होम शत्रुघ्न सिन्हा
modi-modi-slogans-in-shatrughan-sinhas-rally-to-su

दिग्गी के समर्थन में प्रचार करने आए शत्रुघ्न सिन्हा की सभा में लगे मोदी-मोदी के नारे

शत्रुघ्न सिन्हा ने दिग्विजय सिंह के समर्थन में सभा ली। उन्होंने इस दौरान कहा कि देश में सिर्फ राष्ट्रवाद ही मुद्दा नहीं है। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में भाषा का स्तर इतना गिर जाएगा यह मैंने कभी सोचा भी नहीं था। देश के लिए सबकुछ निछावर करने वाले राजीव गांधी के नाम पर राजनीति की जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी किसी की मां को डायन कह रहे हैं तो राजीव गांधी को भ्रष्टाचारी बताया जा रहा है। ऐसा बयान निंदनीय, शर्मनाक और दर्दनाक है।  आगे पढ़ें

jinnah-statement-shouted-over-shatrughan-sinhas-cl

जिन्ना वाले बयान पर चौतरफा घिरे शत्रुघ्न सिन्हा की सफाई, बोले- जुबान फिसल गई

कांग्रेस के टिकट पर पटना साहिब सीट से चुनावी ताल ठोक रहे शत्रुघ्न ने कहा, 'मैंने जो भी कुछ कहा, उसकी वजह जुबान का फिसलना था। मैं उस वक्त मौलाना आजाद का नाम लेना चाह रहा था, लेकिन मेरे मुंह से मोहम्मद अली जिन्ना का नाम निकल गया। मैं अचंभित हूं। इसमें किसी तरह की गलती नहीं, जिसके लिए अफसोस किया जाए या माफी मांगी जाए। मैं प्रधानमंत्री मोदी की तरह मुद्दों को भटकाना नहीं जानता हूं। जब पीएम ने कहा कि 600 करोड़ लोगों को रोजगार दिया, तो उनके जुबान फिसलने पर कोई सवाल क्यों नहीं पूछा जाता है।'  आगे पढ़ें

shatrughan-sinhas-wife-who-is-in-active-politics-c

सक्रिय राजनीति में उतरीं शत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी, सपा के टिकट पर लखनऊ से लड़ सकती हैं चुनाव

बता दें कि मंगलवार को पूनम सिन्हा ने लखनऊ में अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव की मौजूदगी में समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। इस बार यूपी में सपा बसपा और आरएलडी गठबंधन कर चुनाव लड़ रही हैं। ऐसे में लखनऊ सीट पर पूनम सिन्हा को बसपा का भी सहयोग मिल सकता है। जो भाजपा प्रत्याशी के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है।  आगे पढ़ें

a-crack-in-the-coal-alliance-over-seat-sharing-in-

बिहार में सीट बंटवारे को लेकर गठबंधन में दरार, कई सीटों पर फंसा पेंच

चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद बिहार में विपक्षी महागठबंधन ने आखिरकार लंबी जद्दोजहद के बीच सीटों के बंटवारे का ऐलान किया था, लेकिन कुछ ही दिनों में गठबंधन की दीवार दरकती हुई दिखने लगी है। दरभंगा और सुपौल सीट को लेकर महागठबंधन के 2 बड़े सहयोगियों कांग्रेस और आरजेडी में मतभेद उभर आए हैं। आरजेडी-कांग्रेस में विवाद की वजह से बिहार में मिथिलांचल समेत बाकी सीटों पर महागठबंधन के उम्मीदवारों का ऐलान भी टल गया। दूसरी तरफ एनडीए पहले ही अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर चुकी है। संकट को गहराने से रोकने के लिए बिहार कांग्रेस चीफ मदन मोहन झा जहां गुरुवार को दिल्ली पहुंचे, वहीं आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने गुरुवार को अपने सभी कार्यक्रमों को रद्द कर दिया।  आगे पढ़ें

