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जयवर्धन सिंह का बड़ा बयान: कहा- किसान कर्ज में गड़बडी के लिए भाजपा जिम्मेदार

मंत्री ने बताया कांग्रेस जल्द से जल्द योजना का लाभ किसानों को देना चाहती है, जिसके लिए उन्होंने हरे, सफेद और गुलाबी रंग के फॉर्म भरवाए हैं। सरकार जल्द ही एक सूची जारी करेगी, जिसमें उन किसानों के नाम होंगे जिनका कर्ज माफ कर दिया गया है। इस सूची को आॅनलाइन कर दिया जाएगा। आगामी 22 तारीख तक यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी और मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार 22 तारीख से किसानों के पैसे उनके खाते में आने शुरू हो जाएंगे।  आगे पढ़ें

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किसान कर्ज माफी के बाद सरकार का खजाना खाली, सरकारी विभागों में वेतन का संकट

कमल नाथ सरकार चुनाव के दौरान किए गए अपने वादों को पूरा करने में व्यस्त है, लेकिन सरकार के ही कारिंदे अब मासिक वेतन के लिए परेशान हो रहे हैं। कई विभागों के कर्मचारियों की तनख्वाह एक, दो नहीं बल्कि तीन-तीन माह से नहीं आ रही है। मामले में भाजपा सांसद आलोक संजर का कहना है कि सरकार में आना तो आसान है, लेकिन सरकार चलाना कठिन है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जब विपक्ष में थी तो शिवराज सरकार पर तरह-तरह के आरोप लगाए, लेकिन प्रदेश में कभी वेतन नहीं मिलने का मामला सामने नहीं आया। उन्होंन कहा कि कांग्रेस रूहाने सपने दिखाकर सत्ता में तो आ गई है, लेकिन इन्हें सरकार चलाना नहीं आता।  आगे पढ़ें

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तूने पहन तो लिए कपड़े मेरे मगर...

किसानों का कर्ज माफ करने की घोषणा काम कर गयी। तीन राज्यों में अन्नदाता ने कांग्रेस की सरकार बनवा दी। छत्तीसगढ़ में तो उसने कांग्रेस के पक्ष में वोटों की लहलहाती फसल खड़ी कर दी। इससे उत्साहित गांधी ने बीते दिनों गरीबों को न्यूनतम आय की गारण्टी दे दी और अब कह दिया है कि उनकी पार्टी के आम चुनाव जीतते ही महिला आरक्षण विधेयक को पारित कराया जाएगा। निश्चित ही तीनों घोषणाएं उनके दायरे में आने वालों के कल्याणकारी नजर आती हैं। इनके पीछे राहुल की जो रणनीति छिपी है, वास्तव में उसने नरेंद्र मोदी और अमित शाह जैसे घुटे हुए राजनीतिज्ञों की भी नींद उड़ा दी होगी। read more  आगे पढ़ें

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किसानों का कर्ज करने से पहले फर्जी मामलों की जांच करेगी सरकार, हर जिले में बनाए जाएंगे कंट्रोल रूम

सीएम कमलनाथ ने इन आपत्तयों को गंभीरता से लिया और वहीं से आदेश दिया कि इस धांधली की जांच की जाए। सीएम के निर्देश पर सहकारिता विभाग के प्रमुथ सचिव ने बैठक बुलायी। इसमें फैसला लिया गया कि हर जिÞले में कंट्रोल रूम बनाए जाएं जिसमें जय किसान फसल ऋण माफी योजना के फर्जी मामलों की आपत्तियों की सुनवाई की जाए।  आगे पढ़ें

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सरकार के गले की हड्डी बनी कर्जमाफी, जिन किसानों ने नहीं लिया कर्ज, वह भी बने कर्जदार

देवरी के गौरझामर केन्द्रीय बैंक मर्यादित में एक सूची चस्पा की गई जिसमें किसानों के लाखों के कर्जा माफी के आदेश हुए हैं। जब महका, जनकपुर, नाहरमउ, गुगवारा चरगंवा गांव के किसानों इस बात का पता लगा की उनका कर्जा माफ हो गया हैं तो वो हक्के बक्के रह गए। एक किसान ने बताया कि उसने कभी कर्ज नहीं लिया लेकिन सूची में उसका नाम है। इसके अलावा ऐसे ही कुछ किसानों ने जब अपना नाम सूची में देखा तो उन्होंने सूची को फर्जी बताते हुए गौझामर में चक्काजाम कर दिया।  आगे पढ़ें

