकार ने 36 राफेल विमानों का सौदा किया, जो फ्रांस की कंपनी दसॉ से ही मिलने हैं। विपक्ष इस बात को लेकर आक्रामक होता रहा है कि सरकार एक तरफ मेक इन इंडिया की बात करती है वहीं, दूसरी तरफ सभी विमानों की खरीद विदेशी कंपनी से कर रही है।  आगे पढ़ें

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कोई फर्क नहीं नाथ और शिवराज में

इस हास्य कथा वाले आम और नीम के पेड़ जितना ही महीन अंतर राज्य की पूर्ववर्ती शिवराज सिंह चौहान और वर्तमान कमलनाथ सरकार के बीच नजर आने लगा है। नाथ के शासनकाल की शुरूआत मितव्ययता के जिन दावों के साथ हुई, वह बहुत जल्दी कोरे साबित हो चुके हैं। विज्ञापन वाली सरकार के विरोध से सत्ता में आए कमलनाथ ने भी प्रचार का वही तरीका अख्तियार कर लिया है जिसमें शिवराज अपने तीसरे और आखिरी साबित हुए कार्यकाल में रम गए थे। सब-कुछ वैसा ही होने लगा है। वही सरकारी पैसे की बबार्दी, वाहवाही लूटने के लिए खजाने के रीतते जाने का क्रम। माले मुफ्त, दिले-बेरहम की तरह जनता से मिली टैक्स की रकम के साथ अनाचार। शिवराज ने लगातार चौथी बार सत्ता में आने के लिए यह सब किया और नाथ मुख्यमंत्री पद मिलने के तौर पर पूरे हुए अपने सबसे बड़े अरमान का सुख दीर्घावधि तक भोगने की प्रत्याशा में शायद ऐसा कर रहे हैं। साफ हो गया है कि इस मामले में शिवराज और नाथ के बीच आम और नीम के पेड़ जैसा ही बेमायना फर्क बचा है। read more  आगे पढ़ें

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वित्तीय घाटे से जूझ रही बीएसएनएल, बंद करने सहित कई अन्य उपायों पर हो रहा विचार

बीएसएनएल के चेयरमैन अनुपम श्रीवास्तव ने दूरसंचार सचिव के समक्ष एक प्रजेंटेशन दिया, जिसमें कंपनी की वित्तीय हालत, उसका कुल घाटा, रिलायंस जियो के आने के बाद उसके कारोबार पर असर, संभावित तौर पर कर्मचारियों के लिए वॉलंटरी रिटायरमेंट स्कीम (वीआरएस) और समय से पहले सेवानिवृत्ति की योजना का विस्तृत विवरण पेश किया। दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ तो सरकार ने बीएसएनएल में नई जान फूंकने के विकल्प पर विचार करने को कहा है, वहीं दूसरी तरफ उसने कंपनी को बंद करने को लेकर विश्लेषण करने की भी बात कही है। बीएसएनएल को सरकार के पास मौजूद तमाम विकल्पों का तुलनात्मक विश्लेषण करने को कहा गया है। सूत्रों ने कहा, 'इन विकल्पों में कंपनी में रणनीतिक विनिवेश, कंपनी बंद करने या वित्तीय समर्थन से नई जान फूंकना शामिल है।  आगे पढ़ें

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नाथ सरकार ने एक और वचन किया पूरा, तेंदुपत्ता संग्राहकों का बढ़ाया मेहनताना

कांग्रेस ने विधान सभा चुनाव के दौरान तेंदुपत्ता संग्राहकों का मेहनताना बढ़ाने का वादा अपने वचन पत्र में किया था। वो वादा कमलनाथ सरकार ने पूरा किया। तेंदुपत्ता संग्राहकों को अब प्रति बोरा 500 रुपए ज्यादा मेहनताना मिलेगा। 500 रुपए मेहनताना बढ़ाए जाने के बाद अब उन्हें प्रति मानक बोरा 2000 से बढ़कर ढाई हजार रुपए मिलेगा।  आगे पढ़ें

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गोपाल भार्गव ने अपने सभी विधायकों को लिखा पत्र, कहा- कोई भी परेशान करें तो हमें बताएं

नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने अब सभी भाजपा विधायकों के नाम पत्र लिखा है कि कार्यकर्ताओं को कोई अफसर प्रताड़ित करे तो मुझे बताएं। पत्र में उन्होंने विधायकों को लिखा कि विधानसभा सत्र में अपने क्षेत्र की समस्याओं को सदन में उठाएं। गोपाल भार्गव ने विधायकों को लिखा कि क्षेत्र की कानून व्यवस्था, शिक्षा स्वास्थ्य और अवैध खनन, किसानों के मुद्दे की भी जानकारी दें। दरअसल, कमलनाथ सरकार पिछले कई दिनों से ताबड़तोड़ तबादले कर रही है। इसी को लेकर वह विपक्ष के निशाने पर है।  आगे पढ़ें

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