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नगरीय निकायों के कर्मचारियों को भुगतना होगा प्रदेश की खराब आर्थिक हालात का खामियाजा, बेरंग होगी होली

नगरीय निकायों के पास आय का बहुत बड़ा साधन नहीं है, इसलिए इसी पैसे से वे अपने कर्मचारियों को वेतन देते हैं। फरवरी में दिए जाने वाले चुंगीकर क्षतिपूर्ति के 320 करोड़ रुपए राज्य सरकार ने अभी तक नहीं दिए हैं। इस वजह से निकाय कर्मचारियों को वेतन नहीं दे पा रहे हैं। वित्त विभाग ने अभी नगरीय निकायों को चुंगीकर क्षतिपूर्ति के रूप में 320 करोड़ रुपए देने की स्वीकृति नहीं दी है।  आगे पढ़ें

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आर्थिक संकट में राज्य सरकार, वित्त विभाग का विभागों को आदेश, बची राशि तत्काल जमा कराएं

वित्त विभाग ने कहा है कि विभागीय अधिकारियों को व्यक्तिगत जमा खाता खोलने की अनुमति समय-समय पर दी गई है। इस खाते में विभिन्न योजनाओं की राशि रखी हुई है। योजना पूरी होने या चालू नहीं होने की स्थिति में राशि सरकार की संचित निधि में जमा करा देना चाहिए, लेकिन यह देखने में आया है कि कई विभागों ने राशि जमा नहीं कराई है। इन खातों में रखी राशि को सरकार की संचित निधि में जमा कर तत्काल यह खाते बंद कर दिए जाएं। 28 मार्च को ऐसे खाते कोषालय स्तर से बंद कर दिए जाएंगे  आगे पढ़ें

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आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए सऊदी अरब बना उम्मीद?

एएफपी के अनुसार, सऊदी अरब ने इस मुश्किल वक्त में पाकिस्तान को एक बहुत बड़ा निवेश पैकेज देने का फैसला किया है। क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और उनके कई महत्वपूर्ण सहयोगी इस्लामाबाद का दौरा जल्द ही करनेवाले हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद से अब तक 2 बार रियाद का दौरा कर चुके हैं। इमरान कई मुस्लिम देशों का दौरा कर चुके हैं जिनमें कतर और तुर्की भी शामिल हैं। आर्थिक संकट सुधारने के लिए चीन से भी कोशिश की जा रही है।  आगे पढ़ें

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जीएसटी में छूट की सीमा बढ़ाने से मप्र को होगा 500 करोड़ का सालाना नुकसान

अधिकारियों के मुताबिक जीएसटी छूट की सीमा बढ़ाने से मप्र को मिलने वाले टैक्स में काफी कमी आएगी, क्योंकि मप्र में छोटे उद्यमियों की संख्या काफी ज्यादा है और इनसे अच्छा खासा रेवेन्यू सरकार को मिलता है। जनवरी में जीएसटी काउंसिल ने जीएसटी में परिवर्तन करते हुए 40 लाख रुपए से कम टर्नओवर वाली कंपनियों को जीएसटी रजिस्ट्रेशन से छूट दी थी। पहले यह छूट 20 लाख रुपए तक के टर्नओवर वाले उद्यमियों को थी।  आगे पढ़ें

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दत्तात्रेय ब्राहृण का अल्पसंख्यक एजेंडा

कौन बनेगा... ने यदि अमिताभ की तंगहाली से उबरने में मदद की तो आज की मुद्रा भी गांधी के लिए फायदे का सौदा बनती दिख रही है। इसके लिए उनके सही स्थान के चयन की प्रशंसा करना चाहिए। गांधी ने ऐसा उस कार्यक्रम में कहा और किया, जो पूरी तरह अल्पसंख्यकों को समर्पित था। राम मंदिर आंदोलन को फिर दी जा रही हवा का पंखा कहां से संचालित हो रहा है, यह किसी से छिपा नहीं है। शक की सुई सीधी मोदी की ओर जाती है। इसलिए अल्पसंख्यक फिर नाराज है और यही वजह रही कि गांधी के शब्दों का कार्यक्रम में मौजूद इस तबके के लोगों ने जबरदस्त तरीके से स्वागत किया। read more  आगे पढ़ें

