ख़ास खबर
सिंहस्थ पर भारी सरकार के फैसले

भोपाल.आस्था के पर्व में श्रद्धालुओं की कमी ने सरकारी फैसलों पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। पहले शाही स्नान 22 अप्रैल में अपेक्षा से बहुत कम श्रद्धालुओं का उज्जैन पहुंचना सरकार की किरकिरी की वजह बन गया। व्यवस्थाएं इस तरह चरमराईं कि न केवल श्रद्धालुओं ने सरकार को झटका दिया बल्कि साधु-संतों ने भी सरकार को कोसने में कसर नहीं छोड़ी। पहले शाही स्नान की खामियों से नाखुश साधु-संतों की शिकायतों और चेतावनियों का दौर जारी रहा। यहां तक कि दूसरी पेशवाई में व्यवस्थाओं के न सुधरने पर सभी तेरह अखाड़ों ने सिंहस्थ का बायकाट करने और उज्जैन से जाने की धमकी भी सरकार को दे डाली। आनन-फानन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को उज्जैन पहुंचना पड़ा और साधु-संतों के शरणागत हो उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा न होने देने की गारंटी भी देनी पड़ी।

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अंबेडकर प्रेम के दिखावे से दूर प्रदेश
इंतजाम नाकाफी बेमौत मरते बाघ
भ्रष्टाचार और वित्तीय कुप्रबंधन ने लांघी हदें
बेनकाब हो रहे चेहरे खुल रही पोल
शराब दुकान लगाने पर महिलाओं ने किया विरोध
कुप्रबंधन ने गड़बड़ाया राज्य का बजट
खामोशी का ओढ़ा चोला
मोदी एक बार फिर बने ‘इंटरनेट स्टार’
मेरे ऊपर हमला करके ही भला हो जाए तो क्या बुरा है: कन्हैया
'भारत माता की जय' न बोलने पर ओवेसी को शर्म आनी चाहिए'
यूपी की बागडोर संभालें प्रियंका :दिग्विजय सिंह
शर्म करो साध्वियों से प्यार करते हो : साध्वी प्राची
कांग्रेस में ‘चेहरा’ बनने की जुगत
जेएनयू विवाद का असर! बदल सकता है देशद्रोह कानून, हो रही है समीक्षा


फर्स्ट कॉलम (प्रकाश भटनागर)

आरक्षण का नया अध्याय...


 

गुजरात सरकार ने आरक्षण को लेकर एक नए अध्याय की शुरुआत कर दी है। पटेल आरक्षण आंदोलन के दबाव के मद्देनजर गुजरात की भाजपा सरकार ने सामान्य वर्ग में पाटीदारों सहित आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की घोषणा शुक्रवार को कर दी। इस घोषणा के अनुसार छह लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले परिवार आरक्षण के पात्र होंगे। यह निर्णय पार्टी की राज्य इकाई के कोर ग्रुप की बैठक में लिया गया, जिसमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी शामिल हुए। इस निर्णय से सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय की गई 50 प्रतिशत की आरक्षण सीमा का उल्लंघन होगा लेकिन राज्य सरकार ने कहा कि वह इस मुद्दे को लेकर गंभीर है और इसके लिए कानूनी रूप से लड़ेगी।

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प्रमुख खबरें

तलाक-तलाक-तलाक कहना अन्याय :साक्षी महाराज


 

उन्नाव: भाजपा सांसद साक्षी महाराज अपने विवादित बयानों से चर्चा में रहते हैं। अब उन्होंने मुस्लिम महिलाओं के पक्ष में बयान दिया है। साक्षी महाराज ने मुस्लिम धर्म में तलाक की परम्परा पर सवाल उठाते हुए कहा कि ये मुस्लिम महिलाओं के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि 3 बार तलाक-तलाक कहने से तलाक नहीं होता। ऐसा नहीं होना चाहिए यह परम्परा बिल्कुल गलत है। मुस्लिम महिलाओं को पुरुषों के बराबर अधिकार मिलने चाहिए। वहीं दूसरी तरफ साक्षी महाराज ने तृप्ति देसाई के संघ में महिलाओं को शामिल किए जाने की अपील का समर्थन करते हुए कहा कि संघ का कार्यकर्त्ता पूरी तरह राष्ट्र को समर्पित है। उन्होंने कहा कि जैसे बीते युग में भगवान अवतार लेते थे उसी तरह कलयुग में भी भगवान ने संघ के रुप में अवतार लिया है।

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मध्यप्रदेश

लोगों की जिंदगी में उजाला लायेगी, उजाला योजना - मुख्यमंत्री श्री चौहान


 

भोपाल : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि उजाला योजना लोगों की जिंदगी में उजाला लायेगी। इससे उपभोक्ताओं और ऊर्जा विभाग दोनों की बचत होगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहाँ मुख्यमंत्री निवास में उजाला (ऊर्जा दक्ष एल.ई.डी. बल्ब वितरण योजना) के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह में केन्द्रीय ऊर्जा एवं कोयला राज्य मंत्री श्री पीयूष गोयल ने कहा कि उजाला योजना देश की ऊर्जा सुरक्षा की महत्वाकांक्षी योजना है। इससे ऊर्जा की बचत होगी और प्रदूषण कम होगा। कार्यक्रम में सांकेतिक रूप से छह नागरिकों को एल.ई.डी. बल्ब वितरित किये गये।

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सियासी तर्जुमा

सूखे ने बढ़ाई समस्याएं


 

