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नाथ के हाथों सेफ नहीं 'हाथ', कांग्रेस के किसान कार्ड को भाजपा ने लपका, न कर्जमाफी,न दिया कर्मचारियों-युवाओं को भत्ता

किसानों का कर्जा माफ नहीं किया जा सका है। सिर्फ कागजी कार्यवाही से किसान खुश नहीं है। बता दें कि किसानों को दो लाख रूपए तक कर्जा माफ किया जाना था। अभी तक सिर्फ बैंकों से डिफाल्टर किसानों की सूची ही जारी की गई है और जो किसान सूचियों में स्थान नहीं पा सके उनसे आवेदन भरवाए गए हंै। कई किसानों को कार्यक्रमों के जरिए कर्जमाफी के प्रमाणपत्र दिए तो गए हैं,मगर वास्तविकता इससे एकदम उलट है, क्योंकि कर्जमाफी की राशि किसानों के केसीसी खातों में स्थानांतरित नहीं की गई है। समय पर कर्जमाफी न होने से किसान खफा हैं। राजनीति विश्लेषक मानते हैं कि ये किसान भाजपा के पाले में जा सकते हैं,जिससे कांग्रेस को अत्यधिक नुकसान हो सकता है। read more  आगे पढ़ें

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चुनावी शंखनाद से पहले नाथ सरकार का मास्टर स्टोक, राज्यपाल ने दी 27 फीसदी आरक्षण को मंजूरी

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बुधवार को सागर में ओबीसी को सरकारी नौकरियों में 27 फीसदी आरक्षण देने की घोषणा की थी। घोषणा के साथ ही मुख्य सचिव सुधिरंजन मोहंती ने इस पर काम शुरू कर दिया था। गुरुवार देर शाम मंत्रालय में उन्होंने सामान्य प्रशासन और विधि एवं विधायी विभाग के अधिकारियों की बैठक बुलाकर अध्यादेश लाने की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए।  आगे पढ़ें

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कमलनाथ सरकार झूकी डिस्टलर के सामने, बिकेगी अब ड्राट बीयर

मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार आखिरकार एक बड़ी डिस्टलरी के सामने सरेन्डर हो गई है। मंगलवार रात को होने वाली केबिनेट में नई आबकारी नीति में खुली बीयर (ड्राट बीयर) को बैचने सरकार सहमती देने जा रही है। केबिनेट के एजेंडे में नई आबकारी नीति में ड्राट बीयर को अनुमति देने के बारे में प्रस्ताव सोमवार रात को ही शामिल किया गया है। सूत्रों का कहना है कि सरकार का यह फैसला लोकसभा चुनाव में पार्टी के लिए धन की व्यवस्था जुटाने के प्रयासों से जुड़ा है। लिहाजा, अब एक अप्र्रैल से शराब दुकानों पर ड्राट बीयर की बिक्री शुरू हो जाएगी। पिछली 26 फरवरी को होने वाली केबीनेट में इस पर फैसला होना था लेकिन आबकारी मंत्री बृजेन्द्र सिंह राठौर इस पर सैद्धांतिक रूप से सहमत नहीं थे। लिहाजा, इस मसले को मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद आज मंगलवार को हो रही बैठक के एजेंडे में शामिल कर लिया गया। read more  आगे पढ़ें

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मंदसौर गोलीकांड पर नाथ सरकार का यू-टर्न, गृहमंत्री बोल- दोषियों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई

प्रदेश के गृह मंत्री बाला बच्चन ने अब कहा है कि घटना की न्यायिक जांच की जा रही है और दोषी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इधर, बीजेपी नेता गोपाल भार्गव ने कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा है कि मंदसौर के मामले में सदन में मंत्री ने जो सच है, उसे बोला। लेकिन अब वह (मंत्री) खुलेआम झूठ बोल रहे हैं। बता दें कि सोमवार को प्रदेश के गृह मंत्री बाला बच्चन ने एक सवाल के लिखित जवाब में कहा था कि छह जून 2017 को हिंसक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आत्मरक्षा और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा के लिए गोली चलाई गयी थी।  आगे पढ़ें

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तो अब कमलनाथ सरकार बिकवाएगी ड्राट बीयर

मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार एक बार फिर विदेशी शराब दुकानों से खुली बीयर बैचने की तैयारी कर रही है। 26 फरवरी को केबीनेट में प्रदेश की नई कांग्रेस सरकार की आबकारी नीति में संभवत: यह फैसला हो जाएगा। सरकार के इस फैसले का इकलौता फायदा राजसेन जिले की एक डिस्टलरी को होगा। और इस फैसले का सबसे ज्यादा नुकसान किशोर वय के युवाओं को होगा जिन्हें सस्ते में और आसानी में बीयर कहीं भी उपलब्ध हो जाएगी। प्रदेश में पहली बार ड्राट बीयर बैचने का फैसला शिवराज सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल में किया था करीब चार साल बाद शराब दुकानों से 2013 में इसकी बिक्री पर रोक भी लगा दी थी। हालांकि ड्राट बीयर , बार में उपलब्ध है।read more  आगे पढ़ें