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दो जून की रोटी के मजबूर हैं आदिवासी परिवार, गिरवी रखना पड़ रहा है राशन कार्ड, शासन मौन

मध्यप्रदेश के खाद्य आपूर्ति मंत्री प्रदुम्न सिंह तोमर शिवपुरी जिले के प्रभारी मंत्री हैं। इसके बावजूद जिले के आदिवासी समुदाय के लोगों के खाने के लाले पड़े हुए हैं और उन्हें कई जतन करने पड़ रहे हैं। आदिवासी महिलाओं के अनुसार उनके पास इलाज कराने के पैसे नहीं हैं, घर में कोई भी परेशानी आ जाने पर उनके पास कार्ड गिरवी रखने के अलावा कोई चारा नहीं बचता है। इसलिए मजबूरी में वो अपना राशन कार्ड आस-पड़ोस के दबंग परिवारों के यहां गिरवी रखते हैं और जरूरत के लिए पैसे जुटाते हैं।  आगे पढ़ें

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बजट-2019: बजट भाषण में बोले वित्त मंत्री, कहा- हमारी सरकार ने महंगाई की तोड़ी कमर

हमारी सरकार में राज्यों को केंद्र से 10 फीसद ज्यादा पैसा मिल रहा है। क्लीन बैंकिंग के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। जो पैसे नहीं दे रहे थे, वो अब लौटाने लगे हैं या अपना बिजनेस बंद कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एनपीए की दर पहले बहुत ज्यादा थी, इस कारण बहुत सारी योजनाएं प्रभावित हुई थी। इस वर्ष वित्तीय घाटा 3.4 फीसदी रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि तीन लाख करोड़ रूपए के एनपीए की रिकवरी हुई है।  आगे पढ़ें

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पीएम का विपक्ष पर हमला, कहा- हमारे फैसले में ताकत नहीं होती तो विपक्ष की नींद नहीं उड़ती

प्रधानमंत्री ने सामान्य श्रेणी में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने के केंद्र के फैसले का जिक्र करते हुए विपक्ष पर आरोप लगाया, 'यदि हमारे फैसले में ताकत नहीं होती तो इन लोगों की रात की नींद नहीं उड़ी होती। उन्हें अब मैदान में उतरकर झूठ फैलाना पड़ रहा है। इसका मतलब है कि हमने सही काम किया और देश के लिए काम किया।' नए आरक्षण को लागू करने के लिए शिक्षण संस्थानों में सीटों की कमी का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, 'मैं आश्वासन देना चाहता हूं कि हम हर शिक्षण संस्थानों में 10 फीसद सीटें बढ़ाएंगे ताकि आरक्षण के बावजूद सभी को मौका मिले।' उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि किसी के साथ नाइंसाफी न हो और अनुसूचित जाति/जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग का आरक्षण जस का तस रहे।  आगे पढ़ें

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मानव संसाधन मंत्रालय की घोषणा: आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को मिलेगा 10 प्रतिशत आरक्षण, बढ़ेंगी सीटें

जावड़ेकर ने बताया कि देशभर में करीब 40,000 कॉलेज और 900 विश्वविद्यालय हैं और यह कोटा इनमें दिया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने हालांकि सीटों की संख्या को लेकर स्पष्ट रूप से नहीं बताया। मंत्री ने कहा कि जल्द ही कोटा को लागू करने को लेकर जानकारी दी जाएगी।  आगे पढ़ें

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दोनों सदनों में पास हुआ सवर्ण आरक्षण कोटा, अगर आप लेना चाहते हैं फायदा तो इन कुछ कागजों को रखना होगा तैयार

सदन में बिल को लेकर हुए मतदान में इसके विरोध में 7 वोट पड़े। सरकार ने यह संशोधन संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 के तहत किया है जिसकी वजह से राज्यों की विधानसभाओं से इसे पारित कराने की जरूरत नहीं होगी। अब राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद 10 फीसदी आरक्षण की यह व्यवस्था केंद्र और राज्य की सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थाओं में प्रभावी हो जाएगी।  आगे पढ़ें

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