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उमा भारती का संन्यास

उमा भावुक हैं। जिद्दी भी। तुनकमिजाज उनकी कमजोरी है। जिव्हा पर अक्सर नियंत्रण खो देने से उन्हें नुकसान उठाने पड़ते हैं। इन सारे तथ्यों के बीच वह राजनीतिज्ञ भी हैं। ऐसे तत्वों का जब राजनीतिक दिमाग में घालमेल होता है तो वही होता है जो हम मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री बनने, यकायक वह पद छोड़ने, फिर पद के लिए बगावत करने, नया दल बनाने और अंतत: वापस पुराने दल में आ जाने के तौर पर देख चुके हैं। कहा तो यह तक जाता है कि एक समय में अपनी उपेक्षा से दु:खी होकर इस साध्वी ने पार्टी के शीर्ष नेता को देर रात फोन कर आत्महत्या करने की धमकी दे डाली थी। read more  आगे पढ़ें

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