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कोई फर्क नहीं नाथ और शिवराज में

इस हास्य कथा वाले आम और नीम के पेड़ जितना ही महीन अंतर राज्य की पूर्ववर्ती शिवराज सिंह चौहान और वर्तमान कमलनाथ सरकार के बीच नजर आने लगा है। नाथ के शासनकाल की शुरूआत मितव्ययता के जिन दावों के साथ हुई, वह बहुत जल्दी कोरे साबित हो चुके हैं। विज्ञापन वाली सरकार के विरोध से सत्ता में आए कमलनाथ ने भी प्रचार का वही तरीका अख्तियार कर लिया है जिसमें शिवराज अपने तीसरे और आखिरी साबित हुए कार्यकाल में रम गए थे। सब-कुछ वैसा ही होने लगा है। वही सरकारी पैसे की बबार्दी, वाहवाही लूटने के लिए खजाने के रीतते जाने का क्रम। माले मुफ्त, दिले-बेरहम की तरह जनता से मिली टैक्स की रकम के साथ अनाचार। शिवराज ने लगातार चौथी बार सत्ता में आने के लिए यह सब किया और नाथ मुख्यमंत्री पद मिलने के तौर पर पूरे हुए अपने सबसे बड़े अरमान का सुख दीर्घावधि तक भोगने की प्रत्याशा में शायद ऐसा कर रहे हैं। साफ हो गया है कि इस मामले में शिवराज और नाथ के बीच आम और नीम के पेड़ जैसा ही बेमायना फर्क बचा है। read more  आगे पढ़ें

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नाथ सरकार ने एक और वचन किया पूरा, तेंदुपत्ता संग्राहकों का बढ़ाया मेहनताना

कांग्रेस ने विधान सभा चुनाव के दौरान तेंदुपत्ता संग्राहकों का मेहनताना बढ़ाने का वादा अपने वचन पत्र में किया था। वो वादा कमलनाथ सरकार ने पूरा किया। तेंदुपत्ता संग्राहकों को अब प्रति बोरा 500 रुपए ज्यादा मेहनताना मिलेगा। 500 रुपए मेहनताना बढ़ाए जाने के बाद अब उन्हें प्रति मानक बोरा 2000 से बढ़कर ढाई हजार रुपए मिलेगा।  आगे पढ़ें

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गोपाल भार्गव ने अपने सभी विधायकों को लिखा पत्र, कहा- कोई भी परेशान करें तो हमें बताएं

नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने अब सभी भाजपा विधायकों के नाम पत्र लिखा है कि कार्यकर्ताओं को कोई अफसर प्रताड़ित करे तो मुझे बताएं। पत्र में उन्होंने विधायकों को लिखा कि विधानसभा सत्र में अपने क्षेत्र की समस्याओं को सदन में उठाएं। गोपाल भार्गव ने विधायकों को लिखा कि क्षेत्र की कानून व्यवस्था, शिक्षा स्वास्थ्य और अवैध खनन, किसानों के मुद्दे की भी जानकारी दें। दरअसल, कमलनाथ सरकार पिछले कई दिनों से ताबड़तोड़ तबादले कर रही है। इसी को लेकर वह विपक्ष के निशाने पर है।  आगे पढ़ें

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लोकसभा चुनाव: जोश बनाए रखने की चुनौती

विधानसभा चुनाव के लगे लगाए लोकसभा के चुनाव आने से भाजपा और कांग्रेस दोनों ही इस उम्मीद से थे कि कार्यकर्ता सक्रिय बने रहेंगे। लेकिन जमीनी हकीकत दोनों दलों के लिए चौकाने वाली है। भाजपा को लग रहा था कि विधानसभा चुनाव में हार के बाद कार्यकर्ता इसे दिल पर लेगा और भावुक होकर लोकसभा चुनाव में जिताने के लिए कमर कसेगा। ऐसे ही कांग्रेस को लग रहा है कि सरकार बनने के बाद अब उसके चाहने वाले राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए जोश से भरे रहेंगे। मगर सत्ता में मौज करने वाले मंत्री, विधायक और उनके चंपुओं के जलवे देख कार्यकर्ता भी सरकार की रस मलाई में हिस्सा चाहता है। दीपक बावरिया ने इस बात को समझ कर कार्यकर्ताओं की चिन्ता करने की जो समझाईश दी वह नेताओं को नागवार गुजर रही है।  आगे पढ़ें

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लोकसभा चुनाव: गाय के साथ-साथ किसान, युवा और गरीब पर फोकस करेगी नाथ सरकार

सरकार ने 450 करोड़ रुपए का बंदोबस्त कर एक हजार गौ-शालाओं के निर्माण का एलान किया। मुख्यमंत्री कमलनाथ गौशाला फंड जुटाने के लिए कारपोरेट घरानों से संपर्क स्थापित कर उनके सीएसआर का फंड गौ-माता के लिए दान करने का आग्रह भी करने वाले हैं। 55 लाख तादाद वाले किसानों के बड़े समूह के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दो लाख रुपए तक के ऋ ण माफ करने का फैसला पहले ही ले लिया था।  आगे पढ़ें

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