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राक्षस आजम को हराएंगी आदिशक्ति रूपी जया प्रदा: अमर सिंह

अमर सिंह ने कहा, महिला के रूप में मायावती का मैं बहुत सम्मान करता हूं। वह बीजेपी के समर्थन से तीन बार मुख्यमंत्री बनी हैं। उनकी राजनीति की शुरूआत ही बीजेपी से हुई है। मायावती का मोदी से क्या मुकबला है? माया तो अपने को जागृत देवी मानकर चढ़ावा चढ़वाती हैं, लेकिन मोदी में बारे में ऐसा कोई नहीं कह सकता। अमर ने कहा कि मोदी ने सफाई कर्मचारियों के चरण धोए हैं। मायावती एक बार दलित सम्मेलन बुलाकर उनके चरण तो धो लें। पिछड़ों, अगड़ों, सवर्णों और मुसलमानों के नेता इस समय मोदी हैं। उन्हें मुस्लिम विरोधी कहना गलत है। मोदी के मुख्यमंत्रित्वकाल में एक बार दंगा हुआ। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। तथाकथित धर्मनिरपेक्ष समाजवादी पार्टी के शासन काल में तो कई बार दंगे हुए। एसपी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा, मुजफ्फरनगर में मुसलमान कटे तो अच्छा है। गुजरात में दंगे के लिए अगर मोदी जी आरोपी हैं तो अखिलेश भी दोषी हैं। यह बता दूं कि मुजफ्फरनगर दंगे के दौरान यादव परिवार सैफई में नृत्य देख रहा था। अगर मोदी गुजरात दंगे में मारे गए लोगों के हत्यारे हैं तो एसपी और यह कुनबा भी हत्यारा है।  आगे पढ़ें

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अब आजम के बेटे ने की अभद्र टिप्पणी, जयप्रदा को कहा अनारकली

रामपुर की रैली में अपने बेटे के साथ आजम खान ने कहा, 'इस वक्त जब सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की छवि खतरे में है तो मैं तो कहीं भी नहीं ठहरता और हमारा क्या होगा। मैं लोगों से लोकतंत्र और हमारे देश के संवैधानिक संस्थाओं की रक्षा करने की अपील करता हूं।' विवादित समाजवादी पार्टी नेता आजम खान ने आरोप लगाया, 'रामपुर का स्थानीय प्रशासन बीजेपी उम्मीदवार की मदद करने की पूरी कोशिश कर रहा है। वे लोग एसपी कार्यकतार्ओं के खिलाफ झूठे केस दर्ज कर रहे हैं। जो लोग मेरे समर्थन में हैं, उनके घरों में छापे मारे जा रहे हैं।  आगे पढ़ें

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आजम खान ने फिर किया अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल, मोदी-योगी के खिलाफ दिया आपत्तिजनक बयान

आजम खान ने कहा, 'तुझको मालूम है दुनिया तुझे क्या कहती है, हाथ रख लेती है कानों पर तेरे नामों के साथ। कुछ दिन और रहे गर यही हालात-ए-चमन, बैठ सकता सय्याद भी आराम के साथ।....इंकलाब है जुल्म के खिलाफ, नाइंसाफी के खिलाफ, फ्रिज से गोश्त निकालकर इंसान की जान लेने वालों के खिलाफ, जानवर के जिस्म से खाल उताकर अपने बच्चों को रोटी देने वाले, इंसानों के जिस्म से खाल उतारने वाले दरिंदों के खिलाफ, इंकलाब है ये, एक ऐसा इंकलाब जिसमें आग बरसेगी आसमान से, जिसमें जमीन से पानी उगलेगा। जालिम को उसके एक-एक जुर्म का बदला चुकाना पड़ेगा। पिछले पांच बरस हिंदुस्तान के 125 करोड़ लोग खून के आंसू रोए हैं। मजदूर रोया है, किसान रोया है, मां रोई है, बहन रोई है, बेटी रोई है, नंगा रोया है, भूखा रोया है। आओ इंतकाम लो, एक-एक आंसू का बदला लो। तुम्हारा उधार है। तुम्हारा कर्ज है।'  आगे पढ़ें

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ऐसी प्रवृत्ति के बंध्याकरण का समय

चुनाव आयोग के वर्तमान कर्ताधर्ताओं से यही अपेक्षा है कि वे बेहद गंदे हो चुके चुनावी माहौल को सुधारने के लिए कठोरतम कदम उठाएं। आजम खान, मायावती और योगी आदित्यनाथ पर लगाया गया मियादी प्रतिबंध यकीनन आशा की किरण जगाता है, लेकिन पूरा सबेरा तब ही हो पाएगा जब आयोग इन महानुभवों जैसी प्रवृत्ति के बंध्याकरण का उदाहरण पेश कर दे। यह अच्छी बात है कि अब सुप्रीम कोर्ट आयोग की शक्तियों की समीक्षा करने जा रहा है। यह भी शुभ संकेत है कि नेताओं की बहुत बड़ी जमात इस संस्था के प्रभाव के आगे नतमस्तक दिखती है। किंतु फिर भी कुछ कमी है। वरना यह संभव ही नहीं था कि आजम खान का बेटा आज यह बयान दे कि उसके पिता पर केवल मुस्लिम होने के चलते प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गयी है। या मायावती यह नहीं कह पातीं कि आयोग नरेंद्र मोदी की बजाय उनके खिलाफ कार्रवाई कर पक्षपात का परिचय दे रहा है। लिहाजा यह जरूरी है कि आयोग अपनी मौजूदा शक्तियों को ही झकझोर कर जगाये। चुनावी आचार संहिता सहित अपनी मर्यादा के खिलाफ गलत तरीके से उठने वाले एक-एक स्वर पर प्रभावी तरीके से रोक लगाये।  आगे पढ़ें

