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दिल्ली में गठबंधन को लेकर राहुल ने नहीं छोड़ी उम्मीद, केजरीवाल ने कहा- अब संभव नहीं

आम आदमी पार्टी सुप्रीमो ने कहा कि आज कांग्रेस के टॉप लीडर भी मान रहे हैं कि हरियाणा में सब बीजेपी जीत रही है। अगर गठबंधन कर लेते तो हरियाणा में कम से कम 8 सीटें और चंडीगढ़ की सीट बीजेपी हारती। अब कांग्रेस कह रही है कि सिर्फ दिल्ली में कर लो। ये वह तीन सीटें भी हमसे लेकर बीजेपी को गिफ्ट करना चाहते हैं। दिल्ली में हम सातों सीटों पर अच्छी टक्कर में हैं तो फिर हम इनसे सिर्फ दिल्ली में गठबंधन क्यों करें केजरीवाल ने कहा कि हम संघर्ष से निकली पार्टी हैं, हम सातों सीटों पर लड़कर बीजेपी को हराएंगे।   आगे पढ़ें

फर्स्ट कॉलम (प्रकाश भटनागर)और भी

राज्य और भी

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हेमंत करकरे के बयान पर दिग्गी ने संघ के खिलाफ खोला मोर्चा, कहा- जिसको शहीद पसंद नहीं वह शैतान

भोपाल से कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह ने शहीद हेमंत करकरे को लेकर आरएसएस के बयान पर संघ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सिंह ने सुबह एक के बाद एक तीन ट्वीट किए, जिसमें उन्होंने यह तक कह दिया कि शहीद संघ को पसंद नहीं है तो वह शैतान हो जाता है। दिग्विजय सिंह ने सुबह करीब दस बजे ये ट्वीट किए। उन्होंने लिखा कि शहीद करकरे के विरुद्ध संघ के लोगों के बयान से साफ है कि उनके लिए 'भारत माता' नहीं संघ सब कुछ है   आगे पढ़ें

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ऊर्जा विभाग को छिंदवाड़ा में मुख्यमंत्री निवास की सप्लाई बनी चुनौती, डीई को भेजा अवकास पर

सरकार के निर्देश पर नागेश्वर ने अर्जित अवकाश तो ले लिया, लेकिन जिला प्रशासन द्वारा लगाई गई चुनाव ड्यूटी उन्हें करना होगी। कलेक्टर ने कहा कि चुनाव के दौरान किसी तरह का अवकाश नहीं दिया जा सकता है। आचार संहिता के दौरान डीई पर की गई इस कार्रवाई से चुनाव आयोग की अनुमति भी नहीं ली गई।   आगे पढ़ें

राजनीतिऔर भी

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रायबरेली दौरे पर गईं प्रियंका ने स्मृति पर बोला हमला, कहा- जूते बांटकर अमेठी की जनता का अपमान किया

प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, 'ये स्मृति ईरानी जी यहां आई और उन्होंने जूते बांटे, ये कहने के लिए कि इनके पास जूते भी नहीं है पहनने के लिए। ये सोच रहे हैं कि राहुल जी का अपमान कर रही है, ये अमेठी की जनता का अपमान कर रही हैं।' उन्होंने यह भी कहा, 'अमेठी और रायबरेली के लोग अपना सम्मान करते हैं, वे किसी के सामने भीख नहीं मांगेगे। भीख मांगेंगे तो वो आए आपके सामने वो मांगे भीख वोटों की। तो आप समझ लीजिए कि इसे चुनाव में क्या हो रहा है। चाहे अमेठी में, चाहे पूरे देश में। झूठ, जनता को गुमराह करने के तरीके, ऐसा प्रचार जो असलियत से दूर है।   आगे पढ़ें

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अब आजम के बेटे ने की अभद्र टिप्पणी, जयप्रदा को कहा अनारकली

रामपुर की रैली में अपने बेटे के साथ आजम खान ने कहा, 'इस वक्त जब सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की छवि खतरे में है तो मैं तो कहीं भी नहीं ठहरता और हमारा क्या होगा। मैं लोगों से लोकतंत्र और हमारे देश के संवैधानिक संस्थाओं की रक्षा करने की अपील करता हूं।' विवादित समाजवादी पार्टी नेता आजम खान ने आरोप लगाया, 'रामपुर का स्थानीय प्रशासन बीजेपी उम्मीदवार की मदद करने की पूरी कोशिश कर रहा है। वे लोग एसपी कार्यकतार्ओं के खिलाफ झूठे केस दर्ज कर रहे हैं। जो लोग मेरे समर्थन में हैं, उनके घरों में छापे मारे जा रहे हैं।   आगे पढ़ें

सियासी तर्जुमा

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तेरा निजाम है, सिल दे जुबाने-कायर को....

इस माहौल में नैतिकता का तत्व तलाशना चील के घोंसले में मांस की खोज जैसा निरर्थक प्रयत्न बन चुका है। लेकिन सार्वजनिक जीवन में मोहम्मद आजम खान जैसी घोर अनैतिकता तो भोजन करते समय किसी का मल दिख जाने जैसी असहनीय है।   आगे पढ़ें

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तेरा निजाम है, सिल दे जुबाने-कायर को....

