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मानव संसाधन मंत्रालय की घोषणा: आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को मिलेगा 10 प्रतिशत आरक्षण, बढ़ेंगी सीटें

जावड़ेकर ने बताया कि देशभर में करीब 40,000 कॉलेज और 900 विश्वविद्यालय हैं और यह कोटा इनमें दिया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने हालांकि सीटों की संख्या को लेकर स्पष्ट रूप से नहीं बताया। मंत्री ने कहा कि जल्द ही कोटा को लागू करने को लेकर जानकारी दी जाएगी।  आगे पढ़ें

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राष्ट्रपति की मुहर के बाद आज गुजरात सरकार लागू करेगी सवर्ण आरक्षण कानून, बनेगा देश का पहला राज्य

सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर तबकों को सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थाओं में 10 फीसदी आरक्षण पर बीते दिनों संसद की मुहर लग गई। लोकसभा के बाद राज्यसभा ने भी सामान्य वर्ग के गरीबों को आरक्षण देने संबंधी 124वें संविधान संशोधन विधेयक को 165 वोटों से पारित कर दिया।  आगे पढ़ें

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दोनों सदनों में पास हुआ सवर्ण आरक्षण कोटा, अगर आप लेना चाहते हैं फायदा तो इन कुछ कागजों को रखना होगा तैयार

सदन में बिल को लेकर हुए मतदान में इसके विरोध में 7 वोट पड़े। सरकार ने यह संशोधन संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 के तहत किया है जिसकी वजह से राज्यों की विधानसभाओं से इसे पारित कराने की जरूरत नहीं होगी। अब राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद 10 फीसदी आरक्षण की यह व्यवस्था केंद्र और राज्य की सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थाओं में प्रभावी हो जाएगी।  आगे पढ़ें

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राज्यसभा में पारित हुआ सामान्य वर्ग के लिए आरक्षण बिल, बिल के समर्थन में 165 विरोध में पड़े सात मत

इससे पहले बिल को सिलेक्ट कमिटी के पास भेजने के लिए कनिमोझी ने प्रस्ताव रखा था। हालांकि वोटिंग के दौरान इसके पक्ष में 18 और खिलाफ में 155 वोट पड़े। इसके साथ ही बिल को सिलेक्ट कमिटी में भेजने की मांग खारिज हो गई। उधर, विधेयक पास होने के बाद बीजेपी चीफ अमित शाह ने ट्वीट कर इसका समर्थन करने वाले सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया।  आगे पढ़ें

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विजयवर्गीय ने प्रदेश सरकार पर बोला हमला, कहा- पांच दिन में ही आ गया कमलनाथ में सत्ता का अहंकार

कैलाश विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री कमलनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि 5 दिन की सरकार में ही कमलनाथ में सत्ता का अहंकार आ गया है। बीजेपी ने हमेशा विपक्ष को सम्मान दिया है। लेकिन आज इतनी बड़ी संख्या में विपक्ष होने के बावजूद कमलनाथ विपक्ष को सम्मान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ विधानसभा की सारी परंपराएं तोड़ रहे हैं।  आगे पढ़ें

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सवर्ण आरक्षण: राज्यसभा में आज सरकार की होगी परीक्षा, बहुमत के लिए एक तिहाई वोट जरूरी

सरकार को लोकसभा में बिल पास कराने में कोई परेशानी नहीं हुई। उपस्थित 326 सदस्यों में से 323 ने बिल के समर्थन में वोट दिया और महज 3 सदस्यों ने विरोध में वोट दिया। सरकार की असली परीक्षा राज्यसभा में है क्योंकि यहां उपस्थित सदस्यों में से दो-तिहाई का समर्थन पाना आसान नहीं होगा। राज्यसभा में 246 सदस्य हैं और अगर सभी सदस्य वोटिंग में हिस्सा लेते हैं तो बिल को 164 वोट की जरूरत पड़ेगी। विपक्ष यहां अपने दबदबे का इस्तेमाल कर सकता है।  आगे पढ़ें

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एक दिन में तैयार हुआ जनरल कोटे का मसौदा, इस बारे में मंत्रियों को नहीं थी जानकारी

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने सोमवार को मीटिंग के लिए कैबिनेट नोट एक दिन में बनाया था। इसे केंद्रीय मंत्रियों को भी नहीं दिखाया गया था। एक वरिष्ठ मंत्री ने बताया, 'सरकार संविधान संशोधन विधेयक प्रस्तुत करने की योजना नहीं बना रही थी। फैसला उच्चतम स्तर पर लिया गया और मंत्रालय को एक प्रपोजल तैयार करने के लिए कहा गया था।'  आगे पढ़ें

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सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण पर बोली सपाक्स, कहा- यह चुनावी लॉलीपॉप

अब तक आरक्षण के नाम से बचती आ रही कांग्रेस ने भी इस मसले पर अपने विचार रखे हैं। कांग्रेस के नेता और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का कहना है कि पार्टी हमेशा से सवर्ण वर्ग के गरीबों को सुविधाएं देने के पक्ष में है, लेकिन सिंह ने भाजपा की मंशा पर सवाल उठाते हुए संविधान में संशोधन किए बगैर इसे महज जुमला बताया।  आगे पढ़ें

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सवर्णों का 10 प्रतिशत आरक्षण देने का विधेयक लोकसभा में पास, आज राज्यसभा में पेश करेगी सरकार

लोकसभा में विधेयक पेश किए जाने से लेकर इसके पारित होने तक राजनीतिक हलचल तेज रही। इसकी संवेदनशीलता को देखते हुए यूं तो किसी भी दल ने इसका विरोध नहीं किया, लेकिन राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और छींटाकशी तेज रही।  आगे पढ़ें

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ओम प्रकाश राजभर ने भाजपा पर बनाया दबाव, कहा- ओबीसी आरक्षण का करें बंटवारा, नहीं तो अकेले लड़ेंगे चुनाव

चुनाव के समय ब्लैकमेलिंग के सवाल पर उन्होंने कहा, 'मैंने सड़क का ठेका या बालू, गिट्टी का पट्टा तो मांगा नहीं। हम तो इतना ही कह रहे हैं कि बीजेपी अपने साथ रखना चाहती है तो 27 फीसदी आरक्षण को तीन श्रेणियों में विभाजित करे। ब्लैकमेल करने से हमारी सरकार तो बन नहीं जाएगी। हम तो विधानसभा चुनाव में भी कम सीट पर ही लड़े थे। जो वादा किया था, उतनी सीटें नहीं मिलीं।'  आगे पढ़ें

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