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मप्र किसान कर्ज माफी: ऋण खाते से आधार लिंक कराना है जरूरी, तभी मिलेगा लाभ

एमपी आनलाइन द्वारा 15 जनवरी से लाइव पोर्टल चालू किया जा रहा है, जिस पर किसानों से मिलने वाले आवेदन आॅनलाइन अपडेट किए जाएंगे। किसानों को तीन श्रेणियों में रखा जाएगा। किसान जिस श्रेणी में आएगा उसे उस रंग का फॉर्म भरना होगा, फार्म किसान को निशुल्क मिलेगा। योजना से जिले के लगभग 70 हजार किसान लाभान्वित होंगे।  आगे पढ़ें

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यह बीमार का इलाज है, बीमारी का नहीं

ऐसा हर उस मामले में होता है, जहां केवल बीमार का उपचार किया जाता है, बीमारी का नहीं। बात का ताजातरीन संदर्भ मध्यप्रदेश है। लेकिन ऐसे सियासी डॉक्टर सारे देश में हैं, जो बीमारी की बजाय केवल बीमार का उपचार कर रहे हैं। जानबूझकर। किसी षड़यंत्र के तहत। अपना उल्लू सीधा करने के लिए। आप बेशक कमलनाथ की तारीफ कर सकते हैं कि उन्होंने किसानों का कर्ज माफ करने की घोषणा कुछ हद तक पूरी की है। लेकिन इसे किसी उल्लेखनीय काम की संज्ञा नहीं दी जा सकती। क्योंकि इससे कर्ज का मर्ज तो कायम ही रहेगा। उलटे यह मर्ज और बढ़ जाएगा।  आगे पढ़ें

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सरकार किसानों की मदद वाली योजना की तैयारी में, डायरेक्ट इनकम ट्रांसफर पर कर रही विचार

सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था में और बदलाव करने पर विचार कर रही है ताकि इसे ज्यादा प्रभावी बनाया जा सके, साथ ही वह खेती से कम आमदनी की भरपाई करने के लिए डायरेक्ट इनकम ट्रांसफर के बारे में भी सोच रही है।  आगे पढ़ें

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हम बदलेंगे, युग बदलेगा

देश में बदलाव का दौर है। तीन हिंदी भाषी राज्यों ने बदलाव कर दिया है। अब आम चुनाव की वेला नजदीक आ रही है। इस बीच कई मुद्दे सोच और कर्म पर हावी हैं। कर्ज माफी की घोषणा के बाद भी किसान आत्महत्या कर रहे हैं। सहिष्णुता बनाम कथित असहिष्णुता का नसीरुद्दीन शाह की सूरत में नया अध्याय आरम्भ हो चुका है। उन्मादी भीड़ पहले निरीह लोगों की जान ले रही थी, अब वह कानून के रखवालों को भी नहीं बख्श रही। भ्रष्टाचार का राफेल बनाम अगस्ता वाला अध्याय हम भी हैं, तुम भी हो, दोनो हैं आमने-सामने की तर्ज पर खूब पढ़ा और गढ़ा जा रहा है। तीन तलाक के सामाजिक बोझ को सियासत की तराजू पर अपने-अपने नफे-नुकसान के हिसाब से तौला जा रहा है। भगवान श्रीराम को टेंट से निकालने के दिखावे फिर जोरों पर हैं और इसके चलते सामाजिक समरसता एक बार फिर तलवार की धार पर चलती दिख रही है। read more  आगे पढ़ें

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प्रदेश में कांग्रेस सरकार किसानों को देगी 60 हजार करोड़ की कर्जमाफी, नियमित कर्ज भी होगा शामिल

सिर्फ कर्ज माफी योजना को लेकर बुलाई गई कैबिनेट बैठक में प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा ने प्रस्तुतिकरण दिया। इसमें बताया गया कि 31 मार्च 2018 की स्थिति में प्रदेश के 61 लाख 20 हजार किसानों के ऊपर 62 हजार 294 करोड़ रुपए का कर्ज है। औसत रूप से एक किसान एक लाख रुपए से ज्यादा का कर्जदार है। इसमें 19 लाख 55 हजार किसानों का 13 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा कालातीत कर्ज भी शामिल है।  आगे पढ़ें

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