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दोनों सदनों में पास हुआ सवर्ण आरक्षण कोटा, अगर आप लेना चाहते हैं फायदा तो इन कुछ कागजों को रखना होगा तैयार

सदन में बिल को लेकर हुए मतदान में इसके विरोध में 7 वोट पड़े। सरकार ने यह संशोधन संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 के तहत किया है जिसकी वजह से राज्यों की विधानसभाओं से इसे पारित कराने की जरूरत नहीं होगी। अब राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद 10 फीसदी आरक्षण की यह व्यवस्था केंद्र और राज्य की सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थाओं में प्रभावी हो जाएगी।  आगे पढ़ें

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राज्यसभा में पारित हुआ सामान्य वर्ग के लिए आरक्षण बिल, बिल के समर्थन में 165 विरोध में पड़े सात मत

इससे पहले बिल को सिलेक्ट कमिटी के पास भेजने के लिए कनिमोझी ने प्रस्ताव रखा था। हालांकि वोटिंग के दौरान इसके पक्ष में 18 और खिलाफ में 155 वोट पड़े। इसके साथ ही बिल को सिलेक्ट कमिटी में भेजने की मांग खारिज हो गई। उधर, विधेयक पास होने के बाद बीजेपी चीफ अमित शाह ने ट्वीट कर इसका समर्थन करने वाले सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया।  आगे पढ़ें

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सवर्ण आरक्षण: राज्यसभा में आज सरकार की होगी परीक्षा, बहुमत के लिए एक तिहाई वोट जरूरी

सरकार को लोकसभा में बिल पास कराने में कोई परेशानी नहीं हुई। उपस्थित 326 सदस्यों में से 323 ने बिल के समर्थन में वोट दिया और महज 3 सदस्यों ने विरोध में वोट दिया। सरकार की असली परीक्षा राज्यसभा में है क्योंकि यहां उपस्थित सदस्यों में से दो-तिहाई का समर्थन पाना आसान नहीं होगा। राज्यसभा में 246 सदस्य हैं और अगर सभी सदस्य वोटिंग में हिस्सा लेते हैं तो बिल को 164 वोट की जरूरत पड़ेगी। विपक्ष यहां अपने दबदबे का इस्तेमाल कर सकता है।  आगे पढ़ें

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सवर्णों का 10 प्रतिशत आरक्षण देने का विधेयक लोकसभा में पास, आज राज्यसभा में पेश करेगी सरकार

लोकसभा में विधेयक पेश किए जाने से लेकर इसके पारित होने तक राजनीतिक हलचल तेज रही। इसकी संवेदनशीलता को देखते हुए यूं तो किसी भी दल ने इसका विरोध नहीं किया, लेकिन राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और छींटाकशी तेज रही।  आगे पढ़ें

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तीन तलाक बिल को राज्यसभा में पास कराना सरकार के लिए चुनौती, विपक्ष एकजुट, पीएम के साथ भाजपा ने भी की बैठक

राज्यसभा में बिल पर चर्चा 2 बजे शुरू होनी है, लेकिन उससे पहले ही विपक्षी दलों ने मीटिंग की। इसके लिए कई विपक्षी दलों के सांसद राज्यसभा में नेता विपक्ष गुलाम नबी आजाद के चेंबर में जुटे। सामने आई तस्वीर में कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद के साथ, आनंद शर्मा, आप नेता संजय सिंह, रामगोपाल यादव, तृणमूल कांग्रेस नेता डेरेक ओ ब्रायन, कम्यूनिस्ट पार्टी आॅफ इंडिया के डी राजा, आरजेडी के मनोज कुमार झा ने इस बैठक में हिस्सा लिया।  आगे पढ़ें

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सरकार आज राज्यसभा में पेश करेगी तीन तकाल बिल, सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने की तैयारी

कांग्रेस और बीजेपी ने सांसदों को विप जारी कर सोमवार को सदन में मौजूद रहने का आदेश दिया है। इसके अलावा अन्य दलों ने भी सांसदों से कहा कि वे इस महत्वपूर्ण बिल को पेश किए जाने के मौके पर मौजूद रहें। टीडीपी ने भी इसके लिए विप जारी किया है। कांग्रेस ने इस संबंध में चर्चा के लिए सांसदों की मीटिंग भी बुलाई। सभी दल यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि सदन में उनकी मौजूदगी 100 फीसदी रहे।  आगे पढ़ें

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बिहार एनडीए में सीट बंटवारे पर बनी सहममि, पासवान 6 सीट पर राजी, औपचारिक घोषणा आज

माना जा रहा है कि शनिवार को इसका अधिकारिक तौर पर ऐलान भी किया जा सकता है। खबर है कि बीजेपी एलजेपी को 6 सीटें देने पर राजी हो गई है। इनमें एक सीट एलजेपी को यूपी में मिलेगी। इसके अलावा बीजेपी एलजेपी को एक राज्यसभा सीट भी दे सकती है।  आगे पढ़ें

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गठबंधन को मजबूत करने में जुटी भाजपा, नाराज पासवान को शाह ने मनाया

बिहार के प्रभारी महासचिव भूपेंद्र यादव ने पहले घर जाकर केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान और चिराग से मुलाकात की। फिर उन्हें साथ लेकर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के पास पहुंचे। सूत्रों का कहना है कि वहां सीटों की संख्या तय हो गई। भाजपा और जदयू 17-17 सीटों पर और लोजपा छह सीटों पर चुनाव लड़ेगी। इस संख्या से लोजपा को भी एतराज नहीं है।  आगे पढ़ें

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नादानी के सहचर राहुल गांधी

राहुल की समस्या यह है कि वह समझदारी का परिचय बहुत बिरले ही दे पाते हैं, जबकि नादानी उनकी किसी सहचरी-सी बन गई है। आम आदमी पार्टी खुलकर कर रही थी कि हरिप्रसाद के लिए समर्थन चाहिए तो राहुल उसके संयोजक अरविंद केजरीवाल से खुद बात करें। ऐसा नहीं किया गया। कांग्रेस अध्यक्ष ने पहले तो कहा कि इस चुनाव के लिए उनकी पार्टी प्रत्याशी ही नहीं उतारेगी। जब तृणमूल कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार के लिए पहल की तो ऐन समय पर राहुल के पिटारे से हरिप्रसाद फुदककर बाहर आ गए। read more  आगे पढ़ें

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