the-angry-shahnawaj-nitishs-party-told-after-the-t

टिकट कटने के बाद नाराज हुए शाहनवाज, नीतीश की पार्टी को बताया जिम्मेदार

बीजेपी प्रवक्ता ने शनिवार को टिकट कटने के बाद एक के बाद एक कई ट्वीट करके अपनी नाराजगी जाहिर की। शाहनवाज ने ट्वीट में लिखा, 'इस बार मैं भागलपुर से नहीं लड़ पाऊंगा। सूबे में इस बार बीजेपी के 6 वर्तमान सांसदों की सीटें एनडीए सहयोगी के तौर पर नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू के हिस्से में गई हैं। इसके बावजूद मैं लोकसभा चुनाव में पार्टी की जीत के लिए कड़ी मेहनत करूंगा।' इसके साथ ही शाहनवाज ने एक अलग ट्वीट में भागलपुर के लोगों से वादा किया है कि वह भले ही यहां से चुनाव नहीं लड़ रहे लेकिन यहां की जनता और उनके हितों के लिए हमेशा उनके साथ खड़े रहेंगे।  आगे पढ़ें

shatrughan-sinha-can-join-the-congress-in-a-day-or

भाजपा का दामन छोड़ एक-दो दिन में कांग्रेस में शामिल हो सकत हैं शत्रुघ्न सिन्हा

शत्रुघ्न पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि वह पटना साहिब से ही चुनाव लड़ेंगे। इस बीच ऐसी खबरें आ रही थीं कि बीजेपी उन्हें इस बार टिकट नहीं देगी। असल में दो बार सांसद रह चुके शत्रुघ्न सिन्हा का 2015 में हुए विधानसभा चुनावों के बाद से बीजेपी से मोहभंग हो गया था। इसके बाद से उन्होंने कई मुद्दों पर बीजेपी की खुलकर आलोचना की है। यहां तक कि विपक्षी नेताओं के साथ उन्होंने मंच भी साझा किया है। होली से पहले भी उन्होंने अपने ट्वीट में 'चौकीदार' वाले मामले में पीएम नरेंद्र मोदी की आलोचना की थी।  आगे पढ़ें

142-percent-increase-in-the-assets-of-153-mps-elec

2014 में चुने गए 153 सांसदों की सपंत्ति में 142 प्रतिशत की वृद्धि, शत्रुघ्न सिन्हा सबसे टॉप पर

2009 में शत्रुघ्न सिन्हा की संपत्ति लगभग 15 करोड़ रुपये थी, जो 2014 में बढ़कर 131 करोड़ रुपये हो गई। बीजू जनता दल (बीजेडी) के पिनाकी मिश्रा की संपत्ति 107 करोड़ रुपये बढ़कर 137 करोड़ रुपये हो गई। तीसरा स्थान राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की सुप्रिया सुले का है। उनकी संपत्ति 51 करोड़ रुपये से बढ़कर 2014 में 113 करोड़ रुपये हो गई।  आगे पढ़ें

itana-dar-​​kyon-hai-bhaajapa-aur-kaangres-ko

इतना डर क्यों है भाजपा और कांग्रेस को?

विजयवर्गीय भाजपा के नाखुश सांसद शत्रुघ्न सिन्हा की तुलना बैलगाड़ी के आगे चल रहे श्वान से करके उनका कद तय कर चुके हैं। हालांकि एक मौका ऐसा भी आया, जब मामला ऊंट के पहाड़ के नीचे आने जैसा हो गया था। उन्होंने प्रदेश की नौकरशाही को नापने के अंदाज में उस पर ताबड़तोड़ प्रहार किए। खुद को शोले का ठाकुर तक ठहरा दिया था किंतु नाकाम रहे। जल्दी ही समझ गए कि वल्लभ भवन की इमारत के भीतर बैठकर सरकार को चला रहे तंत्र को चलते करना उनके बस की बात नहीं है। मामला शिवराज सिंह चौहान की पसंद के लोगों का जो था। read more  आगे पढ़ें

Previous 1 Next 

प्रमुख खबरें

राज्य

राजनीति