देश की राजनीति यूं भी अधोपतन के चरम तक पहुंच चुकी है। इस माहौल में नैतिकता का तत्व तलाशना चील के घोंसले में मांस की खोज जैसा निरर्थक प्रयत्न बन चुका है। लेकिन सार्वजनिक जीवन में मोहम्मद आजम खान जैसी घोर अनैतिकता तो भोजन करते समय किसी का मल दिख जाने जैसी असहनीय है।   आगे पढ़ें

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शख्सियतऔर भी

नज़रिया और भी

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तो सवाल यह है कि सवालों से डरता कौन है?

मनन कीजिए कि दुनिया में यदि कुछ भयंकर है तो वो सवाल है और कुछ मुश्किल है वह है जवाब देना । कयामत के दिन ईश्वर को जवाब देना है,घर जाकर पिताजी को या पत्नी को। बॉस या मालिक नामक प्राणी का तो अस्तित्व ही जवाब मांगने पर टिका हुआ है । read more   आगे पढ़ें

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ग्वालियर का एयरबेस, खमरिया के बम और हमारी अवनि चतुर्वेदी

मैं उन बौद्धिकों की बात नहीं करता जो हमारे जवानों पर थूकने, पत्थर बरसाने वालों के भी मानवाधिकार का परचम थामें इंडिया इंटरनेशनल में प्रेसकांफ्रेंस संबोधित करते हैं और सुप्रीमकोर्ट में याचिकाओं का बोझ बढ़ाते हैं। बहरहाल ग्वालियर और जबलपुर के लिए गौरव का ये क्षण तो है ही अपने विंध्यवासियों के लिए भी कम नहीं। सोशलमीडिया पर रीवा की बेटी अवनि चतुर्वेदी की फोटो तैर रही है- कि आतंकियों का काम तमाम करने वाली टुकड़ी की कमान उसके हाथों में थी। इसे आप भावनाओं का महज प्रकटीकरण भी कह सकते हैं। बालाटोक स्ट्राइक में कौन थे..कौन नहीं यह तो उस आपरेशन के सुप्रीम कमांडर ही जानते हैं..। कभी उचित समय पर हो सकता है कि इन वीर जाँबाजों के परिचय को देश के साथ साझा करें। लेकिन अवनि जैसी बेटियों के पराक्रमी क्षमता के स्मरण का अवसर तो बनता ही है। read more   आगे पढ़ें

विश्लेषणऔर भी

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‘श’ और ‘स‘ के फर्क में पिसता मुल्क

वैसे देखा जाए तो राजनीतिक दलों के अधिकांश गठबंधन शराब भी होते हैं और उनमें सराब वाली फितरत भी होती है। जनता पार्टी से शुरू कीजिए। मोरारजी भाई की सरकार लोकतंत्र की सेहत के लिए किसी शराब की तरह घातक साबित हुई और देश की जनता के लिए कांग्रेस के विकल्प के नाम पर सराब की तरह छलावा मात्र बन गयी। कांशीराम और मुलायम सिंह यादव के वर्चस्व वाले दौर में उत्तरप्रदेश में हाथी तथा सायकिल का साथ शराब के हैंगओवर की तरह वहां की जनता का सिर दर्द बन गया और आज एक बार फिर सराब की भांति मायावती और अखिलेश यादव की जुगलबंदी मतदाता को फिर भरमाने का जतन शुरू कर चुकी है। बिहार में नीतिश कुमार ने लालू प्रसाद यादव से गठबंधन तोड़कर इस शराब से पिंड छुड़ाया और फिर सारे दिखावों को दरकिनार कर एक बार पुन: एनडीए की गोद में जा बैठे।   आगे पढ़ें

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क्या ये तर्क कयासों से परे नहीं हैं.....

रही बात असिहष्णुता और साम्प्रदायिकता की खाई की, जो एज़ पर विपक्षी दल, बढ़ी है, तो उनके लिए बस यह कहना है कि इन पांच सालों और उससे पहले के पांच सालों के आंकड़े उठा कर देख लें कि किस वक्फे में दंगे ज़्यादा हुए हैं। हां यह ज़रूर है कि बीते पांच सालों में हमने बायस्ड पत्रकारिता की नई मिसालें कायम होती देखी हैं। नेता, अभिनेता, पत्रकार, आम लोग, सबके चेहरों से नकाब उतर गए हैं। पहले हम जिन पर आंख मूंद कर विश्वास कर लेते थे उनसे अब सोशल मीडिया के ज़रिए सीधे सवाल कर रहे हैं तो हाल यह है कि अब तक जो शान्त और बौद्धिक नज़र आते थे, वो अब बदले बदले से सरकार नज़र आने लगे हैं। बाकी, अन्तिम फैसला तो हम पर ही हैं कि हम किसे अपनाएंगे और किसे ठुकरा देंगे। मई की गर्मी में सब क्लीयर हो जाएगा...पर मेरी दुआएं उनके साथ हैं, जिन्होंने इस देश में जबरदस्त बदलाव की नींव रखी है और नामुमकिन को मुमकिन करने का भरोसा दिया है.. read more   आगे पढ़ें

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