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गलत बयानबाजी के चलते चुनाव आयोग सख्त, आजम खान और मेनका को भी प्रचार से रोका

चुनाव आयोग के मुताबिक, इन दोनों नेताओं ने प्रचार के दौरान आचार संहिता का उल्लंघन किया है। बता दें कि आजम खान ने रामपुर लोकसभा सीट से बीजेपी प्रत्याशी जयाप्रदा के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के अलावा अधिकारियों को 'तनखैया' करके संबोधित किया था। आजम खान ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा था कि अधिकारियों से डरने की जरूरत नहीं है। वहीं, सुलतानपुर लोकसभा सीट से प्रत्याशी और केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने प्रचार के दौरान मुसलमानों से कहा था, 'चुनाव तो मैं जीत रही हूं, आप भी वोट दे देना वरना फिर काम कराने आओगे तब देखना।' इन्हीं बयानबाजियों को संज्ञान में लेते हुए चुनाव आयोग ने इन दोनों नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करते हुए इन्हें कुछ समय के लिए चुनाव प्रचार से बाहर कर दिया है।  आगे पढ़ें

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आजम खान पर दया आ रही है क्योंकि...

आजम ने एक बार फिर जयाप्रदा पर घनघोर आपत्तिजनक टिप्पणी की है। फिल्मों से लेकर राजनीति तक गरिमामयी सफर तय करने वाली एक महिला के अंत:वस्त्रों के रंग को लेकर बात कही है। पूरा वाकया पढ़कर लगा कि हो न हो, आजम ऊपर बताये गये जोसेफ की तरह ही स्त्रियों को लेकर किसी खास किस्म की कुंठा से ग्रस्त हैं। नारी जगत को लेकर उनके कुछ उदाहरण सुनिये। उन्होंने भारत माता को डायन कहा था। काफी पहले एक सर्किट हाउस के बाथरूम में सुराख दिखने पर उन्होंने उसकी देखरेख करने वाले स्टाफ से पूछा था, जब तुम्हारी मां-बहनें यहां नहाती हैं तो क्या इसी छेद से छुप-छुपकर उन्हें देखते हो ! उत्तरप्रदेश के बीते विधानसभा चुनाव में आजम ने मायावती पर जुबानी हमला करने की रौ में उनके आदर्श बाबा साहेब अम्बेडकर के लिए विवादित टिप्पणी की थी। इससे पूर्व वह जयाप्रदा को ठुमके लगाने वाली कह चुके हैं।read more  आगे पढ़ें

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जया प्रदा पर विवादित बयान देकर चौतरफा घिरे आजम खान, कहा- दोषी साबित हुआ नहीं लड़ूंगा चुनाव

बयान पर घिरे आजम ने जोर देकर कहा कि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया था और अगर वह दोषी साबित हुए तो चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने कहा, 'मैं रामपुर से नौ बार विधायक और एक बार मंत्री रहा हूं। मुझे पता है क्या कहना है। अगर कोई यह साबित कर दे कि मैंने किसी नाम लिया और किसी का नाम लेकर अपमान किया। अगर यह साबित होता है, तो मैं चुनाव से हाथ पीछे कर लूंगा।'  आगे पढ़ें

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राम मंदिर निर्माण को लेकर बीजेपी के समर्थन पर आजम खान का जवाब- विरोध से भी क्या होगा

आजम खान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि चंद रोज पहले फासिस्ट ताकतों को एक बड़ी हार मिली है, इस बात की हम सभी को जानकारी है। हम सबको यकीन है कि अभी देश का सेकुलरिज्म बाकी है। यह किसी पार्टी की हार और जीत नहीं हुई। इस वक्त एक विचारधारा हारी है। कौन सी विचारधारा जीती है इससे भी हमें कोई लेना देना नहीं है। जो नतीजे आए हैं उसमें सबसे मजबूत नतीजा एक ऐसे राज्य का है, जिसके बारे में खुद विरोधियों का मानना था कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सरकार छत्तीसगढ़ से खत्म नहीं हो सकती है लेकिन बीजेपी का सबसे बड़ा नुकसान छत्तीसगढ़ में हुआ है। बीजेपी के सारे अजेंडे नाकाम हो गए हैं  आगे पढ़ें

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बुलंदशहर में इस्पेंक्टर की हत्या के बाद सियासत तेज, आजम खान बोले- कौन लाया मांस के टुकड़े

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान ने इस पर सवाल खड़े करते हुए कहा है कि अगर यह वास्तव में गोकशी का मामला है तो इस बात की जांच होनी चाहिए कि वहां गोश्त (मवेशियों के मांस के टुकड़े) लाया कौन था। आजम ने कहा कि इस इलाके में अल्पसंख्यक आबादी नहीं है। बता दें कि यहां आसपास के इलाके में मवेशियों के मांस के टुकड़े मिलने से हिंसा उपजी थी। हिंसा के दौरान जवाबी फायरिंग में इंस्पेक्टर के साथ एक स्थानीय युवक सुमित की भी जान चली गई। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए एक निजी टीवी चैनल से आजम खान ने कहा, 'इस मामले में जो बात सुनने में आ रही है अगर मैं उसके बारे में बात करूंगा तो माहौल और खराब होगा।' इस दौरान उन्होंने एसआईटी और सीबीआई पर भी सवाल खड़े कर दिए।  आगे पढ़ें

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