भोपाल , केंद्र सरकार की पहल पर शुरू हुआ ग्रामोदय से भारत उदय अभियान एक नई चुनौती के रूप में सामने है। चुनौती इसलिए भी कि बीते दो साल में केंद्र खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बातों की पत्थर की लकीर मान कर काम करती रही राज्य सरकार श्री मोदी के इस महती अभियान में भी पिछड़ना नहीं चाहती। इधर,सूखे की मार इोल रहे प्रदेश के ग्रामीण इलाकों के हालात इस कदर खराब हैं,कि स्थानीय जन प्रतिनिधि गांवों की ओर रुख करने से कतरा रहे हैं। विधानसभा के बीते बजट सत्र में भी सूखे व जलसंकट को लेकर विधायकों का गुस्सा उजागर हुआ तो अब अभियान के तहत ग्रामीण इलाक ों में पहुंचने की जिम्मेदारी मिलने पर मंत्री व अफसर न केवल टालमटोल कर रहे हैं बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति व दीगर व्यवस्थाओं के जिम्मेदार दो कबीना मंत्रियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुुरू हो गया है।

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मनोरंजन

ओबामा और मिशेल से मिली प्रियंका चोपड़ा


 

मुंबई: बॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा इस वीकेंड (रविवार) को व्हाइट हाउस करसपोंडेंट डिनर में शिरकत करेंगी। प्रियंका के अलावा डिनर में विल स्मिथ, जाडा पिनकेट स्मिथ, केरी वाशिंगटन, शोंडा राइम्स, किम करदाशियां की मॉडल बहन केंडल जेनर समेत हॉलीवुड की अन्य नामचीन हस्तियां हिस्सा लेंगी। वहीं प्रियंका ने ट्वीट किया कि ओबामा और मिशेल से मिलकर काफी अच्छा लगा। इसके लिए उन्होंने थैंक्यू कहा। बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने प्रियंका को डिनर का न्यौता भेजा था। ओबामा हर साल व्हाइट हाउस में डिनर का एक खास प्रोग्राम रखते हैं। बराक ओबामा और वॉशिंगटन में फर्स्ट लेडी मिशेल ओबामा इस डिनर में मेजबान होंगे।

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सिंहस्थ

श्रद्धालुओं के लिए हमें ही व्यवस्था संभालनी होगी - अवधेशानंद गिरी


 

उज्जैन / भूल जाइए अतीत में क्या हुआ। मेले में श्रद्धालुओं की मौजूदगी दिखाई देने लगी है। अब और शिथिलता बरतनी चाहिए। मेले को सफल बनाना हम सबका कर्तव्य है। श्रद्धालुओं को तकलीफ न हो, यही कुशल प्रशासनिक व्यवस्था है। यह मशविरा जूना अखाड़ा के पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि ने अधिकारियों को दिया है। इलाहाबाद, हरिद्वार, नासिक कुंभ के तुलनात्मक अध्ययन के बाद सिंहस्थ को लेकर उन्होंने कहा कि पहले के सिंहस्थ में इतनी अपेक्षाएं नहीं थी। अब अपेक्षाएं दो तरफ से हैं। एक श्रद्धालु और दूसरे संत। श्रद्धालु यहां शांति, मोक्ष, ज्ञान और पुण्य अर्जित करने आ रहे हैं, संत देने आए हैं। उनकी अपेक्षा सिर्फ इतनी है कि यहां लोग आएं। स्वामीजी कहते हैं कि जब व्यवस्थाएं बनाने की बात आए तो नीचे वालों के भरोसे नहीं रहना चाहिए। सूत्र यही कहता है कि पहला प्रयास वरिष्ठों को करना चाहिए। आश्रम में इसका उदाहरण देखने को भी मिला।

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विश्लेषण

सवाल, बुर्का तन पर या ज़ेहन पर !


 

क्या बुर्का मुस्लिम महिलाओं की तरक्की पर लगा स्पीड ब्रेकर है? समाज से नहीं उठा है ये सवाल। इस सवाल की जमीन सोशल मीडिया है। लेकिन सोशल मीडिया पर शुरू हुआ बुर्का वार अब समाज तक भी पहुंच रहा है। इस वार की जमीन एक पोस्ट है। लुबना गजल नाम की एक प्रोफाइल पर ये पोस्ट डाली गई थी। लुबना ने लिखा, बुर्के की अनिवार्यता की वजह से मुस्लिम औरतें उस किसी भी फील्ड में करियर नही बना सकती जहां यूनीफॉर्म अनिवार्य है। मुस्लिम औरतें काबिल हैं इसमे कोई शक नहीं बुर्के के साथ ही कुछ एक गिने चुने फील्ड में अपना परचम लहरा रही हैं लेकिन हर फील्ड में अपनी काबिलियत नहीं दिखा पा रही हैं।

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शख्सियत

फिर टूट गई थीं इंदिरा भी


 

देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के अपने पति से रिश्ते अच्छे नहीं थे। इंदिरा ने गुजराती पारसी फिरोज गांधी से शादी की थी, लेकिन उसके बाद जो हालात बने, उन्होंने दोनों के रिश्ते में खटास पैदा कर दी। इंदिरा इलाहाबाद से ही फिरोज को जानती थीं, लेकिन ब्रिटेन में रहने के दौरान दोनों की अक्सर मुलाकात होती। फिरोज वहां लंदन स्कूल आॅफ इकोनॉमिक्स में पढ़ रहे थे। 16 साल की उम्र में ही इंदिरा फिरोज का पहला प्रपोजल ठुकरा चुकी थीं लेकिन इसके तीन साल बाद 1936 में मां की मौत ने उन्हें बहुत उदास कर दिया। तब उन्हें फिरोज के कंधों का सहारा मिला और दोनों में करीबी बढ़ी। देहरादून जेल में इंदिरा ने अपने पिता (नेहरू) को फिरोज से शादी करने के अपने फैसले के बारे में बिना भावुक हुए बताया।

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